घरों में क्यों कम होता जा रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, जानें क्या है इसका कारण

Updated at: Jul 14, 2020
घरों में क्यों कम होता जा रहा है सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, जानें क्या है इसका कारण

क्या आप भी घर पर सामाजिक दूरी करने से बचे रहते हैं, जानें क्यों परिवार के साथ भी जरूरी होता है सोशल डिस्टेंसिंग।

Vishal Singh
विविधWritten by: Vishal SinghPublished at: Jul 14, 2020

पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का कहर जारी है, ऐसे में सभी लोग एक्सपर्ट और डॉक्टरों के कहे अनुसार अपने बचाव के लिए तरीके अपना रहे हैं। लेकिन लोग अपनों के साथ सामाजिक दूरी का पालन करने से पीछे रह जा रहे हैं। हालांकि इन समारोहों में हमेशा वायरस का प्रसार नहीं होता है, लेकिन वे जोखिम के बिना नहीं होते हैं। हम दोस्तों या अजनबियों की तुलना में परिवार के सदस्यों के लिए सामाजिक भेद को खत्म करने का विचार रखते हैं। कई महीनों से लोगों ने अपने बच्चों, पत्नी और परिवार के सदस्यों को गले नहीं लगाया न ही उनसे करीब आकर बात की, लेकिन अब ये दूरी कम होती है जा रही है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आप क्यों अपने परिवार के साथ इस सामाजिक दूरी वाले नियम को पालन करने से दूर रहते हैं। आइए हम आपको इस लेख के जरिए बताते हैं कि आप ऐसा करने से पीछे क्यों हैं। 

social distancing

परिवार से गहरा संबंध

पिछले कई महीनों में लोगों ने अपनों से दूर रहकर और इस जानलेवा बीमारी से लड़ने के लिए तैयारी की और कई नियमों का पालन किया, लेकिन अब लोग इस सोशल डिस्टेंसिंग वाले नियम का पालन करने से पीछे रह रहे हैं। खासकर ऐसी स्थिति परिवार के सदस्यों के साथ ज्यादा देखी जा रही है। ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि सभी लोग अपनी पत्नी, बच्चों और परिवार से कई महीनों से नहीं मिले न ही उनके साथ करीब आकर बात कर पाएं। 

प्यार डर से ज्यादा मजबूत है

ये तो आपने सुना ही होगा कि प्यार करने वाले किसी भी चीज से नहीं डरते, यानी प्यान डर से ज्यादा मजबूत होता है। ऐसे में प्रेमी जोड़े एक-दूसरे से ज्यादा दिन तक सामाजिक दूरी बनाकर नहीं रह सकते। इसलिए, जब हम अपने परिवार के सदस्यों से मिलते हैं तो तैयार हो जाते हैं, तो हमारा डर पीछे हट सकता है।

इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस रिकवरी के बाद एक्सरसाइज करना कितना सही? जानिए आपको कब से शुरू करनी चाहिए फिजिकल एक्टिविटी

परिवार के सदस्य को सुरक्षित मानते हैं

अक्सर इस महामारी के बीच ये देखा गया है कि लोग अपने परिवार से मिलने के मामले में ये मान लेते हैं कि वो पूरी तरह से सुरक्षित और स्वस्थ हैं। हम परिवार के साथ सहज महसूस करते हैं और वह सुरक्षित महसूस करता है। इस संज्ञानात्मक व्यवहार थेरेपी में हम इसे "भावनात्मक तर्क" कहते हैं - हमारी भावनाओं पर हमारे विश्वास को। जिसमें हम अपनों के प्रति ऐसी सोच को रखते हैं, इसलिए हम उनसे दूर रहने के बारे में नहीं सोचते। 

देखभाल करने के लिए

ये कहना गलत नहीं हो सकता कि हम अपने परिवार के सदस्यों के देखभाल करने के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। ऐसे में कोरोना वायरस (Coronavirus) जैसी महामारी के बीच भी लोग अपने घर में माता-पिता, भाई-बहन, बच्चों और पत्नियों की देखभाल कर रहे हैं। अपनों के साथ दूर रहकर एक क्रूरता महसूस होती है। इसके अलावा जब आप किसी अपने साथ होते हैं तो आप उनसे कुछ समय के लिए ही दूरी बना सकते हैं।

इसे भी पढ़ें: कोरोना वायरस के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं, वैक्सीन और इम्यूनिटी से उम्मीद अभी संशय में: WHO

अगर आप अपने परिवार के सदस्यों से दूर नहीं रह सकते तो आपको जरूरत है कि आप इस वायरस के प्रकोप को समझें और अपने परिवार के सदस्यों को भी समझाएं, इस महामारी के बीच आपको अपनों के साथ रहते हुए काफी सुरक्षित रहने की जरूरत होती है। इसके साथ ही आप परिवार में शामिल होने का निर्णय लेते हैं, तो सुरक्षित रहने के लिए नियमों का पालन करें। आपको बता दें कि रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के दिशानिर्देशों का संदर्भ ले सकते हैं। जिसमें अभी भी हाथ धोना शामिल हैं, लोगों से छह फीट की दूरी और दूसरों की सुरक्षा के लिए फेस मास्क का इस्तेमाल जरूरी है। 

Read More Articles On Miscellaneous In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK