सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, जानें आयुर्वेद के अनुसार कैसे सात्विक भोजन रख सकता है आपको चुस्त-दुरुस्त

Updated at: Jun 23, 2020
सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, जानें आयुर्वेद के अनुसार कैसे सात्विक भोजन रख सकता है आपको चुस्त-दुरुस्त

सात्विक भोजन औषधीय गुणों से भरपूर है, जिसकी उत्पत्ति 5,000 साल पहले भारत में हुई थी। आइए जानते हैं इस डाइट के फायदे।

Pallavi Kumari
आयुर्वेदWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jun 22, 2020

सात्विक भोजन का नाम सुनते ही हमें लगने लगता है, जैसे कि हम व्रत के खाने की बात कर रहें, जिसमें सब बिना प्याज और लहसुन के होगा। पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है। दरअसल सात्विक भोजन एक योगिक आहार की संरचना है, जिसमें सभी पौष्टिक आहार शामिल होते हैं, जो हल्कापन और स्पष्टता को बढ़ावा देते हैं। इस प्रकार हमारी शारीरिक के अंगों के साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी बढ़ावा देते हैं। सात्विक आहार के अनुयायी मुख्य रूप से पौष्टिक खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, जिनमें ताजा उत्पाद और नट्स शामिल हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं क्या है ये सात्विक आहार (What is Sattvic diet) और हम इसे अपने जीवनशैली से कैस जोड़ सकते हैं।

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सात्विक आहार क्या है (What is Sattvic diet)?

सात्विक आहार एक उच्च फाइबर, कम वसा वाला शाकाहारी भोजन है, जोकि योगियों के खान-पान के तरीके और जीवनशैली से जोड़ कर लिया गया है। योग के अभ्यास में, तीन प्रकार के खाद्य पदार्थ होते हैं, जिनमें अलग-अलग गुण और स्वास्थ्य प्रभाव होते हैं: सात्विक, राजसिक और तामसिक। सात्विक शब्द का अर्थ है "शुद्ध सार,"। आयुर्वेज में इन सात्विक खाद्य पदार्थों को शुद्ध और संतुलित माना जाता है, जो शांति, खुशी और मानसिक स्पष्टता की भावनाएं प्रदान करता है। सात्विक आहार सूक्ष्म पोषक तत्वों के उच्च सेवन से जुड़े होते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, सात्विक आहार दीर्घायु, शारीरिक शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सबसे अच्छा विकल्प है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि सात्विक आहार ताजे, पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों से भरपूर होते हैं, जिनमें 

  • -शहद और हर्बल टी
  • -फल
  • - सब्जियां,
  • - अंकुरित साबुत अनाज
  • -ताजे फलों के रस, 
  • -फलियां
  • - नट्स और बीज आदि शामिल हैं। 

आयुर्वेद मुख्य रूप से सात्विक भोजन खाने और राजसिक और तामसिक भोजन से परहेज करने की सलाह देता है। पशु प्रोटीन, तले हुए खाद्य पदार्थ, कैफीन जैसे उत्तेजक और सफेद चीनी कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिन्हें सात्विक आहार पद्धति का पालन करते समय बाहर रखा जाता है।

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सात्विक डाइट के तहत कैसा हो आपके दिन भर का आहार

सुबह पिएं हर्बल चाय

आप अपनी चाय या कॉफी से प्यार करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके द्वारा पीए जाने वाले हर पेय की सकारात्मकता और नकारात्मकता है? यही कारण है कि आयुर्वेद में सुबह उठकर बर्बल टी जैसे कि तुलसी वाली चाय या मोरिंगा चाय जैसे स्वस्थ विकल्पों को चुनने का सुझाव दिया गया है। ये आपके शरीर को नहीं बल्कि आपके तनाव को कम करके आपके मन को भी स्वस्थ रख सकता है। ये आपकी इम्यूनिटी को बढ़ा सकता है, चयापचय को नियंत्रित कर सकता है और आपके वजन को प्रबंधित करने में आपकी मदद कर सकता है।

नाश्ते में जौ से बनी चीजें

आप जौ को उसके संपूर्ण अनाज के रूप में या एक संसाधित जौ उत्पाद के रूप में सेवन कर सकते हैं। ये बीटा-ग्लूकन घुलनशील फाइबर है, जो पेट के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। जौ शरीर में ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने और वजन घटाने में सहायता करता है। यह भी कहा जाता है कि जौ का पानी गुर्दे की पथरी के साथ मदद कर सकता है। नाश्ते में आप इसका खीर या पराठा आदि बना कर खा सकते हैं।

दोपहर का भोजन में ताजी सब्जियां

सात्विक डाइट के तहत दिन के खाने में प्रोटीन युक्त खाना-पान के लिए कहा जाता है। इसमें आप ताजी सब्जियां, टोफू, दाल, पनीर और सलाद आदि खा सकते हैं। ये आपको दिन के वक्त में भारी-भारी सा महसूस नहीं करवाएगा बल्कि आप इन्हें खा कर हल्का और एनर्जेटिक महसूस करेंगे। ये आहार आपको वजन घटाने में भी मदद कर सकता है। अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग शाकाहारी आहार पैटर्न का पालन करते हैं, उनमें आमतौर पर नॉनवेटेरियनों की तुलना में कम बॉडी मास इंडेक्स और शरीर में कम फैट वाले होते हैं।

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स्नैक्स में आंवला या अन्य फलों का जूस 

आयुर्वेद में उल्लिखित, आंवला पोषक तत्वों के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। विशेष रूप से विटामिन सी के लिए। वास्तव में, इसमें विटामिन की उच्चतम सांद्रता है, किसी भी खट्टे फल की तुलना में अधिक है, और इस प्रकार यह आपकी प्रतिरक्षा को बढ़ा सकता है और संक्रमण से लड़ने में आपकी मदद कर सकता है। ये आप वर्कआउट के बाद अपने शाम के स्नैक्स के रूप में पी सकते और फल खा सकते हैं।

रात में मूंग, टोफू और मैंगो राइस

रात का खाना 7 बजे तक खा लें। आयुर्वेद के अनुसार लोगों को रात का खाना जल्दी और हल्का खाना चाहिए। ऐसे में सात्विक डाइट के तहत आप रात के खाने में मूंग, टोफू और मैंगो राइस आदि का सेवन कर सकते हैं। ये आपके शरीर के लिए फायदेमंद होने के साथ हल्का भी हैं। आप खाने के बाद हल्दी वाला दूध भी ले सकते हैं। ये आपको तनावमुक्त करके बेहतर नींद देगा।

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