Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

माइग्रेन और सिर दर्द दूर करने में मददगार है सोहम मुद्रा, और भी हैं इसके फायदे

योगा By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 20, 2018
माइग्रेन और सिर दर्द दूर करने में मददगार है सोहम मुद्रा, और भी हैं इसके फायदे

आज हम आपको तनाव और सिर दर्द से छुटकारा पाने के लिए सोहत मुद्रा के लाभ के बारे में बता रहे हैं। यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसके नियमित अभ्यास से आपका सारा तनाव और सिर दर्द दूर हो जाएगा।

Quick Bites
  • माइग्रेन की समस्या आजकल बहुत आम हो गई है।
  • ब्रेन और नर्वस सिस्टम के लिए यह बहुत अच्छा है।
  • नियमित अभ्यास से सारा तनाव और सिर दर्द दूर होता है।

माइग्रेन, तनाव और सिर दर्द एक ऐसी समस्या है जो आजकल बहुत आम हो गई है। कई बार आपने लोगों को कहते सुना होगा कि आज सुबह मुझे बहुत तेज़ चक्कर आया और मैं गिरते-गिरते बचा, कई बार आंखों के सामने बिलकुल अंधेरा छा जाता है या चलते वक्त ऐसा लगता है कि कदमों पर नियंत्रण नहीं है। दरअसल ये लक्षण हमें इस बात के प्रति आगाह करते हैं कि हमारे शरीर की, खासतौर पर ब्रेन और नर्वस सिस्टम की स्वाभाविक क्रियाओं में कोई न कोई गड़बड़ी है। इसलिए चक्कर आने पर लोग अक्सर डॉक्टर से सलाह लेते हैं जो सही भी है। लेकिन आज हम आपको तनाव और सिर दर्द से छुटकारा पाने के लिए सोहत मुद्रा के लाभ के बारे में बता रहे हैं। यह एक ऐसा प्राणायाम है जिसके नियमित अभ्यास से आपका सारा तनाव और सिर दर्द दूर हो जाएगा।

क्या है सोहम मुद्रा

यह एक ऐसी मुद्रा है जो शरीर के सभी अंगों को फिर से चार्ज करने का साहस रखती है। अगर इस मुद्रा के साथ सांस भरते हुए ऊँ की लम्बी ध्वनी की जाए, तो नाभि से मस्तिष्क तक कम्पन होता है और मस्तिष्क की कोशिकाएं जागृत होती हैं। इसे करने के लिए अपने दोनों हाथों को जांघों पर रखकर अंगूठे के शीर्ष को कनिष्ठा की जड़ में लगाएं। अब धीरे-धीरे सांस लें और इसी मुद्रा में अपनी मुट्ठी को बंद कर लें। अब इसी मुद्रा में ऊँ की लम्बी ध्वनि को सात बार तक करें और बाएं कान को बंद कर के सिर्फ दाएं कान से सुनें। धीरे-धीरे सांस बाहर करते हुए पेट की मांसपेशियों को संकुचित करें और उड्डियान बंध लगाएं। अब अपने हाथ खोलकर अपने हाथ-पैरों को तानें और कल्पना करें कि आप अवसादमुक्त हो रहे हैं। न्यूनतम 7 और अधिकतम 49 बार। इस मुद्रा से मस्तिष्क की सभी कोशिकाएं जागृत होंगी। जिससके चलते आपका तनाव और सिर दर्द हमेशा के लिए दूर हो जाएगा।

माइग्रेन के लक्षण

  • माइग्रेन के दर्द में व्‍यक्ति को मितली और उल्‍टी आती है। मितली और उल्‍टी के कारण रोगी का स्‍वभाव चिड़चिड़ा हो जाता है।
  • थोड़ी-थोड़ी देर में मूड बदलना भी माइग्रेन रोगी का लक्षण होता है। जानकारों के मुताबिक कई रोगियों में देखा जाता है कि वह अचानक तनाव में आ जाते हैं, और थोड़ी देर बाद ही बिना किसी कारण के नॉर्मल हो जाते हैं। इसके अलावा माइग्रेन रोगी में चिड़चिड़ेपन की भी समस्‍या पाई जाती है और ऐसे व्‍यक्ति उत्‍तेजित भी हो जाते हैं।
  • माइग्रेन से ग्रस्‍त महिलाओं और पुरुषों को गहरी नींद नहीं आती। कई अध्‍ययनों से साफ हो चुका है कि माइग्रेन पीड़ि‍त व्‍यक्तियों को लगातार नींद नहीं आती। एक बार नींद खुल जाने पर ऐसे व्‍यक्ति को दोबारा नींद आने में बहुत परेशानी होती है।
  • माइग्रेन के कुछ रोगियों में नाक और आंखों से लगातार पानी आने के लक्षण भी पाये जाते हैं। यदि आपको आंखों और नाक से पानी आने की समस्‍या है, तो आपको माइग्रेन की समस्‍या हो सकती है। साथ ही ऐसे व्‍यक्ति के आंखों में दर्द भी होता है।
  • धड़कन के साथ में होने वाला सिर दर्द भी माइग्रेन का ही लक्षण है। यह दर्द सिर के एक तरफ या दोनों तरफ भी हो सकता है। ऑनलाइन सर्वे में साफ हो चुका है कि 50 फीसदी माइग्रेन रोगियों के एक साइड में सिर दर्द होता है, जबकि 34 फीसदी के दोनों साइड में सिर दर्द होता है।
  • बहुत से लोगों को गर्दन के दर्द के बाद सिर दर्द की शिकायत होती है। जानकारों के मुताबिक यह माइग्रेन का शुरुआती लक्षण होता है। सर्वे से पता चला है कि 31 फीसदी माइग्रेन रोगियों को पहले गर्दन में दर्द की शिकायत हुई उसके बाद उन्‍हें माइग्रेन की समस्‍या हुई।
  • माइग्रेन की समस्‍या में होने वाला सिर दर्द सुबह को सूरज निकलने के साथ होता है, इसके बाद यह शाम के समय होता है। यह दर्द कम से कम चार घंटे और अधिकतर 72 घंटे यानी तीन दिन तक रह सकता है। शारीरिक श्रम करने से भी यह दर्द बढ़ता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Yoga In Hindi

Written by
Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 20, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK