सेल्फी लेने से पहले पढ़ लें ये खबर, बच जाएंगे इस खतरनाक़ बीमारी से

Updated at: Dec 21, 2017
सेल्फी लेने से पहले पढ़ लें ये खबर, बच जाएंगे इस खतरनाक़ बीमारी से

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सेल्फी लेने की आदत एक बीमारी हो सकती है। सुनकर अटपटा लग सकता है, लेकिन यह सच है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस बारे में खुलासा हुआ है। आइये आपको बताते हैं कि क्याह है पूरा मामला़।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Dec 21, 2017

सेल्फी का क्रेज इन दिनों लोगों में किस कदर है, यह बताने की जरूरत नहीं है। युवाओं ही नहीं, अब तो कुछ हद तक बुजुर्गों में भी इसकी दीवानगी देखी जा सकती है। कभी-कभी सेल्फी जानलेवा भी बन जाती है। इस संबंध में खबरें आती रहती हैं। मगर क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी सेल्फी लेने की आदत एक बीमारी हो सकती है। सुनकर अटपटा लग सकता है, लेकिन यह सच है। हाल ही में आई एक रिपोर्ट में इस बारे में खुलासा हुआ है। आइये आपको बताते हैं कि क्याह है पूरा मामला़।

लंदन की नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी और तमिलानडु के एक मैनजेमेंट स्कूील ने सेल्फी को लेकर एक रिसर्च किया। रिसर्च रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि अगर किसी भी शख्स का दिन भर में तीन से ज्यादा सेल्फी लिए बिना मन नहीं भरता, तो यह एक तरह का डिसऑर्डर का शिकार है। यह रिसर्च इंटरनेशनल जर्नल ऑफ मेंटल हेल्थ एंड एडिक्शन में प्रकाशित की गई है। इस रिसर्च के अनुसार शोधकर्ताओं ने सेल्फी से जुड़े इस डिसऑर्डर को 'सेल्फाइटिस' नाम दिया है।

रिसर्च करने वाले नॉटिंघम यूनिवर्सिटी के मार्क ग्रिफिथ का कहना है कि बीमारी का पता लगाने के लिए हमने दुनिया का पहला 'सेल्फाइटिस बिहेवियर स्केल' भी तैयार किया है। अपनी तरह के इस अनूठे बिहेवियर स्केल को 200 लोगों के फोकस ग्रुप और 400 लोगों पर सर्वे के बाद बनाया गया है। मार्क ने बताया कि ज्यादा सेल्फी लेने वालों की आदतें काफी हद तक नशेबाजी की तरह होने लगती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि सेल्फाइटिस से ग्रस्त लोग ज्यादातर मूड ठीक करने, अपनी यादें संजोने, खुद की स्वीकार्यता दिलाने, दूसरों से आगे रहने और अपना आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बार-बार सेल्फी लेते हैं।

भारत में इन वजहों से की गई रिसर्च

भारत में फेसबुक के यूजर्स सबसे ज्यादा हैं। सेल्फी की वजह से होने वाली मौतों में सबसे ज्याादा लोगों की मौत भारत में होती है। भारत में सेल्फी लेने के दौरान होने वाली मौतों का आंकड़ा लगभग 60 फीसदी है। कॉर्नेजी मेलन यूनिवर्सिटी और इंद्रप्रस्थ इंस्टिट्यूट ऑफ इन्फर्मेशन दिल्ली की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2014 से सितंबर 2016 के बीच सेल्फी लेने के दौरान दुनियाभर में 127 मौतें हुईं। इनमें 76 मौतें सिर्फ भारत में हुईं।

ये है सेल्फाइटिस की पहचान

रिसर्च के मुताबिक, सेल्फाइटिस बीमारी के तीन स्तर होते हैं। पहला स्तीर वह है, जब आपको दिन में 3 सेल्फी लेने की आदत हो, लेकिन सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट न करते हों। दूसरे लेवल में आप सेल्फी सोशल मीडिया में शेयर करना शुरू कर देते हैं। तीसरे लेवल में इस बीमारी से पी‍ड़ित शख्स हर समय अपनी सेल्फी सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की कोशिश करता है। ऐसे लोग दिन में कम से कम 6 फोटो पोस्ट करते हैं।
सोर्स- जागरण जंक्‍शन

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