कार में रात भर AC चलाकर सोने से हुई एक आदमी की मौत, जानें बंद कार में सोना क्यों है खतरनाक

Updated at: Oct 14, 2020
कार में  रात भर  AC चलाकर सोने से हुई एक आदमी की मौत, जानें बंद कार में सोना क्यों है खतरनाक

जब आप अपनी कार में सो रहे होते हैं, तो आप शायद ही कार के तापमान के स्तर यानी कि हीट-अप के बारे में जानते होंगे। ये भी शरीर के लिए खतरनाक है।

Pallavi Kumari
लेटेस्टWritten by: Pallavi KumariPublished at: Oct 14, 2020

कार में सोना (Sleeping In Car)हम सभी के लिए कोई नई बात नहीं है। हम अक्सर ट्रेवल करते वक्त या लेट नाइट पार्टी बाद कार में सो जाते हैं। पर आपको जान कर है हैरानी होगी कि इस आदत के कारण आपकी मौत भी (Sleeping In Car Is Harmful For Health) हो सकती है। जी हां, इसे सुन कर परेशान न हो क्योंकि ये सचमुच की एक घटना है। दरअसल नोएडा के सेक्टर 107 में  शराब पीने के बाद एक शख्स कार का एसी चलाकर अंदर ही सो गया। उसके बाद रात भर एसी चलने के कारण दम घुटने से उसकी मौत हो गई।  इस घटना के बाद समझने वाली बात ये कि जिन लोगों को इस तरह की आदत है, उनके लिए ये जानलेवा हो सकता है। वो कैसे, आइए हम आपको हेल्थ के एंगल से समझाते हैं। 

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बंद कार में कार्बन मोनोऑक्साइड जहर का काम करता है

कार में एसी ऑन करके रहने का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि इसके कारण व्यक्ति को फ्रेश ऑक्सीजन नहीं मिल पाती है। वहीं कार्बन डाइऑक्साइड पूरे सारे में रिसाइकल हो होकर घुमता रहता है। पर सबसेयज्यादा जानलेवा  कार्बन मोनोऑक्साइड है, जो कि अक्सर कार में सोने वाले लोगों की मौत का कारण होता है। दरअसल ये आपकी कार के बाहर धुएं के साथ निकलने वाला मुख्य घटक है, जो कि कार बंद होने के कारण आपके केबिन में बड़ी मात्रा में जमा हो जाता है। कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ समस्या यह है कि ये गंधहीन गैस है और इसलिए आपको एहसास भी नहीं होगा कि आप सांस लेने के साथ कितना जहर अंदर ले रहे हैं और धीमे-धीमे ये आपकी जान ले लेता है।

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क्यों खतरनाक है कार में एसी ऑन करके सोना  (Sleeping In Car Effects On Health)?

कार में सोते हुए मौतों का एक बड़ा कारण कार में एयर कंडीशनर की खराबी भी है। दरअसल अगर आपकी कार का एसी खराब है, तो ये अंदर की हवा को पूरी तरह से ताजा नहीं कर पाएगा और इससे कार्बन डाइऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड का स्तर बढ़ जाएगा। इस तरह ये कार्बन मोनोऑक्साइड कार में सोए हुए व्यक्ति को मार भी सकता है।

कार्बन मोनोऑक्साइड का आपके शरीर पर असर

कार्बन मोनोऑक्साइड आपकी कोशिकाओं तक ऑक्सीजन ले जाने की ब्लड की क्षमता को कम कर देता है और ऑक्सीजन की कमी के कारण लोग मर जाते हैं। कुछ का तर्क हो सकता है कि खिड़कियां खुली रखने से कार्बन मोनोऑक्साइड संचय को रोका जा सकता है। लेकिन यह केवल आंशिक रूप से मदद करेगा। शोधकर्ताओं ने ड्राइवरों को लंबी अवधि के लिए कार के अंदर सोने से बचने की सलाह दी है। इसके बजाय एक कार के बाहर एक छोटा ब्रेक ले सकते हैं जहां हवा अधिक ताजा है।

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कार में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए क्या करें?

  • -ड्राइवरों को अक्सर सलाह दी जाती है आप केवल आपातकालीन स्थिति में ही कार में सोएं पर आम लोगों को इसे पूरी तरह से करने से बचना चाहिए।
  • - साथ ही जब आप जाग रहे हों तब भी आपको लंबे समय तक गाड़ी चलाते समय ब्रेक लेना चाहिए।
  • -हमेशा खिड़की बंद करके गाड़ी न चलाएं।
  • -एसी चेक करवाते रहें, खास कर जब आप लंबी दूरी पर कहीं दा रहे हों।
  • -आप अपनी कार में कोई बेंच या कुछ ऐसा रखें कि आपात स्थिति में आप उसे बाहर लगाकर सो पाएं।

नोएडा की घटना बेहद दुखद है और ये हमें सीख देती है कि हम और आप ये गलती न करें। वहीं इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी अपने कार में अपने बच्चे का किसी को भी एसी ऑन करके और खिड़की बंद करके अंदर न छोड़े। ये उनकी जान ले सकता है। तो इन सब बातों का ध्यान रखते हुए पहले तो अपने कार को सही से रखें उसमें लीकेज और एसी आदि की चेकिंग करवाते रहें और दूसरा ये कि कभी भी बंद कार में सोने की गलती भूल से भी न करें।

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