धूम्रपान की आदत भी बन सकती है गठिया का कारण, जानें कैसे

Updated at: Jul 04, 2017
धूम्रपान की आदत भी बन सकती है गठिया का कारण, जानें कैसे

अगर आप चेन स्मोकर हैं तो सतर्क हो जाएं क्योंकि ध्रुमपान की आदत से केवल फेफड़े ही नहीं हड्डियां भी खराब होती है।

Gayatree Verma
अर्थराइटिस Written by: Gayatree Verma Published at: Jul 04, 2017

स्मोकिंग से हमें क्या-क्या नुकसान हैं...???
फेफड़े खराब हो जाते हैं।
कैंसर की संभावना होती है।


लेकिन


क्या आपको मालुम है ध्रुमपान से हड्डियां भी खराब हो सकती है। हाल ही में हुए एक अध्ययन में पुष्टि हुई है कि जो व्यक्ति बचपन में ध्रुमपान करते हैं या ध्रुमपान करने वाले के आसपास रहते हैं, उनके युवावस्थ तक आने पर उनमें र्यूमेटॉइड आथ्र्राइटिस (संधिवात या गठिया) का खतरा पैदा हो जाता है।

 

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एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि र्यूमेटॉइड आथ्र्राइटिस एक तरह से सूजन संबंधी एक दीर्घकालीन विकार है, जो शरीर के जोड़ों व मांसपेशियों, खासकर हाथ व पैरों के ज्वाइंट्स को सबसे अधिक प्रभावित करता है।


अध्ययन के अनुसार जो लोग बचपन में ध्रुमपान करते थे या धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहे, उनमें गठिया के होने का खतरा बचपन में धूम्रपान न करने वालों की तुलना में 1.73 फीसदी अधिक था।

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यह अध्ययन फ्रांस की यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल्स ऑफ साउथ पेरिस ने किया है। प्रोफेसर और इस अध्ययन की प्रमुख लेखिका रैफैले सेरर ने कहा, “हमारा शोध किसी भी प्रकार के तंबाकू वाले वातावरण, खासकर उन परिवारों में, जिनमें र्यूमेटॉइड आथ्र्राइटिस मामले पहले से मौजूद हैं, वहां से बच्चों को दूर रखने पर जोर देता है।”
इस अध्ययन के परिणाम यूरोपियन कांग्रेस ऑफ र्यूमेटोलॉजी (यूलार) 2017 की वार्षिकी में प्रकाशित हुए हैं।

 

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इसके अलावा, एक अन्य मामले में धूम्रपान करने वाले मरीजों की रीढ़ की हड्डी में अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस होने की संभावना भी जताई गई है। अध्ययनकर्ताओं के अनुसार, “धूम्रपान के कारण कई नई गैरजरूरी हड्डियां भी शरीर बनने लगती हैं। इस बीमारी को सिंडेसमोफाइटिस कहते हैं।”


तुर्की की इजमिर कतीप सेलेबी यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर सेरवेट अकार ने कहा, “धूम्रपान न केवल बीमारियों की संवेदनशीलता के लिए, बल्कि एएस के साथ मरीजों में रोगों की तीव्रता बढ़ाने में एक बड़ा खतरा होता है।”

 

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