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मांसपेशियों में दर्द हो सकता है कई बीमारियों का संकेत, लक्षणों से पहचानकर कराएं सही इलाज

अन्य़ बीमारियां By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 21, 2019
मांसपेशियों में दर्द हो सकता है कई बीमारियों का संकेत, लक्षणों से पहचानकर कराएं सही इलाज

जीवन को सही तरह से जीने के लिए जरूरी है कि हमारा स्वास्थ्य ठीक रहे। लेकिन आजकल लोगों को स्वास्थ्य से संबंधित बहुत-सी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी ही परेशानियों में मांसपेशियों में दर्द की समस्या भी है।

मांसपेशियों में खिंचाव तब होता है, जब आप बहुत ज्यादा तनाव का सामना करते हैं। ऐसा आमतौर पर अधिक काम करने, मांसपेशियों का अधिक प्रयोग या उसके अनुचित उपयोग के कारण होता है। खिंचाव किसी भी मांसपेशी में हो सकता है, लेकिन अक्सर यह पीठ के निचले भाग, गर्दन, कंधे और हैमस्ट्रिंग में सबसे ज्यादा होता है। हैमस्ट्रिंग जांघ के पीछे की मांसपेशी (घुटने के पीछे की पांच नसों में एक नस) होती है। लोगों को अक्सर कमर, जांघ और पेट की मांसपेशियों में दर्द की समस्या रहता है जिस वजह से उन्हें चलने, दौड़ने या सीढ़ियां चढ़ने जैसी सामान्य कार्य को करने में भी कठिनाई होती है। अगर शरीर के इन हिस्सो में चार हफ्तों से ज्यादा दिन तक दर्द की शिकायत हो, तो चिकित्सकों की सलाह जरूरी लें, वरणा आपको गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इन लक्षणों पर दें विशेष ध्यान, मांसपेशियों में सूजन या लालिमा आना, आराम करने पर दर्द महसूस होना, मांसपेशियों में ऐंठन महसूस होना और दुर्बलता महसूस करना।

कहीं इन बीमारियों का संकेत तो नहीं है मांसपेशियों के दर्द

डायबिटीज

शरीर में इंसुलिन का संतुलन बिगड़ने से डायबिटीज की आशंका हो सकती है। इसमें मसल्स पेन भी होने लगता है।

फ्लू

फ्लू के कारण शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बिगड़ जाता है। इस स्थिति में आपको मसल्स पेन होने लगता है।

मलेरिया

शरीर में मलेरिया का वायरस आने से मसल्स में खिंचाव होने लगता है। इससे मसल्स में दर्द भी बढ़ सकता है।

आर्थराइटिस

आर्थराइटिस की समस्या होने से शरीर का रक्त परिसंचरण बिगड़ जाता है। इससे मांसपेशियों में दर्द होने लगता है।

आइए जानते हैं मांसपेशियों में दर्द का क्या हैं इलाज?

दर्द का इलाज बर्फ से

मांसपेशियों में चोट लगने या खिंचाव होने के तुरंत बाद प्रभावित स्थान को बर्फ से सिकाई करें। इससे प्रभावित जगह पर सूजन कम होगी। बर्फ को सीधे त्वचा पर नहीं डालना चाहिए। इसे किसी साफ कपड़े में लपेटकर या बर्फ को पैकेट में डालकर ही प्रयोग करें। बर्फ से मांसपेशियों की 20 मिनट तक सिकाई करनी चाहिए। पहले दिन एक-एक घंटे के अंतराल में इस प्रक्रिया को दोहरा सकते हैं और अगले दिन से हर चार घंटे में एक बार त्वचा पर बर्फ की सिकाई करना आपके लिए
फायदेमंद रहेगा।

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आराम करें

मसल्स में खिंचाव का दूर करने के लिए आराम करना बहुत जरूरी होता है। यदि आप इससे पीड़ित हैं और कोई भी गतिविधि आपके दर्द को बढ़ा सकता है, तो कुछ दिनों के लिए मांसपेशियों को आराम देना चाहिए और इनका अधिक उपयोग करने से बचना चाहिए। आराम के दौरान कभी-कभी प्रभावित मांसपेशियों का उपयोग भी करते रहना चाहिए, क्योंकि बहुत अधिक आराम से मांसपेशियां कमजोर बन सकता है।

व्यायाम करें

मसल्स पेन के लिए जरूरी है कि आप व्यायाम पर ध्यान दें। रोज व्यायाम न करने से ये समस्या ज्यादा होने का डर रहता है। इसके लिए आप चाहे कुर्सी पर बैठे हों या खड़े होकर कोई भी कार्य कर रहे हों, जितना संभव हो कंधों को ऊपर की ओर उठा कर रखें। आप कुछ आसान व्यायाम जैसे कि अपनी दोनों भुजाओं को अपने सिर के ऊपर करें, हथेलियां आकाश की तरफ रखें। बाहों को थोड़ा और ऊपर खींचें और कंधों के समानांतर फैला लें। हाथ की हथेलियों और अंगुलियों को ऊपर-नीचे और दाएं-बाएं करें। इससे आपके हाथों को आराम मिलेगा और शरीर की अकड़न कम होगी

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कैल्शियम और पोटैशियम

कैल्शियम और पोटैशियम मानव शरीर के लिए आवश्यक पोषक तत्वों के रूप में जाने जाते हैं, जो मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव के दौरान उपचार में मदद करते हैं। तनाव की स्थिति में इन तत्वों से भरपूर आहार को अपने डाइट में
शामिल करें। जैसे कि दही, दूध, मछली, अंडे, पालक, आलू, बादाम आदि का सेवन करें। इससे आपके शरीर में कैल्शियम और पोटैशियम की कमी महसूस नही होगी और आप मांसपेशियों में खिंचाव या तनाव से दूर रहेंगे।

लेखक: धीरज सिंह राणा

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