Subscribe to Onlymyhealth Newsletter

विज्ञान की मानें, एक नहीं दो बार नाश्ता करें

वज़न प्रबंधन
By Meera Roy , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 11, 2016
विज्ञान की मानें, एक नहीं दो बार नाश्ता करें

नाश्ता छोड़ने वालों की तुलना में दो बार नाशता करने वाले पतले औऱ ज्यादा स्वस्थ रहते हैं। विज्ञान के अनुसार दो बार नाशता करने वाले कभी मोटे नहीं होते।

Quick Bites
  • दो बार नाश्ता करने से मोटे नहीं होते।
  • दो बार नाश्ते में दुग्ध उत्पाद शामिल करें।
  • दो बार नाश्ता करने वाले स्वस्थ और पतले होते हैं।
  • दो बार नाश्ता करने से पाचनशक्ति बेहतर होती है।

हमें यह सुनकर जरा भी हैरानी नहीं होगी अगर आप अपने नाश्ते में प्लेट भर पास्ता, सलाद और ब्रेड आमलेट खाते हैं। दरअसल हम सब यही जानते हैं कि हैवी नाश्ता करने से पूरे दिन शरीर में चुस्ती बनी रहती है। इसके अलावा नाश्ता और लंच के बीच एक अच्छा खासा गैप होता है जिस कारण नाश्ता का हैवी होना बहुत जरूरी है। लेकिन क्या कभी आपने यह सुना है कि आपको नाश्ता एक बार नहीं बल्कि दो बार करना चाहिए? जी, हां! विज्ञान कहता है कि एक बार नहीं बल्कि दो बार नाश्ता करना चाहिए। मजे की बात यह है कि दो बार नाश्ता करने से मोटापा भी नहीं बढ़ता।

 

हेल्दी नाश्ता

अगर आपने कभी बच्चों के स्वास्थ्य की तरफ गौर किया है तो समझ जाएंगे कि दो बार नाश्ता करने से कितने लाभ होते हैं? असल में स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे दो बार नाश्ता करते हैं। तमाम अध्ययनों से पता चलता है कि जो लोग एक की बजाय दो बार नाश्ता करते हैं वे मोटे नहीं होते। इसके उलट उनका वजन नियंत्रित रहता है। लेकिन इसमें यह ध्यान रखना आवश्यक है कि दोनों ही नाश्तों में खाद्य पदार्थ का चयन करने वक्त सजगता बरतें।

हेल्दी नाश्ता

 

आहार में क्या चुनें

विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों के पहले नाश्ते में दूध, फल आदि शामिल होते हैं। जबकि दूसरे नाश्ते में भी इसी तरह के कुछ अन्य खाद्य पदार्थ होते हैं। कहने का मतलब है कि यदि आप घर से नाश्ता करने के बाद दफ्तर पहंचते ही नाश्ता करते हैं तो इसमें कोई बुराई नहीं है। लेकिन दोनों नाश्तों को हल्का रखें। दफ्तर पहुंचकर चाय या काफी के साथ ब्रेड आदि ले सकते हैं। इसमें मोटापा बढ़ने की जरा भी आशंका नहीं होती। पहले नाश्ते में आप दुग्ध उत्पाद भी शामिल कर सकते हैं।

 

दो बार नाश्ते से ऊर्जा बनी रहती है

दो बार नाश्ता करने के कारण नाश्ते और लंच के बीच गैप कम हो जाता है। नतीजतन शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होती। जबकि एक बार नाश्ता करने के कारण यदि आप देर से लंच करते हैं तब तक आपके पेट में गैस बनने लगती है या फिर भूख के कारण पेट में दर्द होने लगता है। अतः दो बार नाश्ता करने का फैसला कर ऊर्जा हासिल करें।

 

नाश्ता छोड़ने से क्या होता है

जिन्हें पतले होने की सनक होती है, वे अकसर नाश्ता छोड़ने को तवज्जो देते हैं। जबकि ऐसा करना कोई समझदारी नहीं है। हाल ही में हुए अध्ययन से पता चला है कि जो लोग दो बार नाश्ता करते हैं वे लोग न सिर्फ उनसे स्वस्थ होते हैं जो लोग एक बार नाश्ता करते हैं अपितु उनसे भी बेहतर होते हैं जो लोग नाश्ता छोड़कर स्वस्थ होना चाहते हैं।

 

पाचनशक्ति बेहतर होती है


दो बार नाश्ता करने के कारण आपकी पाचनशक्ति बेहतर होती है। असल में दो बार नाश्ता करने से आपके पेट में गैस नहीं बनती। इसी तरह पेट भरे होने के कारण कभी पेट खाली होने का एहसास नहीं होता। जिससे पेट में दर्द होने की आशंका भी नहीं बनती। नतीजतन पेट से सम्बंधित अन्य समस्याएं भी आसपास नहीं फटकती। यही नहीं दो बार नाश्ता करने के कारण रात को हल्का डिनर करने से भी आपको नुकसान नहीं झेलना पड़ता।

 

Read more articles on Weight management in hindi.

Written by
Meera Roy
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 11, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK