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डायबिटीज में Insulin की डोज छोड़ना क्यों है खतरनाक? जानें क्यों बढ़ता है डायबिटीज रोगी का वजन

हृदय स्‍वास्‍थ्‍य By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 03, 2019
डायबिटीज में Insulin की डोज छोड़ना क्यों है खतरनाक? जानें क्यों बढ़ता है डायबिटीज रोगी का वजन

डायबिटीज रोगियों को शुगर कंट्रोल करने के लिए इंसुलिन इंजेक्शन लेना पड़ता है। मगर कई बार इंसुलिन के प्रयोग से वजन बढ़ने के कारण लोग इंसुलिन की डोज छोड़ना शुरू कर देते हैं, जो खतरनाक हो सकता है। जानें डायबिटीज में क्यों बढ़ता है वजन और क्यों खतरनाक

डायबिटीज (Diabetes) रोग आपके शरीर को कई तरह से प्रभावित करता है। इस रोग के कारण शरीर में ब्लड शुगर (Blood Sugar) बढ़ने लगता है। बढ़े हुए ब्लड शुगर के कारण किडनी, लिवर या हृदय काम करना बंद कर सकते हैं, जो कि एक खतरनाक स्थिति है। टाइप 1 डायबिटीज (Type 1 Diabetes) के रोगियों के लिए इंसुलिन ही डायबिटीज को कंट्रोल करने का इलाज है (Diabetes Treatment)। मगर कई बार इंसुलिन (Insulin) के प्रयोग के कारण व्यक्ति का वजन बढ़ने (Weight Gain) लगता है। इससे परेशान होकर व्यक्ति इंसुलिन की डोज छोड़ने लगता है। मेडिकल की भाषा में इसे एक खास ईटिंग डिसऑर्डर कहा जाता है- डायबुलीमिया (Diabulimia)

आमतौर पर ईटिंग डिसऑर्डर उसे कहते हैं, जब व्यक्ति अपने खान-पान पर ठीक तरह से ध्यान नहीं देता है। ऐसा उन लोगों के साथ होता है, जो अपने वजन और बॉडी शेप को लेकर नाखुश रहते हैं। इसलिए वजन बढ़ाने या घटाने के लिए वो या तो जरूरत से ज्यादा खाने लगते हैं या कम खाने लगते हैं।

टाइप 1 डायबिटीज के रोगियों में ईटिंग डिसऑर्डर का खतरा ज्यादा होता है। ऐसा देखा गया है कि डायबिटीज के शिकार लोग अपना वजन बढ़ने से रोकने के लिए इंसुलिन की डोज बीच-बीच में छोड़ देते हैं। हालांकि लोगों को यह नहीं पता होता है कि ऐसा करने से उनका मेटाबॉलिज्म कमजोर होता है और कई बार ये खतरनाक हो सकता है।

डायबिटीज का शरीर पर प्रभाव? (How Diabetes Affects Body)

डायबिटीज होने पर शरीर में इंसुलिन हार्मोन ठीक से काम करना बंद कर देता है, जिसके कारण रोगी के खून में शुगर की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है। जब आप खाना खाते हैं, तो आपका शरीर इस खाने को ग्लूकोज में बदल कर खून में पहुंचा देता है। यहां पर पैंक्रियाज द्वारा बनाया हुआ एक खास हार्मोन, जिसे इंसुलिन कहते हैं, इस ग्लूकोज को एनर्जी में बदलता है, जिससे आपकी कोशिकाएं इसका इस्तेमाल कर सकें। अब अगर किसी व्यक्ति के शरीर में बनने वाला इंसुलिन हार्मोन ही ठीक से काम न करे, तो शरीर खाने को ग्लूकोज में तोड़ देगा मगर ये ग्लूकोज एनर्जी में नहीं बदल पाएगा और खून में ही घुला रह जाएगा। यही कारण है कि डायबिटीज रोगियों का ब्लड शुगर बढ़ा हुआ होता है।

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इंसुलिन के प्रयोग से क्यों बढ़ता है वजन? (Insulin and Weight Gain in Diabetes)

टाइप 1 डायबिटीज का एक मात्र इलाज इंसुलिन है। इंसुलिन के प्रयोग से वजन बढ़ने की समस्या शुरू हो जाती है। वजन बढ़ना इस बात का संकेत है कि इंसुलिन ठीक से काम कर रहा है। दरअसल डायबिटीज रोगी जब इंसुलिन लेते हैं, तो उनका शरीर शुगर, फैट और प्रोटीन को ठीक तरह से इस्तेमाल करता है। अगर आप कैलोरीज का पूरी तरह इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो ये फैट में बदलकर शरीर में स्टोर होने लगते हैं। इसलिए इंसुलिन का इस्तेमाल करने से वजन बढ़ने लगता है। सस्ती इंसुलिन के इस्तेमाल में वजन बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।

क्या है डायबुलीमिया? (What is Diabulimia)

इंसुलिन के कारण वजन बढ़ने पर कुछ लोग चिंता करने लगते हैं और वजन घटाने के लिए इंसुलिन की डोज बीच-बीच में छोड़ना शुरू कर देते हैं। इससे उनका वजन तो घटने लगता है मगर शरीर का मेटाबॉलिज्म खराब होता है। जानबूझकर इंसुलिन छोड़ने की इस आदत को ही 'डायबुलीमिया' कहा जाता है। ये एक तरह का ईटिंग डिसऑर्डर है, जो डायबिटीज और बुलीमिया शब्दों से मिलकर बना है।

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क्यों खतरनाक है इंसुलिन छोड़ना (Side Effects of Skipping Insulin Injection for Diabetes Patients)

डायबिटीज रोगियों के लिए इंसुलिन की डोज छोड़ना बहुत खतरनाक हो सकता है। इसका कारण है कि इंसुलिन छोड़ते ही शरीर में ब्लड शुगर बढ़ने लगता है और मेटाबॉलिक सिस्टम कमजोर हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति की किडनियां और नर्व्स डैमेज हो सकते हैं। इसके अलावा दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कुछ लोगों को आंखों से धुंधला दिखाई देने लगता है और गंभीर स्थिति में हमेशा के लिए आंखों की रोशनी जा सकती है।

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