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कमरदर्द, थायरॉइड और वजन कम करने में मददगार है सेतुं बंध सर्वांगासन, जानें तरीका

योगा By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 25, 2018
कमरदर्द, थायरॉइड और वजन कम करने में मददगार है सेतुं बंध सर्वांगासन, जानें तरीका

शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और बीमारियों से बचाव के लिए ये एक बेहतरीन आसन है। इस आसन के अभ्यास से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन ठीक रहता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है।

Quick Bites
  • सेतु बंध आसन रीढ़ की हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • सेतु बंध आसन का अभ्यास आपको थायरॉइड से बचाता है।
  • इस आसन के अभ्यास से ब्लड का सर्कुलेशन ठीक रहता है।

सेतु बंध सर्वांगासन पूरे शरीर के लिए फायदेमंद है। सेतु का अर्थ है पुल और बांध का अर्थ है बंद करना, यानी सेतु बंध सर्वांगासन करते समय आपके शरीर का आकार पुल जैसा बन जाता है। इसे ब्रिज पोज भी कहते हैं। शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और बीमारियों से बचाव के लिए ये एक बेहतरीन आसन है। इस आसन के अभ्यास से शरीर में ब्लड का सर्कुलेशन ठीक रहता है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। ऐसी कई परेशानियां हैं, जिनसे आप सेतु बंध सर्वांगसन के अभ्यास से छुटकारा पा सकते हैं।

कैसे करें सेतु बंध सर्वांगासन

  • सेतु बंध आसन करने के लिए सबसे पहले चटाई बिछाकर पीठ के बल लेट जाएं।
  • अब अपने पैरों को घुटनों से मोड़ें ताकि घुटने रीढ़ की हड्डी के 90 डिग्री पर हो।
  • ध्यान रखें कि आपके पैरों की ऐड़ियां और घुटने एक सीध में हो।
  • अब सांसें अंदर खींचते हुए अपने कमर को अपनी सहूलियत के हिसाब से उठाएं यानी धीरे धीरे अपने हिप्स और पीठ को ऊपर उठाने की कोशिश करें।
  • ध्यान रखें कि आपके गर्दन, कंधे और सिर जमीन से टिके रहें।
  • इस अवस्था को 20-30 सेकंड तक बनाये रखें।
  • इस आसन के दौरान ही धीरे-धीरे सांस खींचें और धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • ध्यान रखे कि आपके दोनों पैरों की जांघे बराबर हों, ऊपर नीचे ना हों।
  • धीरे-धीरे सांसों को छोड़ते हुए जमीन पर पुनः लेट जाएं।
  • ये हुआ सेतुबंध आसन का एक चक्र
  • इस आसन का रोज सुबह 3-5 चक्र अभ्यास करें और धीरे-धीरे पीठ को ऊपर उठाने के समय को 10-10 सेकंड बढ़ाते जाएं।

रीढ़ की हड्डी के लिए फायदेमंद

सेतु बंध आसन रीढ़ की सभी कशेरुकाओं को अपने सही स्थान पर स्थापित करने में सहायक है। यदि आपको अक्सर पेट की बीमारियां होती रहती हैं तो आपके लिए इस आसन का अभ्यास करना बहुत फायदेमंद हो सकता है। इस आसन का अभ्यास करने से पेट के सभी अंग जैसे लीवर, पेनक्रियाज और आंतों में खिंचाव आता है। कब्ज की समस्या दूर होती है और भूख भी खुलकर लगती है। ध्यान रखें कि शुरुआत में सेतु बंध आसन का अभ्यास योग शिक्षक की देखरेख में ही अभ्यास करें।

मोटापा घटाता है सेतु बंध आसन

मोटापे की मुख्य वजह कमर और पेट में जमने वाली चर्बी होती है। अगर आप सेतु बंध सर्वांगासन का नियमित अभ्यास करते हैं, तो इससे आपके पेट और कमर में चर्बी नहीं जमती है इसलिए इससे आप फिट रहते हैं। इसे करने से कमर, जांघ आदि मजबूत होते हैं। अगर आपके पेट के आसपास पहले से चर्बी जमी हुई है, तो धीरे-धीरे ये बर्न होती है और आपका मोटापा कम होने लगता है।

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कमर दर्द में है फायदेमंद

सेतु बंध आसन कमर दर्द के लिए बहुत फायदेमंद है क्योंकि ये आपके रीढ़ की हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर के अंगों में रक्त का प्रवाह बेहतर करता है। इस आसन के नियमित अभ्यास करने से कमर दर्द और पीठ दर्द में जल्द ही छुटकारा मिलता है। दरअसल इस आसन में जब आप अपनी कमर को सेतु बनाते हुए ऊपर उठाते हैं, तो आपके कमर और पीठ की अच्छी स्ट्रेचिंग हो जाती है इसलिए ये कमर दर्द में फायदेमंद है।

नहीं होगी थायरॉइड की समस्या

थायरॉइड एक गंभीर समस्या है, जिसका शिकार सबसे ज्यादा महिलाएं हो रही हैं। इस रोग का कारण थायरॉइड ग्लैंड में बनने वाला थायरॉक्सिन हार्मोन है। इस हार्मोन के असंतुलन से ही थायरॉइड की समस्या होती है। सेतु बंध आसन का अभ्यास आपको थायरॉइड से बचाता है इसलिए इस आसन का नियमित अभ्यास करना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को पहले ही थायरॉइड की समस्या है, तो रोज शीर्षासन करें और फिर सेतु बंध आसन करें।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागSep 25, 2018

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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