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घर पर सुरक्षित गर्भपात

गर्भावस्‍था By लक्ष्मण सिंह , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 01, 2012
घर पर सुरक्षित गर्भपात

घर पर गर्भपात करने या करवाने से पहले सभी जरूरी बातों की जानकारी होनी चाहिए। थोड़ी सी भी लापरवाही महिला की जान को खतरे में डाल सकती है।

गर्भपात  एक बहुत ही  नाज़ुक और संवेदनशील मामला होता है, इसलिए इस विषय पर यदा कदा चर्चा होती रहती है। गर्भपात के बारे में अलग लोगों और अलग धर्मों की राय अलग अलग होती है। पुराने दिनों  में गर्भपात के बारे में खुलकर बात करना भी वर्जित था, पर बदलते समय के साथ लोग इस विषय पर खुलकर चर्चा करते हैं, खुलकर बहस करते हैं।

woman taking pillगर्भपात के मायने हैं गर्भाशय से भ्रूण को निष्कासित करना इससे पहले कि भ्रूण अपने दम पर जीना आरम्भ करे। कई लोग गर्भपात का विरोध करते हैं यह कहकर कि इस प्रक्रिया से आप स्वयं के बच्चे का क़त्ल कर रहे हैं। हालाँकि पश्चिमी देशों में गर्भपात को कानूनी मान्यता प्राप्त हो गई है, लेकिन कुछ देशों में गर्भपात करने या कराने के लिए अनेक नियमों और विनियमों का पालन करना ज़रूरी  होता है।

 

गर्भपात करने के अनेक कारण होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि सम्भोग के समय प्रेमी प्रेमिका या पति पत्नी गर्भ निरोधक तरीकों का प्रयोग करना भूल जाते हैं और औरत में गर्भ ठहर जाता है। कई बार पति के चाहते हुए भी पत्नी बच्चा पैदा नहीं करना चाहती क्यूंकि वह अपने सुडौल शरीर को बेडौल नहीं बनाना चाहती, और अगर ऐसी औरत में गर्भ ठहर जाता है, तो वो उसे जल्द से जल्द गिराना चाहती है। और जब कोई कुंवारी लड़की गर्भवती हो जाती है तो उसे समाज का डर लगा रहता है और वो भी अपने गर्भ को जल्द से जल्द गिराने को आतुर रहती है। धनी महिलाएं तो किसी महंगे गर्भपात केंद्र में जाकर आसानी से गर्भपात करवा सकती है, लेकिन जो बदनामी से डरती हैं, और गर्भपात केंद्र में नहीं जाना चाहतीं वे घर पर ही गर्भ गिरा सकती हैं।  लेकिन सवाल यह है कि क्या घर पर गर्भपात करवाना सुरक्षित होता है?  

जिन महिलाओं का गर्भ ९ हफ़्तों से कम होता है, ऐसी महिलाऐं अस्पताल से बाहर गर्भपात करवा सकती हैं।

गर्भपात करने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं:

  • २ ग्राम बबूल के नर्म पत्ते लें, और उन्हें २ कप पानी में उबालें जब तक कि यह उबलकर एक कप नहीं हो जाता। नियमित रूप से इसका सेवन करें जब तक गर्भ गिर नहीं जाता।
  • नमकीन विष का प्रयोग: इसका प्रयोग गर्भ के प्रथम तीन महीनों के भीतर किया जाता है।  इस प्रक्रिया से गर्भपात करने वाला चिकित्सक नमक का एक एक ठोस घोल इंजेक्शन के ज़रिये गर्भ में उस तरल पदार्थ में डाल देता है जहाँ बच्चा स्तिथ होता है। बच्चा उस घोल को सांस के द्वारा अपने भीतर लेता है, और विष से भर जाता है। उसे ख़तम करने की इस प्रक्रिया में  कम से कम एक घंटा लग जाता है।  
  • गर्भरोधक गोलियां: गर्भपात का एक और तरीका होता है गर्भरोधक गोलियों का सेवन करना। ये गोलियां किसी भी दवाई की दुकान में आसानी से उपलब्ध होती हैं।
  • ऐसा माना जाता है कि लगातार कच्चा पपीता खाने से भी अपने आप गर्भपात हो जाता है।
  • यूँ तो विटामिन सी किसी भी इंसान के लिए अत्यंत जरुरी है क्योंकि यह विटामिन आपके शरीर की रोग  प्रतिक्षण प्रणाली को मजबूत करता है लकिन कई लोग प्राकृतिक रूप से गर्भपात करने के लिए बहुत ज्यादा विटामिन सी का सेवन करने की सलाह देते हैं।  ऐसा माना जाता है कि बहुत ज्यादा मात्रा में विटामिन सी का सेवन करने से स्वतः गर्भपात हो जाता है।  अगर आप आवंला का सेवन प्रचूर मात्रा में करती हैं तो गर्भपात होने की पूरी संभावना है।  


घर पर गर्भपात करना कितना  सुरक्षित

यूँ तो घर पर गर्भपात करना सुरक्षित होता है जिसे गाँव वाले सदियों से बिना किसी समस्या के अपनाते आये हैं (जब गाँव की कोई कुँवारी लड़की गर्भवती हो जाया करती है तो बदनामी से बचने या बचाने के लिए उसका घरेलू तरीकों से आसानी से गर्भपात कर दिया जाता है), लेकिन कभी कभी घर पर गर्भपात करना जोखिम भरा काम हो सकता है , इसलिए बेहतर यही होगा गर्भपात का कोई भी तरीका अपनाने से पहले चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें ।

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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