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शतावरी के फायदे

घरेलू नुस्‍ख By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 06, 2012
शतावरी के फायदे

नींद न आने की समस्‍या, खांसी, सिरदर्द, में शतावरी काफी फायदेमंद होती है। इसके अलावा भी इसमें कई औषधीय गुण होते हैं।

Quick Bites
  • आयुर्वेद में लंबे समय से किया जा रहा है शतावरी का इस्‍तेमाल।
  • एक या दो इंच तक का हो सकता है शतावरी का पौधा।
  • नींद न आने की कारगर औषधि है शतावरी।
  • खांसी के लिए भी किया जाता है शतावरी का प्रयोग।

 

शतावरी बहुत पहले से महत्‍वपूर्ण औषधि के रूप में प्रयोग की जा रही है। इसका प्रयोग कई प्रकार के रोगों में किया जाता है। शतावरी झाड़ीनुमा पौधा होता है जिसमें फूल व मंजरियां एक व दो इंच लंबे या गुच्‍छे में लगे होते हैं। शतावरी को शुक्रजनन, शीतल, मधुर एवं दिव्‍य रसायन माना जाता है।
benefits of shatavari

कैंसर के मरीजों के लिए यह बहुत ही कारगर औषधि है। नींद न आने की समस्‍या, खांसी, सिरदर्द, आदि के लिए यह बहुत फायदेमंद है। आइए हम आपको बताते हैं कि शतावरी के अन्‍य गुणों के बारे में।

शतावरी के गुण

कैंसर के लिए

शतावरी में एंटी-ऑक्‍सीडेंट होता है, जो कि कैंसररोधी है। इसके अलावा शतावरी में विटामिन ए, बी, सी, पोटैशियम और जिंक पाया जाता है। इसमें हिस्‍टोन नामक प्रोटीन पाया जाता है जो कि कैंसर के उपचार में योगदान देते हैं।

खांसी के लिए

अडूसे का रस, शतावरी का रस और मिश्री मिलाकर चाटने या तीनों को मिलाकर चूर्ण बनाकर खाने से खांसी समाप्‍त हो जाती है। सूखी खांसी के लिए यह बहुत फायदेमंद है। कफ में खून आने की बीमारी में भी शतावरी खाने से लाभ होता है।

 

शक्तिवर्द्धन के लिए

शतावरी के चूर्ण को दूध में डाल कर बनाई खीर या पाक बना कर खाने से पुरूषों में यौन शक्ति बढ़ती है।

 

अनिद्रा के लिए

अनिद्रा के शिकार लोगों के लिए शतावरी बहुत ही फायदेमंद है। शतावरी का पांच से दस ग्राम चूर्ण, 10-15 ग्राम घी तथा दूध में डालकर नींद न आने की समस्‍या समाप्‍त हो जाएगी।

बुखार के लिए

ज्वर होने पर शतावरी और गिलोय का रस गुड़ में मिलाकर लेने से फायदा होता है। शतावरी से सामान्‍य और तेज दोनों प्रकार के बुखार में फायदा होता है।

सिरदर्द के लिए

माइग्रेन जैसे सिरदर्द के लिए शतावरी बहुत कारगर औषधि है। शतावरी को कूट कर रस निकाल लीजिए। बराबर हिस्‍सों में शतावरी का रस और तिल का तेल मिलाकर सिर पर मालिश करने से सिरदर्द होना बंद हो जाता है। इससे आधाशीशी रोग में आराम मिलता है।

खूनी दस्त आने पर

गीली शतावरी पीसकर दूध में मिला लीजिए, फिर कपड़े से छान कर या रस में घी मिलाकर पका लीजिए। खूनी दस्‍त आने पर इसका इस्‍तेमाल कीजिए, आराम मिलेगा।

शतावरी बहुत ही फायदेमंद पौधा है। इसे सामान्‍य दिनों में भी प्रयोग करने से कई प्रकार के सामान्‍य रोग भी नही होते हैं। सामान्‍य दिनों में प्रयोग करने के लिए, 4-5 मिनट पानी में उबालकर मिक्‍सर से फेंट दीजिए। इसे फ्रिज में रखिए और दो-दो चम्‍मच सुबह शाम प्रयोग कीजिए।



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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागDec 06, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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