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कीमोथेरेपी के साइड इफेक्‍ट्स और उसका उपचार

कैंसर By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 04, 2014
कीमोथेरेपी के साइड इफेक्‍ट्स और उसका उपचार

कीमोथेरेपी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के उपचार के समय प्रयोग किया जाता है, इसके साइड-इफेक्‍ट्स भी हो सकते हैं।

कैंसर पर नियंत्रण के लिए कीमोथेरेपी बहुत की कारगर और सफल उपचार है। यदि कैंसर अपने आखिरी स्‍टेज में है त‍ब भी कीमोथेरेपी के जरिए इस पर काफी हद तक नियंत्रण हो जाता है।

कीमोथेरेपी कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के उपचार के लिए प्रयोग किया जाता है, तो जाहिर सी बात है इसके साइड-इफेक्‍ट्स भी होते हैं। कीमोथेरेपी के कारण थकान, नींद न आना, उल्टियां होना, मुंह में घाव, बालों का झड़ना, खून की कमी जैसी शिकायत हो सकती है। इस लेख में जानिए कीमोथेरेपी के साइडइफेक्‍ट् और उसके उपचार के बारे में।

Side Effects of Chemotherapy

कीमोथेरेपी क्‍या है

कीमोथेरेपी का प्रयोग कैंसर के उपचार के दौरान किया जाता है। ये वो दवाएं हैं जिनका प्रयोग कैंसर के सेल्स को खत्म करने के लिये किया जाता है। इन दवाओं के कारण ट्यूमर सिकुड़ जाते हैं और कैंसर फैलने भी नहीं पाता है। इन ड्रग्स को एण्टी कैंसर ड्रग्स या कीमोथेरेपिक एजेंट भी कहते हैं। बाजा़र में लगभग 80 एण्टी कैंसर ड्रग्स उपलब्‍ध हैं और कई पर शोध अभी जारी है। हर प्रकार के ड्रग्स‍ दूसरे से अलग तरीके से काम करते हैं। सामान्यतया सभी ड्रग्स कैंसर के सेल्स को खत्म करने का काम करते हैं या कैंसर के सेल्स को बढ़ने से रोकते हैं। कीमोथेरेपी कैंसर के सेल्स को शरीर के दूसरे भाग में नहीं फैलने देता जैसे कि हड्डियों में, लीवर में या दिमाग में।

Side Effects of Chemotherapy & Treatments

 

कीमोथेरेपी के साइडइफेक्‍ट्स

कैंसर जानलेवा बीमारी है, कीमोथेरेपी से उन खतरनाक सेल्‍स को काबू में किया जाता है। लेकिन कीमोथेरेपी के दौरान प्रयोग की जाने वाली दवाओं अतिरिक्त प्रभाव भी हो सकते हैं। इनमें से सामान्य है थकान, नींद नआना, लगातार उल्टियां होना, दस्त, मुंह में घाव होना, बालों का झड़ना, त्‍वचा पर चकत्ते, खून की कमी होना, आदि। इसके कारण ब्‍लड में इंफेक्‍शन और खून का बहाव भी हो सकता है। दूसरे अतिरिक्त प्रभाव जैसे एलर्जिक‍ क्रिया, स्तब्ध हो जाना, हाथों और पैरों में झुनझुनी होना, ब्लैडर से खून का आना।

गर्भावस्‍था के दौरान इन दवाओं का प्रयोग बिलकुल नहीं करना चाहिए, इससे गर्भ को भी परेशानी हो सकती है। कुछ प्रकार की कीमोथेरेपी ड्रग्स से इन्फर्टिलिटी भी हो सकती है। अगर आप आने वाले सालों में बच्चा‍ चाहते हैं तो कीमोथेरेपी से पहले चिकित्सक की सलाह लें। एक तरफ जहां कीमोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए रोगियों को दी जाती है वहीं इससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने का खतरा भी बना रहता है। साथ ही इससे इससे वजन कम हो जाता है व रक्त में हीमोग्लोबिन की मात्रा व प्लेटलेट्स की संख्या भी घट जाती है।

Chemotherapy & Its Treatments

कीमोथेरेपी साइडइफेक्‍ट्स का उपचार

कीमोथेरेपी के साइड-इफेक्‍ट पर नियंत्रण पाने में सबसे अधिक योगदान खानपान का होता है। यदि आपको कीमोथेरेपी के कारण मतली या उल्‍टी की शिकायत है तो खाने में तला-भुना, ज्‍यादा मसालेदार, अधिक नमक युक्‍त आदि खाने से परहेज करना चाहिए। इस‍की जगह पर संतुलित और आसानी से पचने वाला आहार लेना चाहिए।

नियमित व्‍यायाम को अपने जीवन में शामिल कीजिए, सुबह के समय 40 से 50 मिनट व्‍यायाम, योग और मेडीटेशन के लिए दीजिए। चूंकि इस समय बालों के गिरने की समस्‍या भी होती है ऐसे में बालों में ड्रायर का प्रयोग न करें, हेयर डाई न लगायें। इसके अलावा धूम्रपान और शराब का सेवन बिलकुल न करें, अधिक मात्रा में कैफीन का सेवन भी न करें।

कीमोथेरेपी बहुत ही दर्दनाक प्रक्रिया होती है, इससे उबरने के बाद यदि आपको इसके साइड-इफेक्‍ट से जूझने पर भी हिम्‍मत से काम लें। हमेशा चिकित्‍सक के संपर्क में भी रहें।

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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