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रिपोर्ट में खुलासा : कार्डियक अरेस्ट नहीं, बल्कि इस वजह से हुई श्रीदेवी की मौत!

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By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 27, 2018
रिपोर्ट में खुलासा : कार्डियक अरेस्ट नहीं, बल्कि इस वजह से हुई श्रीदेवी की मौत!

अब तक की लेटेस्ट रिपोर्ट्स का कहना है कि श्रीदेवी ने मरने से पहले शराब का सेवन किया था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी उनके ब्लड में शराब के अंश पाए गए हैं।

Quick Bites
  • फॉरेंसिक रिपोर्ट में उनके ब्लड में शराब के अंश पाए गए हैं।
  • श्रीदेवी लंबे समय से कई हेल्थ परेशानी झेल रही थी।
  • हार्ट बीट का अचानक रुक जाना कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है।

करोड़ों दिलों पर राज करने वाली देश की मशहूर अदाकारा श्रीदेवी अब हमारे बीच नहीं है। शनिवार रात को श्रीदेवी की दुबई के एक होटल में मौत हुई थी। अब तक श्रीदेवी की मौत का कारण अचानक आया कार्डियक अरेट बताया जा रहा था। लेकिन अब कई ऐसी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं जिसमें श्रीदेवी की मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट ना बताकर कई अन्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। हालांकि बॉलीवुड अभिनेता और श्रीदेवी के देवर संजय कपूर ने भी कहा था कि श्रीदेवी को कार्डियक अरेस्ट या फिर दिल से जुड़ी बीमारी की पहले से कोई शिकायत नहीं थी। अब तक की लेटेस्ट रिपोर्ट्स का कहना है कि श्रीदेवी ने मरने से पहले शराब का सेवन किया था। फॉरेंसिक रिपोर्ट में भी उनके ब्लड में शराब के अंश पाए गए हैं।

एंटी एजिंग दवाओं का करती थी सेवन

कई रिपोर्ट्स ऐसा दावा कर रही हैं कि श्रीदेवी की मौत का कारण उनके द्धारा कराई गई सर्जरी और एंटी एजिंग दवाएं हो सकती है। खबरों की मानें तो श्रीदेवी खुद को फिट और जवान दिखाने के लिए कई एंटी एजिंग दवाओं का सेवन करती थी। इन दवाओं से खून गाढ़ा होने की शिकायत होती है। इसके अलावा श्रीदेवी ने करीब 29 सर्जरी करवाई थी। कहा जा रहा है कि इनमें से एक सर्जरी सही तरह से नहीं हुई थी। जिसकी वजह से श्रीदेवी लंबे समय तक परेशानी भी झेल रही थी। साउथ कैलिफोर्निया के एक कॉस्मेटिक सर्जन की देख-रेख में श्रीदेवी इन तकलीफों को कम करने के लिए पिछले लंबे समय से दवाइयां भी ले रही थी। इस तरह की दवाओं को 'डायट पिल्स' कहा जाता है।

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बैली फैट के लिए भी कराया ट्रीटमेंट

श्रीदेवी ने ना सिर्फ सर्जरी कराई और एंटी एजिंग दवाओं का सेवन कर रही थी बल्कि उन्होंने अपना बैली फैट कम करने के लिए भी कई ट्रीटमेंट कराए थे। ये ट्रीटमेंट काफी महंगे और हाई प्रोफाइल होते हैं। अगर इसमें जरा भी कमी रह जाए तो शरीर को कई भयानक नुकसान झेलने पड़ सकते हैं। इतना ही नहीं वह अपने चेहरे को जवां दिखाने के लिए बोटाक्स का इस्तेमाल भी करती थी। पिछले कुछ दिनेां श्रीदेवी अपनी लिप सर्जरी की वजह से चर्चा में रही थी। हालांकि उन्होंने इस चीज से साफ इंकार भी कर दिया था। 

श्रीदेवी को हो गया था मेनोपॉज

उम्र के हिसाब से अब श्रीदेवी को पीरियड्स आना भी बंद हो गया था। यानि कि वो मेनोपॉज की शिकार हो गई थी। मेनोपॉज के बाद महिला को कई शारीरिक और मानसिक बदलावों से गुजरना पड़ता है। डॉक्टर्स का कहना है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों का हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है। हालांकि मेनोपॉज के बाद यह अंतर सामान्य हो जाता है।

प्रियंका समेत अन्य अभिनेत्रियां भी हैं शामिल

इस तरह की सर्जरी, एंटी एजिंग दवां और बोटॉक्स आदि ना सिर्फ श्रीदेवी लेती थी बल्कि कई तरह अभिनेत्रियां भी इस चीज की आदि हैं। खुद को जवां और फिट दिखाने के लिए अनुष्का शर्मा जैसी बेहद जवां अभिनेत्रियां भी इन चीजों का इस्तेमाल करती हैं। खुद का खूबसूरत दिखाने के लिए श्रीदेवी के अलावा शिल्पा शेट्टी, अनुष्का शर्मा, वाणी कपूर, काजोल प्रियंका चोपड़ा, और बिपाशा भी ये सब करती हैं।

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जानें क्या होता है कार्डियक अरेस्ट

  • हार्ट बीट का अचानक रुक जाना कार्डियक अरेस्ट कहा जाता है।
  • दिल की धड़कन तभी रुकती है जब उसे ऑक्सीजन न मिले यानि मांसपेशी को खून न मिले। 
  • जब दिल धड़कता है एक विद्युत संवेग यानि बिजली की कौंध पैदा होती है, जिसकी मदद से रक्त हमारे शरीर के अलग-अलग अंगों में संचारित होता है।
  • कई बार धड़कन अनियंत्रित हो जाए, तो रक्त का संचार प्रभावित होता है और इसका असर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर पड़ सकता है।
  • दिल की धड़कन अनियंत्रित होने की भी कई वजहें हो सकती हैं। जैसे हो सकता है मांसपेशी में कोई समस्या आ गई हो या कि मांसपेशी ठीक हो मगर उसे मिलने वाला खून दूषित हो आदि। 
  • कार्डियक अरेस्ट दिल की ऐसी बीमारी है जिसमें धड़कन के अनियंत्रित होने से कई बार कुछ समय के लिए दिल खून की पंपिंग करते-करते आराम करने लगता है। ये आराम कितना लंबा हो सकता है इसका कोई अंदाजा नहीं है।
  • कई बार दिल की धड़कन दोबारा शुरू हो जाती है और मरीज की जान बचाई जा सकती है। मगर ज्यादातर बार ये संभव नहीं होता है क्योंकि दिल की धड़कन जब तक दोबारा शुरू होती है तब तक मस्तिष्क तक ऑक्सीजन न पहुंचने के कारण उसकी मौत हो चुकी होती है।

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Rashmi Upadhyay
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागFeb 27, 2018

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