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सही उम्र में शादी ना करने से बढ़ जाता है कैंसर का खतरा

कैंसर
By रीता चौधरी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 18, 2012
सही उम्र में शादी ना करने से बढ़ जाता है कैंसर का खतरा

आमतौर पर ज्यादातर महिलाएं 28 से 30 के बीच में शादी कर रही है।

आपकी उम्र 20-22 साल हो गई और आपने शादी नहीं की। आज से दस साल पहले यह एक बड़ा सवाल हुआ करता था, लेकिन आज हालात बदल चुके हैं। आजकल लड़कियां अपने करियर को लेकर खासी जागरुक हो चुकी हैं। इस कारण ऐसी लड़कियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है जो ज्यादा उम्र में शादी करती हैं। आमतौर पर ज्यादातर महिलाएं 28 से 30 के बीच में शादी कर रही है। क्योंकि उनको अपना करियर संवारने में इतना समय तो लग ही जाता है। लेकिन कई बार देर से शादी करना समस्याएं लेकर आ सकता है। देर से शादी करने पर कहीं ना कहीं इसका बुरा प्रभाव आपके शरीर पर भी पड़ता है। देर से शादी करना कैंसर की एक बड़ी वजह भी बन सकता है।

ज्यादा उम्र में शादी करने से हो सकता है कैंसर-

हाल के वर्षों में देर से शादी करने वाली महिलाओं में कैंसर के मामले बढ़ने की घटनाओं में तेजी आई है। डॉक्टरों की मानें तो देर से शादी होने के कारण बच्चेदानी के मुंह और ब्रेस्ट का कैंसर के होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसा हॉर्मोंस के असंतुलन के साथ ही देर से ब्रेस्ट फीडिंग कराने के कारण होता है।

महिलाओं में बढ़ती उम्र में शादी करना और बदलते परिवेश के साथ बदलते लाइफस्टा़इल के कारण कैंसर तेजी से फैल रहा है।

विज्ञान शादी की कोई सही उम्र तो नहीं बता सकता, पर आज की तारीख में देर से बच्चे को जन्म देना एक ट्रेंड-सा बन गया है। वैसे बच्चे को जन्म देने के लिए 20 से 35 वर्ष के बीच की उम्र सबसे अच्छी होती है।

महिलाओं का शरीर 18 साल से कम आयु में बच्चे को जन्म देने के लिए तैयार नहीं होता है, वहीं 35 साल की आयु के बाद बच्चे के जन्म में कई तरह की मेडिकल परेशानियां खड़ी हो सकती हैं, ऐसे में महिलाओं को कैंसर भी हो सकता है।

लाइफस्टाइल में बदलाव, देर से शादी और हार्मोनल ट्रीटमेंट की वजह से आजकल महिलाएं कैंसर की चपेट में आ रही हैं। ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर तो जैसे कॉमन होते जा रहे हैं। ब्रेस्ट कैंसर का खतरा लेट प्रेग्नेंसी के कारण बढ़ सकता हैं।

उम्र पर तो रोक नहीं लगाई जा सकती, लेकिन लाइफस्टाइल में जरूरी बदलाव लाकर कैंसर को काफी हद तक रोका जरूर जा सकता है। और अगर कैंसर शुरुआती स्टेज में पता चल जाए, तो ये पूरी तरह से क्योर हो सकता है।

Written by
रीता चौधरी
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 18, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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