एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ग्रीन कॉफी से साफ हो जाती है लिवर की गंदगी, फैट होता है कम

Updated at: Nov 17, 2019
एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर ग्रीन कॉफी से साफ हो जाती है लिवर की गंदगी, फैट होता है कम

ब्लैक कॉफी के बाद इन दिनों ग्रीन कॉफी का चलन तेज़ी से बढ़ा है। कहा जा रहा है कि ग्रीन कॉफी बीन्स वज़न कम करने में सहायक है। इसलिए हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे डाइट में शामिल कर रहे हैं। 

Atul Modi
स्वस्थ आहारWritten by: Atul ModiPublished at: Nov 17, 2019

अगर आप पिछले कुछ वर्षों से खुद को फिट रखने के लिए ग्रीन-टी या ब्लैक कॉफी पी रहे हैं तो अब समय है कुछ बदलाव करने का। ग्रीन-टी हो या ब्लैक कॉफी इन्हें छोड़कर अपनाइए ग्रीन कॉफी। यह सेहत को ठीक रखती है और वज़न कम करने में भी सहायक है। ग्रीन कॉफी धीरे-धीरे हेल्थ और फिटनेस के बाज़ार में अपनी जगह बना रही है। इसके फायदों ने तो ग्रीन-टी को भी पीछे छोड़ दिया। वैसे बता दें कि ग्रीन-टी की ही तरह ग्रीन कॉफी में भी भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। यह वज़न को तेज़ी से कम करने में सहायक है। खबरों के अनुसार इसके नियमित सेवन और बिना एक्सरसाइज़ के आप अपना वज़न 10 किलो तक कम कर सकते हैं। इस बात में कितनी सच्चाई है, जानने के लिए पढ़ें यह लेख।

ग्रीन कॉफी बीन्स को प्राकृतिक डिटॉक्स का एक रूप माना गया है। इसके सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल, अतिरिक्त फैट और लिवर से जीवाणु बाहर निकल जाते हैं, जिससे यह सही तरह से काम करता है और इसी से मेटाबॉलिज़्म में सुधार होता है।

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न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्‍टर हिमांशी बताती हैं, कि जो लोग कॉफी डाइट को फॉलो कर रहे हैं, वे हर दिन कम से कम 3 कप ब्लैक या ग्रीन कॉफी पी सकते हैं। वे बताते हैं कि ब्लैक कॉफी के लिए शर्त यह है कि ब्लैक बीन्स हलके भुने हुए और अच्छी क्वॉलिटी के होने चाहिए, जिसमें कैफीन न हो या बेहद कम मात्रा में हो। कॉफी में पॉलिफिनाइल्स नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो हमें कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचाता है। यह डायबिटीज़ को संतुलित रखने और कैंसर से बचाने में भी मदद करता है। मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाने, ब्लड सर्कुलेशन में सुधार करने के साथ ही यह असमय की मंचिंग की आदत से कुछ हद तक बचाती है।

कैसे लें ब्लैक कॉफी बीन्स:

अगर आप कॉफी डाइट फॉलो कर रहे हैं तो इसे बिना दूध के ही बनाएं। हर दिन 3 कप ब्लैक या ग्रीन कॉफी के साथ हेल्दी डाइट को भी फॉलो करें। जिसमें रिफाइंड काब्र्स, तली-भुनी चीज़ें, कोल्ड डिंक्स लेना मना है। दिन भर के कैलरी इनटेक को भी 1500 से कम रखने की कोशिश करें, तभी यह असरकारक होगी।

ज़रूरी टिप्स: कॉफी के अलावा अपनी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स शामिल करें, जैसे- फल, सब्ज़ी, नट्स, सीड्स और लीन मीट खाएं। डाइट फॉलो करते समय अगर आपको पाचन संबंधी परेशानियां, एसिडिटी और कब्ज़ की शिकायत हो रही है तो फिर न्यूट्रिशनिस्ट से सलाह लें और सही डाइट प्लैन बनवाएं। ध्यान दें कि हर 2 कॉफी के बीच में कम से कम 2-3 घंटे का अंतर रखें। शाम 5 के बाद कॉफी न पीएं। सोने से ठीक पहले इसका सेवन न करें, इससे अनिद्रा और वज़न बढ़ सकता है।

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ग्रीन कॉफी बनाने के तरीके

पहला तरीका

एक टीस्पून ग्रीन कॉफी बीन्स को रात भर 1 ग्लास पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को ग्रीन टी या कॉफी की तरह उबालें। इसमें शुरुआत में शहद मिला सकते हैं लेकिन बाद में इसे फीका ही पीना शुरू करें, तभी आपको इसका फायदा मिलेगा।

दूसरा तरीका

ग्रीन कॉफी बीन्स को थोड़ी देर धूप में रखें। ग्राइंडर में बारीक पीस लें। इस पाउडर को तेज़ उबलते पानी में 2 मिनट तक बॉयल कर छानकर पीएं।

क्या है ग्रीन कॉफी बीन्स

कॉफी के पौधे से हरे रंग के बीजों को लेकर पहले उन्हें रोस्ट किया जाता है। फिर इसे पीसकर कॉफी बनाई जाती है। इस प्रक्रिया से कॉफी का रंग हरा से बदलकर हलका या गहरा भूरा हो जाता है और स्वाद भी बढ़ जाता है, लेकिन कॉफी में मौज़ूद एंटीऑक्सीडेंट जैसे गुणकारी तत्व खत्म हो जाते हैं। वहीं, जब कॉफी को बिना भुने पीसकर पाउडर बनाया जाता है तो इसे ग्रीन कॉफी कहते हैं। इसमें कई गुणकारी तत्व मौज़ूद हैं, जो सेहत के लिए अच्छे होते हैं। एक्सपर्ट बताती हैं कि रोज़ाना 200-480 एमजी तक ग्रीन कॉफी का सेवन करना शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

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सही समय पर पीना ज़रूरी

इसे डाइट का हिस्सा बनाने से पहले यह समझ लें कि ऐसा न करें कि जब मन किया तभी इसे पी लिया, जो सही नहीं है :

  • ग्रीन कॉफी को सुबह खाली पेट पीएं। इस समय पर पीने से इसका असर तेज़ी से होता है।
  • दोपहर से आधा घंटा पहले या फिर खाने के एक घंटे बाद ही इसे पीएं।
  • पेट खराब है तो इसका सेवन न करें। अगर ग्लूकोमा है तो इसके सेवन से बचें।
  • अगर आपको एंग्ज़ायटी है या दिल की धड़कनें बहुत बढ़ी हुई हैं तो इसका सेवन न करें।

सावधानियां: 

ग्रीन कॉफी में चीनी या शहद का प्रयोग न करें। साथ ही इसमें दूध भी न मिलाएं। इसे ऐसे ही पीएं और दिन भर में अधिक से अधिक 2 कप का ही सेवन करें। इससे अधिक पीने पर कई प्रकार की समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती व स्तनपान कराने वाली स्त्रियों और बच्चों को ग्रीन कॉफी पीने से बचना चाहिए। इसे डाइट प्लैन में शामिल करने से पहले एक बार डाइटीशियन से संपर्क ज़रूर कर लें।

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