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स्वास्थ्य के लिए अच्छी या बुरी है इंटर्मिटेन फास्टिंग

एक्सरसाइज और फिटनेस By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 25, 2015
स्वास्थ्य के लिए अच्छी  या बुरी है इंटर्मिटेन फास्टिंग

वजन कम करने के लिए आपने अब तक बहुत जतन किये। खाने पर कंट्रोल से लेकर घंटो जिम मे बिता दिये। पर क्या आपने कभी  इंटर्मिटेन  फास्ट ट्राई किया है। क्या आप जानते है कि  इंटर्मिटेन  फास्ट कैसे रखते है औऱ ये आपके वजन को कैसे निंयत्रित

Quick Bites
  • वजन कम करने मे सहायक होता है  इंटर्मिटेन  फास्ट।
  • इसमे आखिरी मील के बाद 12 घंटे तक करते है फास्ट।
  • इस दौरान शरीर मे तेज होती है फैट बर्न की प्रकिया ।
  • डायटिंग करने से आसान होता है  इंटर्मिटेन  फास्ट।

अपने वजन को नियंत्रित भी करना चाहते है और अपने पंसद के खाने के छोड़ने के लिए भी तैयार ना हो तो  इंटर्मिटेन  फास्ट अपनाइयें। ये आपको आपके मनपंसद आहारों के सेवन से नहीं रोकेगी। शुरूआती दौर मे शायद ये आपको थोड़ा अजीब लगे लेकिन है फायदेमंद। वजन कम करने का अर्थ अपने शरीर के कंपोजिशन को संतुलिन मे रखना।  इंटर्मिटेन  फास्ट कैसे रखते है इसके फायदे और नुकसान को जानने के लिए आगे पढ़े।
intermittent fasting in Hindi

क्या होती है  इंटर्मिटेन  फास्टिंग

इंटर्मिटेन  फास्टिंग कोई डायट नहीं होती है। ये तरह से खाने का तरीका होता है। इसमे आप अपनी पंसद का खाना खा सकते है लेकिन उसे खाने का एक समय जरूर तय करना होता है। इससे आप अपनी पंसद के आहारों का सेवन करते हुए भी वजन को कम कर सकते है। इसमे आप वसा को तो कम करते है लेकिन आपके मांसपेशियों को असर नहीं पड़ता है।  इंटर्मिटेन  फास्टिंग रखने के भी कई तरीके होते है। जिससे शरीर का अनावश्यक फैट कम होने लगता है और केवल आवश्यक फैट बचा रहता है।   इंटर्मिटेन  फास्टिंग मे हम दिन के कुछ घंटे (8 से 12 घंटे) तक व्रत रहते है। बाकि समय हम अपनी पंसद के भोजन को कर सकते है। इस तरीके को एकदम से अपनाना आसान नहीं होता है इसलिए धीरे-धीरे इसकी शुरूआत की जानी चाहिए।


कैसे काम करती है  इंटर्मिटेन  फास्टिंग

वजन कम करने के लि  इंटर्मिटेन  फास्टिंग को समझना बहुत जरूरी होता है।  इंटर्मिटेन  फास्टिंग कैसे काम करती है ये समझने के लिए सबसे पहले आपको  खाने की स्थिति और फास्ट की स्थिति को जाने।  जब आप खाना खाते है जो आपका शरीर उसे पचाने के लिए 3 से 5 घंटे ले लेता है। इस दौरान शरीर का इंसुलिन का स्तर उच्च होता है इसलिए वो फैट को बर्ऩ नहीं कर पाता है। आपके आखिरी आहार के 8 से 12 घंटे बाद शरीर फास्टिंग की स्थिति मे चला जाता है जब इंसुलिन का स्तर कम हो जाता है और फैट बर्न की प्रकिया तेज हो जाती है। इसलिए जो  इंटर्मिटेन  फास्टिंग करते है उन्हे इस बात की चिंता नहीं करनी पड़ती कि वो कितना खाते है,क्या खाते है औऱ कितनी एक्सरसाइज करते है। फास्टिंग की स्थिति उनके शरीर के कंपोजिशन को संतुलित कर देती है। intermittent fasting

इंटर्मिटेन  फास्टिंग का फायदा

 इंटर्मिटेन  फास्टिंग का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए आपको अलग से कोई मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। साथ ही आप अपनी पंसद के आहारों का भी भरपूर आंनद ले सकते है। इसे अपनी सहूलियत के अनुसार अपनाया जा सकता है। दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और साल भर के हिसाब से आप अपने खाने का तरीका अपना लीजिए। इसके कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं होते है। ये कैंसर होने से रोकता है। इसको अपनाने से आपका जीवन लंबा हो जाता है।

 इंटर्मिटेन  फास्टिंग डायटिंग करने से आसान होती है। इससे वजन भी जल्दी घटता है। इसको अपनाने से शरीर मे किसी तरह के पोषक तत्वों की कमी नहीं होती है।

 

ImageCourtesy@gettyimages

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Written by
Aditi Singh
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJun 25, 2015

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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