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खाना शेयर करने से बनते हैं बेहतर इनसान

एक्सरसाइज और फिटनेस By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 19, 2014
खाना शेयर करने से बनते हैं बेहतर इनसान

अकेले खाने की आदत है तो इससे आपकी बेरुखी झलकती है जबकि खाने को मिल-बांटकर खाने की आदत आपको बेहतर इनसान बनाती है, इसलिए खाने को शेयर करके खायें।

अगर आपको अकेले खाना पसंद है तो आपके लिए यह बुरी खबर हो सकती है, क्‍योंकि एक पत्रिका में छपे शोध के अनुसार, खाना मिल-बांटकर खाने वाले लोग बेहतर इनसान बनते हैं। अगर आप भी बेहतर इनसान बनना चाहते हैं तो खाने को अकेले बिलकुल भी न खायें। अपने दोस्‍तों, घरवालों, सहकर्मियों आदि के साथ खाने को बांटकर खायें। इस लेख में विस्‍तार से जानिये कि खाना बांटकर खाने वाले लोग कैसे कहलाते हैं बेहतर इनसान।
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शोध के अनुसार

'एपेटाइट' पत्रिका में एक शोध छपी जिसका मानना है कि खाने को दूसरे के साथ बांट कर खाने वाले लोग संवेदनशील होते हैं और ऐसे लोग बेहतर इनसान भी होते हैं। इस शोध में यह भी छपा कि अपने परिवार वालों के अलावा दूसरे लोगों जैसे - गरीबों, जरूरमंदों और पड़ोसियों के साथ खाना बांटकर खाने वाले लोग बेहतर इनसान की श्रेणी में आते हैं।

बेल्जियम की एंटवर्प यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसपर शोध किया। इस शोध में लोगों के व्‍यवहार पर अध्‍ययन किया गया। जो लोग बचपन से ही परिवार और अन्‍य लोगों के साथ मिलकर खाना खाते थे उनका व्‍यवहार दूसरें लोगों के साथ बाद में भी बेहतर था। ऐसे लोग व्‍यवहार कुशल भी थे जिन्‍होंने खाने को बांटकर खाया।

सहयोग की भावना

ऐसे लोग संवेदनशील होते हैं और उनमें सहयोग की भावना होती है। दूसरों की मदद करना, भूखों को खाना खिलाना, जरूरत पड़ने पर सहयोग करना, सहपाठियों और सहकर्मियों के साथ अच्‍छे से पेश आना बेहतर इनसान के गुण होते हैं। जो लोग खाने को अकेले खाने के बजाय दूसरों के साथ मिलकर खाते हैं उनमें सहयोग की भावना होती है और ऐसे लोग बेहतर इनसान भी होते हैं।

इस अंतर को भी समझें

हालांकि भोजन बांटने और प्‍लेट का खाना बांटने में अंतर है। अगर आप खाना परोसने की शैली में खाने को बांटते हैं तो यह फिर दोस्‍तों के साथ डिनर या लंच कर रहे हैं तो यह कम प्रभावी है। अगर आप अपनी प्‍लेट का खाना किसी के साथ बांटकर खाते हैं तो यह अधिक प्रभावशाली माना जाता है और इससे आप दूसरे व्‍यक्ति के अधिक लगाव महसूस करते हैं।
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बच्‍चों को भी सिखायें

अपने बच्‍चे को बेहतर और अच्‍छा इनसान बनाने के लिए उसे भी शेय‍र करने की आदत डालें। उसे बतायें कि खाना और अन्‍य सामान को शेयर करने से कैसे व्‍यक्ति अच्‍छा इनसान बनता है। बर्थडे पार्टी हो या स्‍कूल में टिफिन, हर जगह खाने को बांटकर खाने की आदत उसमें डालें।

बेहतर इनसान वही है जो अपने साथ दूसरों के बारे में भी सोचे, अगर आप खाने को शेयर करके खाते हैं तो इससे आप संवेदनशील होते हैं और आपमें सहयोग की भावना पैदा होती है।

image source - getty images

 

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