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क्रोनिक पेन के वास्‍तविक कारण और इसका उपचार

दर्द का प्रबंधन
By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 02, 2015
क्रोनिक पेन के वास्‍तविक कारण और इसका उपचार

क्रोनिक पेन लोग द्वारा बार-बार डॉक्‍टर के पास जाने के सबसे सामान्‍य कारणों में से एक है। यह मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, पेट और कभी-कभी त्‍वचा से संबंधित कई अन्‍य कष्‍टप्रद समस्‍याओं का कारण बनता है। इसलिए इसके बारे में

Quick Bites
  • क्रोनिक पेन का मूल कारण दवा से ठीक नहीं होता।
  • आहार से चीनी आधारित उत्पादों का बहिष्कार करें।
  • क्रोनिक पेन में आटा-आधारित उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्रोनिक पेन को कम करने के लिए आहार और जीवन शैली में परिवर्तन करें।

क्रोनिक पेन ऐसा दर्द होता है जो समय के साथ बढ़ता जाता है। यह अस्थायी दर्द की तुलना में अधिक समय तक रहता है। यह हल्का या तीव्र हो सकता है। और इसका कारण कोई लंबी बीमारी भी हो सकती है। क्रॉनिक पेन लगातार रह सकता है या बार-बार हो सकता है। यह प्रायः किसी दीर्घकालिक बीमारी के कारण होता है और उस रोग के लक्षणों में एक हो सकता है। इसके पूर्वानुमान नहीं लगाए जा सकते और प्रायः रोग की पहचान सुनिश्चित नहीं होती। इलाज में सामान्यतः कई विधियां सम्मिलित रूप से प्रयोग में लाई जाती हैं। प्रायः रोग ठीक हो जाने या इलाज पूरा हो जाने के बाद दुबारा दर्द हो सकता है।

cronic pain in hindi

क्रोनिक पेन लोग द्वारा बार-बार डॉक्‍टर के पास जाने के सबसे सामान्‍य कारणों में से एक है। यह मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य, पेट और कभी-कभी त्‍वचा से संबंधित कई अन्‍य कष्‍टप्रद समस्‍याओं के कारण होता है। कई लोगों के लिए तो यह एक अधिक भयानक दुर्दशा है, क्‍योंकि ऐसे लोगों को दर्द को नियंत्रित करने के लिए दवा की जरूरत पड़ती हैं। यह हालत और बदतर तब हो जाती है, जब दवाओं पर लाखों-हजारों रूप खर्च करने के बाद भी आपको दर्द में आराम नहीं मिलता। ऐसा इसलिए होता है‍ क्‍योंकि वह मूल समस्‍याओं पर लक्षित होने की बजाय लक्षण पर आ‍धारित होती है।


क्रोनिक पेन का मूल कारण क्या है?

क्रोनिक पेन के मुख्‍य कारणों में कोशिकाओं का ठीक से काम न करना शामिल है, जिसे हर आम आदमी शरीर के निर्माण ब्‍लॉकों के रूप में जानता है। और कोशिकाओं के खराब कामकाज के पीछे माइटोकॉन्ड्रिया कोशिकाएं मुख्‍य कारण है, और शरीर के अंदर सॉल्वैंट्स, प्लास्टिक और अन्य मानव निर्मित रसायनों की वजह से हार्मोन में सूजन और विघटन बढ़ जाता है। इसके अलावा तेज दर्द के सबसे बड़े कारणों में आहार में पोषक तत्‍वों की कमी भी शामिल है।


क्रोनिक पेन से प्रभावित लोग में आम लक्षणों में चीनी के प्रति विशेष पसंद शामिल है। ऐसा इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि वह 68 किलोग्राम चीनी और अधिक से अधिक 45 किलोग्राम आटा हर साल उपभोग करते हैं। इस तरह से चीनी और आटे की खपत सब्जियों और अन्‍य स्‍वस्‍थ खाद्य पदार्थों के पोषण को कम कर देती है।

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क्रोनिक पेन से बचने के उपाय

क्रोनिक पेन से निपटने का सबसे अच्‍छा तरीका है कि दर्द से पीड़ि‍त मरीज को अपने आहार से चीनी और आटा-आधारित उत्‍पादों के सेवन को बहुत कम कर देना चाहिए और बेरीज् और नॉन-स्‍टार्च सब्जियों के सेवन को बढ़ा देना चाहिए। और अपरिचित ग्‍लूटेन संवेदनशीलता के इलाज के लिए अपने आहार से ग्‍लूटेन को हटा देना चाहिए। जीवनशैली में बदलाव लाएं। पोषक भोजन खाएं, विशेषकर ऐसा भोजन, जो कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर हो। शारीरिक रूप से सक्रिय रहें। नियमित रूप से एक्सरसाइज और योग करें। शरीर का पॉश्चर ठीक रखें। इस तरह से तेज दर्द के इलाज के लिए आहार और जीवन शैली में परिवर्तन बहुत जरूरी है।


Image Source : Getty


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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 02, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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