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मल के साथ खून आना और पेट दर्द हो सकता है अल्सरेटिव कोलायटिस का लक्षण

अन्य़ बीमारियां By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 13, 2018
मल के साथ खून आना और पेट दर्द हो सकता है अल्सरेटिव कोलायटिस का लक्षण

अल्सरेटिव कोलायटिस एक ऐसी ही बीमारी है जो आंतों में छालों की वजह से होती है। इस बीमारी के कारण पेट में तेज दर्द होता है और कई बार मल के साथ खून भी आने लगता है।

Quick Bites
  • पेट में दर्द की एक वजह पेट के छाले हो सकते हैं।
  • अल्सरेटिव कॉलिटिस बड़ी आंत में छालों की वजह से होता है।
  • पेट में लगातार दर्द भले ही बहुत तेज न हो, इसे नजरअंदाज न करें।

पेट हमारे शरीर का महत्वपूर्ण हिस्सा है क्योंकि हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं उसे पचाने का काम, ऊर्जा और पोषक तत्वों को अलग करने का काम और शरीर के अन्य अंगों तक इन्हें पहुंचाने का काम पेट मे मौजूद अंगों में ही होता है। पेट में कई तरह के रोग हो सकते हैं और इसके कारण पेट में दर्द, अपच और कब्ज आदि की समस्या हो सकती है। अल्सरेटिव कोलायटिस एक ऐसी ही बीमारी है जो आंतों में छालों की वजह से होती है। इस बीमारी के कारण पेट में तेज दर्द होता है और कई बार मल के साथ खून भी आने लगता है।

आमतौर पर पेट में दर्द की समस्या गलत खान-पान के कारण होती है इसलिए इसे सामान्य समझा जाता है। अगर दर्द सामान्य है तो कुछ घंटों या एक-दो दिन में ठीक हो जाता है। अगर दर्द लगातार बना रहे और असामान्य लगे, तो ये कई तरह की बीमारियों का संकेत हो सकता है। पेट में दर्द की एक वजह पेट के छाले हो सकते हैं। इन छालों में कई बार लोग समय से इलाज नहीं करवाते हैं और इसे सामान्य समझकर पेट दर्द की दवाएं खाते रहते हैं, तो इन छालों के कारण अल्सरेटिव कोलायटिस नामक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। आमतौर पर ये बीमारी बड़ी आंत में होती है।

अल्सरेटिव कोलायटिस

अल्सरेटिव कोलायटिस एक तरह की बीमारी है जो बड़ी आंत में छालों की वजह से हो जाती है। इसकी वजह से आंत या पेट में सूजन की समस्या हो जाती है और कई बार छालों से खून निकलने लगता है और इससे पाचन में परेशानी होने लगती है।

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अल्सरेटिव कॉलिटिस के लक्षण

अगर किसी के पेट में लगातार दर्द हो रहा है और उसे मल के साथ खून आने की समस्या या डायरिया हुआ है, तो संभव है ये बीमारी अल्सरेटिव कोलायटिस हो। पेट में लगातार दर्द भले ही बहुत तेज न हो, लेकिन इसे नजरअंदाज न करें। कई बार जब आंतों में छाले आने की शुरुआत होती है, तो दर्द हल्का या सामान्य होता है जो धीरे-धीरे बढ़ता जाता है। इसके अलावा अगर आपका पाचन खराब हो जाए और बार-बार टॉयलेट जाना पड़े साथ ही कुछ हफ्तों में वजन तेजी से घटने लगे और मितली होने लगे, तो ये भी इस रोग के लक्षण हो सकते हैं। बच्चों में ये समस्या होने पर उनका विकास रुक सकता है। अल्सरेटिव कोलायटिस के रोगी को जोड़ों में दर्द, त्वचा पर छाले, थकान और सुस्ती, एनीमिया और जल्दी-जल्दी बुखार आने की समस्या भी हो सकती है।

अल्सरेटिव कोलायटिस और क्रोंस डिजीज में अंतर

अल्सरेटिव कोलायटिस और क्रोंस डिजीज दोनों ही पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियां हैं और इनके लक्षण भी एक जैसे हैं, इसलिए कई बार चिकित्सक भी इनके लक्षणों को समझ नहीं पाते हैं। दोनों ही बीमारियों में आंतों में सूजन और दर्द के लक्षण दिखाई देते हैं। मगर दोनों में अंतर ये है कि अल्सरेटिव कोलायटिस सिर्फ बड़ी आंत में हो सकता है जबकि क्रोंस डिजीज मुंह से गुदाद्वार तक आहार और पाचन से जुड़े किसी भी अंग में हो सकता है। इसी तरह बॉवेल सिंड्रोम के लक्षण भी अल्सरेटिव कोलायटिस से मिलते हैं और इसमें भी पेट में लंबे समय तक दर्द के साथ डायरिया की समस्या हो सकती है। लेकिन बॉवेल सिंड्रोम में आंतों में सूजन या छाले नहीं होते हैं।

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किनको होता है खतरा

वैसे तो अल्सरेटिव कोलायटिस किसी भी उम्र में हो सकता है मगर आमतौर पर ये 15 से 25 साल की उम्र में ज्यादा होता है। चिकत्सक इसका कारण बचपन से ही खान-पान की गलत आदतें, अत्यधिक तेल मसाले वाले भोजन, फास्ट फूड्स और हानिकारक टेस्ट इन्हैंसर्स को मानते हैं। ये बीमारी बड़ों को भी हो सकती है अगर वो अपने खान-पान को लेकर सचेत नहीं रहते हैं और ज्यादातर अस्वस्थ आहार खाते हैं।

क्यों होता है अल्सरेटिव कोलायटिस

अल्सरेटिव कोलायटिस होने के कारणों का ठोस आधार अब तक नहीं पता चला है लेकिन मरीजों पर हुए शोध के अनुसार ये बीमारी उन लोगों को जल्दी चपेट में लेती है जिनका इम्यून सिस्टम यानि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है और जिनका शरीर जर्म्स और बैक्टीरिया से नहीं लड़ सकता है। इस बीमारी की सबसे बड़ी और मुख्य वजह अस्वस्थ खान-पान है और तनाव से ये समस्या और ज्यादा बढ़ जाती है। कॉलोनोस्कोपी द्वारा इस बीमारी का पता लगाया जाता है और फिर इलाज किया जाता है।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 13, 2018

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