• shareIcon

स्‍मोकिंग से महिला नहीं बल्कि पुरुषों को जल्‍दी होता है सीओपीडी रोग, जानें क्‍या है ये बीमारी और इसके लक्षण

पुरुष स्वास्थ्य By अतुल मोदी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 10, 2019
स्‍मोकिंग से महिला नहीं बल्कि पुरुषों को जल्‍दी होता है सीओपीडी रोग, जानें क्‍या है ये बीमारी और इसके लक्षण

एम्फिसीम (वातस्फीति) और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस दो प्रकार के क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज हैं और दोनों ही आमतौर पर धूम्रपान के कारण होते हैं। धुएं में विषाक्त पदार्थों के कारण, फेफड़े के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जात

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) एक क्रॉनिक इंफ्लेमेटरी लंग डिजीज है, जो फेफड़ों से हवा के बहाव को बाधित करती है। लक्षणों में सांस लेने में कठिनाई, खांसी, बलगम (थूक) का उत्पादन और घरघराहट शामिल हैं। यह लंबे समय तक एक्सपोजर गैसों या सूक्ष्म कणों के कारण होता है, जो कि ज्यादातर सिगरेट के धुएं से होता है। सीओपीडी वाले लोगों में निमोनिया, हृदय रोग, फेफड़ों के कैंसर और कई अन्य स्थितियों के विकास का खतरा होता है। एम्फिसीम (वातस्फीति) और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस दो प्रकार के क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज हैं और दोनों ही आमतौर पर धूम्रपान के कारण होते हैं। धुएं में विषाक्त पदार्थों के कारण, फेफड़े के ऊतक क्षतिग्रस्त हो जाते हैं और सांस की हवा से ऑक्सीजन को रक्त प्रवाह में स्थानांतरित करने की अपनी क्षमता खो देते हैं। 

 

सीओपीडी के लक्षण

सीओपीडी लक्षण अक्सर तब तक प्रकट नहीं होते हैं जब तक कि पूरी तरह से फेफड़ों की क्षति नहीं हुई हो। हालांकि वे आमतौर पर समय के साथ खराब हो जाते हैं, खासकर अगर धूम्रपान करना जारी रहता है। क्रोनिक ब्रोंकाइटिस के के मुख्‍य लक्षण में रोजाना की खांसी और बलगम का उत्पादन शामिल है यह लगातार दो साल तक या कम से कम तीन महीने तक होता है।

सीओपीडी के अन्य लक्षणों और लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

  • सांस की तकलीफ, खासकर शारीरिक गतिविधियों के दौरान
  • घरघराहट
  • सीने में जकड़न
  • आपके फेफड़ों में अतिरिक्त बलगम 
  • एक पुरानी खांसी जो बलगम (थूक) का उत्पादन कर सकती है जो स्पष्ट, सफेद, पीले या हरे रंग की हो सकती है
  • होंठ या नाखूनों का नीलापन (सायनोसिस)
  • बार-बार श्वसन संबंधी संक्रमण
  • शक्ति की कमी
  • वजन में कमी (बाद के चरणों में)
  • टखनों, पैरों या पैरों में सूजन

सीओपीडी के कारण 

विकसित देशों में सीओपीडी का मुख्य कारण तंबाकू धूम्रपान है। विकासशील देशों में, सीओपीडी अक्सर खराब हवादार घरों में खाना पकाने और हीटिंग के लिए जलने वाले ईंधन से धुएं के संपर्क में आने वाले लोगों में होता है। केवल 20 से 30 प्रतिशत लोग जो लंबे समय से धूम्रपान कर रहे हैं उनमें स्‍पष्‍ट रूप से सीओपीडी विकसित हो सकता है। हालांकि लंबे धूम्रपान इतिहास वाले लोगों में धूम्रपान से फेफड़ों के कार्यों में बाधा पैदा करते हैं। जबकि कुछ धूम्रपान करने वालों में आम फेफड़ों की स्थिति विकसित होती है। हालांकि इसके लिए बिना गहन अध्‍ययन के सही नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता है।  

इसे भी पढ़ें: लिखने और बोलचाल की भाषा समझने में परेशानी होना हिस्‍लेक्सिया के हैं संकेत, जानें इसके कारण और निदान

किन लोगों को हो सकता है सीओपीडी रोग  

  • धूम्रपान करने वालों के संपर्क में रहने वालों को ये समस्‍या हो सकती है। 
  • जो लोग अस्‍थमा से पीडि़त हैं और स्‍मोक करते हैं।
  • ऐसे लोग जो केमिकल और धुएं युक्‍त फैक्ट्रियों के आस-पास रहते हैं। 
  • भट्टी, चिमनी या धूं-धूकर जलने वाली चीजों के बीज रहने वाले लोगों को। 
  • ये बीमारी 40 साल की उम्र में ज्‍यादा देखने को मिलती है। महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में इसके होने का खतरा अधिक रहता है। 
  • यह आनुवंशिक कारणों से भी हो सकता है। 
ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप
Read More Articles On Men's Health In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK