बच्चे को सजा देना नहीं है सही समाधान, कड़ी सजा देने से उनके शारीरिक-मानसिक विकास में आ सकती हैं ये बाधाएं

अगर आप अपने बच्चों की गलतियां सुधारने के लिए कड़ी सजा देते हैं या मारते-पीटते हैं, तो इससे उनके मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को कई नुकसान हो सकते हैं।

 

Monika Agarwal
परवरिश के तरीकेWritten by: Monika AgarwalPublished at: Aug 01, 2021
Updated at: Aug 01, 2021
बच्चे को सजा देना नहीं है सही समाधान, कड़ी सजा देने से उनके शारीरिक-मानसिक विकास में आ सकती हैं ये बाधाएं

क्या आपके बच्चे भी आपने जैसा सोचा था वैसा व्यवहार नहीं करते हैं? बच्चों का व्यवहार उनकी उम्र के मुताबिक बदलता रहता है और आपको उन्हें समझने में थोड़ा समय लगता है। हो सकता है वह आपकी बात न मान रहे हों या आप उनकी बात समझने की कोशिश ही न कर रहे हों। इन झगड़ों की वजह से आपके बीच द्वंद्व की स्थिति हो। यह लड़ाई झगड़े कई बार मार पिटाई में भी तब्दील हो सकते हैं। हो सकता है आप अपने बच्चों को कई बार अधिक गुस्से में होने की वजह से थप्पड़ मार देते हों। लेकिन क्या इससे आपको या आपके बच्चों को कोई लाभ मिलता है? इसका जवाब है नहीं। क्योंकि फिजिकल पनिशमेंट (Physical Punishment) आपके बच्चों में कोई सुधार नहीं लाती है और इससे आपके बच्चों का शारीरिक विकास भी प्रभावित होता है। इसलिए इसकी बजाए आप अपने बच्चों को सजा देने के लिए कुछ और तरीकों का प्रयोग भी कर सकते हैं जिनके बारे में हम आज बात करने वाले हैं। लेकिन पहले जान लीजिए कि फिजिकल पनिशमेंट (Physical Punishment) क्या होती है।

क्या होती है शारीरिक पनिशमेंट (What Is Physical Punishment)

फिजिकल पनिशमेंट बच्चे के व्यवहार को ठीक करने के लिए कोई ऐसा एक्शन होती है जिससे बच्चे को शारीरिक रूप से दर्द या दुख पहुंचाया जाता है। इसके उदाहरणों में बच्चे को थप्पड़ मारना, डंडे से पिटाई करना, बच्चे को खाना या पानी न देना या उन्हें टॉयलेट का प्रयोग न करने देना आदि फिजिकल पनिशमेंट (Physical Punishment) के ही उदाहरण हैं।

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बच्चों के शारीरिक विकास में क्या क्या बाधाएं आती हैं (Obstacles in the Physical Development)

बच्चों का शारिरिक विकास होने के दौरान अगर उन्हें निम्न अनुभवों का सामना करना पड़े तो उनका विकास अधूरा रह सकता है या बहुत अधिक प्रभावित हो सकता है।

  • गंभीर रूप से चोटिल हो जाना।
  • डर लगना, अधिक चिंतित होना या हर समय परेशान रहना।
  • मां बाप से विश्वास उठ जाना या माता पिता और बच्चे के बॉन्ड में तकरार आना।
  • डिप्रेशन या उदासी जैसी स्थिति का महसूस करना या फिर आशा ही छोड़ देना।
  • उन्हें अपने व्यवहार से दूसरों पर क्या असर पड़ता है इससे ज्यादा चिंता पनिशमेंट की होना।

अगर आप अपने बच्चे को शारीरिक रूप से पनिशमेंट देते हैं तो उसे ऊपर लिखित सभी अनुभवों का पालन करना पड़ सकता है। जिस कारण उसका विकास बीच में ही रुक सकता है।

माता पिता शारीरिक रूप से पनिशमेंट की बजाए क्या कर सकते हैं (What Can Parents do Instead of Physical Punishment)

  • ऐसा वातावरण बना कर रखें जहां बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
  • जैसा व्यवहार आप अपने बच्चे के अंदर देखना चाहते हैं वैसा अपने अंदर करना शुरू करें।
  • छोटे बच्चे के व्यवहार को अच्छी तरह से परखें।
  • अगर आपका बच्चा छोटा है और वह अच्छा व्यवहार नहीं करता है तो इस प्रकार के व्यवहार से उसे डिस्ट्रेक्ट करें और समझाएं की अगर उसके साथ कोई ऐसा करेगा तो उसे कैसा महसूस होगा।
  • बच्चों को सिखाने के लिए मार पिटाई का नहीं बल्कि शब्दों का प्रयोग करें।
  • अगर आपका बच्चा अच्छा व्यवहार करता है तो उसे इसके लिए इनाम दें ताकि वह हर बार ही ऐसा करे।
  • बच्चे को बदलाव लाने में थोड़ा समय दें।
  • जो स्थिति मुश्किल होने वाली हैं उनके लिए खुद को तैयार रखें।
  • अगर बच्चा स्वतंत्र रहना चाहता है तो इस बात की भी रिस्पेक्ट करें।
  • बच्चों के नजरिए से भी उस बात को देखें और समझने की कोशिश करें।
  • बच्चे को न्याय और भेदभाव न करना सिखाएं।

अगर आप अपने बच्चों के खराब व्यवहार को बदलने के लिए इन टिप्स का प्रयोग करते हैं तो यह बातें आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

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