• shareIcon

कई दिमागी रोगों को जन्म देते हैं रेडी-टु-ईट फूड्स, जानें कैसे पहुंचाते हैं ये नुकसान

स्वस्थ आहार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 05, 2019
कई दिमागी रोगों को जन्म देते हैं रेडी-टु-ईट फूड्स, जानें कैसे पहुंचाते हैं ये नुकसान

आजकल व्यस्त दिनचर्या के चलते लोग अपने खानपान को प्राथमिकता नहीं दे पा रहे हैं। जिसका कारण यह है कि इस जल्दबाजी का फायदा रेडी-टु-ईट फूड ले रहे हैं। लोगों को लगता है कि रेडी-टु-ईट फूड ज्यादा सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक नहीं होते हैं वहीं बच्चों को

आजकल व्यस्त दिनचर्या के चलते लोग अपने खानपान को प्राथमिकता नहीं दे पा रहे हैं। जिसका कारण यह है कि इस जल्दबाजी का फायदा रेडी-टु-ईट फूड ले रहे हैं। लोगों को लगता है कि रेडी-टु-ईट फूड ज्यादा सेहत के लिए ज्यादा नुकसानदायक नहीं होते हैं वहीं बच्चों को यह स्वादिष्ट भी लगते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि ऐसे फूड न सिर्फ हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक होते हैं बल्कि इनसे कई तरह की दिमागी बीमारियों को भी निमंत्रण मिलता है। डॉक्टर्स का कहना है कि व्यस्त दिनचर्या के चलते पैक्ड फूड आजकल हमारे खानपान में शामिल हो गया है लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदेह है। कई बार खाना बनाने से बचने के लिए लोग इंस्टेंट या पैक्ड फूड अपनाते हैं। यहां तक कि ऐसी चीजों बच्चों के टिफिन का भी हिस्सा बनती जा रही हैं।

हालांकि इस तरह के फूड ने जि़ंदगी को आसान बनाया है मगर इससे खाने-पीने की आदतें बिगड़ गई हैं। एक शोध के अनुसार कुछ खाद्य पदार्थों में ऐसे तत्व शामिल होते हैं, जिनके कारण लोग आसानी से उनके आदी हो जाते हैं। यही कारण है कि एक बार इन चीज़ों का स्वाद लेने के बाद वे बार-बार इन्हें खाने लगते हैं। एक अन्य शोध में यह भी कहा गया है कि काफी हद तक हमारा ब्रेन भी इसके लिए जिम्मेदार है। वहीं से इंद्रियों तक यह संदेश जाता है। ऐसे मामलों में दृढ़ इच्छा-शक्ति के बलबूते ही ऐसे खानपान के प्रति आकर्षण को कम किया जा सकता है।

ऐसे पकाएं और खाएं

आपको बता दें कि दो मिनट में तैयार हो जाने वाले नूडल ही नहीं, किसी भी रेडी-टु ईट पैक्ड फूड को पूरी तरह सेफ नहीं माना जा सकता क्योंकि इनमें डाला जाने वाला प्रिज़र्वेटिव लॉन्ग टर्म में सेहत को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि बाज़ारों में ऐसे कई पैक्ड फूड मिलेंगे, जो सेफ हैं और उन्हें मिनटों में तैयार किया जा सकता है। ये टेस्टी होने के साथ कैल्शियम और प्रोटीन से भी भरपूर हैं। इन्हें बेफिक्र होकर खरीदें। जैसे- नॉन-फैट मिल्क, फ्रोज़न फ्रूट्स या सी-फूड्स और कुछ वेजटेबल्स, भुने हुए नट्स, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स, ओट मील, व्हीट ब्रेड और सीरियल्स।

ओट्स : ओट्स बनाने में नूडल से भी कम समय लगता है। बाज़ार से रेडी-टु-ईट ओट्स लाएं। इसे दूध या पानी में एक मिनट तक उबालें। प्लेन ओट्स में पसंद के अनुसार नमक या चीनी डालकर चलाएं। चाहें तो इसे प्याज, टमाटर, गाजर, बीन्स या सीज़नल फ्रूट्स डालकर भी हलका उबाल सकते हैं। दो मिनट पकने के बाद इसे तुरंत खाया जा सकता है। यह सॉल्युबल फाइबर है। इनमें पर्याप्त मात्रा में आयरन और कैल्शियम होता है, साथ ही इससे शरीर से अतिरिक्त चर्बी भी कम करने में मदद मिलती है। यह दिल की सेहत के लिए भी सही रहता है।

सिंवई : इसे घी में भूनें। अब इसमें उबला और गाढ़ा दूध मिलाने के बाद इलायची पाउडर और स्वादानुसार चीनी या शहद डालकर करीब दो से तीन मिनट तक पकाएं। इसमें कैल्शियम और प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा होती है।

चटपटा सैलेड : बाज़ार में मिलने वाले टिक्की या चाट जैसी चीजें खाने से बचना चाहते हैं तो घर में हेल्दी चाट तैयार कर सकते हैं। थोड़े पीनट्स में ओट्स या कॉर्नफ्लेक्स, पनीर के छोटे क्यूब्स, ताज़ा दही, ऑलिव ऑयल, काली मिर्च पाउडर, काला नमक, हरी मिर्च, धनिया पत्ती और थोड़ा सा लेट्यूस काटकर मिलाएं। इससे 1 मिनट में चटपटा सैलेड तैयार हो जाएगा। इसमें आयरन, प्रोटीन और विटमिंस की भरपूर मात्रा भी होगी।

हेल्दी व्हीट नूडल्स : व्हीट नूडल्स को उबालें। एक पैन में एक टीस्पून ऑलिव ऑयल डालने के बाद उसमें बारीक कटे प्याज, शिमला मिर्च, उबले नूडल्स, टमैटो सॉस, एक टीस्पून सोया सॉस और नमक डालकर एक से डेढ़ मिनट तक कुक करें और तुरंत सर्व करें। इसमें प्रोटीन, विटमिन-ए और काब्र्स मिलेंगे, जो सेहत के लिए फायदेमंद साबित होंगे। अच्छी बात यह है कि इसमें आप कई एक्सपेरिमेंट्स कर सकती हैं।

उपमा : एक टीस्पून घी में सूजी डालकर भूनें। इसे एयरटाइट डिब्बे में दो से तीन दिन स्टोर करें। जब भी उपमा खाने का मन करे, भुनी हुई सूजी को उबलते पानी में डालें, स्वादानुसार नमक मिलाएं और दो मिनट तक पकाएं। इसके छौंक के लिए पैन में ऑलिव ऑयल डालने के बाद राई दाना, प्याज, गाजर, बीन्स और हरी मिर्च डालकर चलाएं। इससे प्रोटीन और विटमिनयुक्त उपमा तैयार हो जाएगा।

रखें लेबल पर नजर

  • पैक्ड फूड खाने में कोई बुराई नहीं है लेकिन इन्हें खाने और खरीदने से पहले न्यूट्रिशनल फैक्ट्स और इंग्रीडिएंट्स को चेक करना बेहद ज़रूरी है। जानिए, इन्हें खरीदते वक्त किन बातों का ध्यान रखें।
  • पैक्ड फूड खरीदते समय कुछ बातों का हमेशा ध्यान रखें। ध्यान रखें कि इसमें ट्रांस फैट्स न हों। 
  • जिस पैक्ड फूड में नमक या सोडियम अधिक हो, उसे न खरीदें। 
  • शुगर, हाई फ्रक्टोज़ कॉर्न सीरप जैसे आर्टिफिशियल स्वीटनर का यूज़ कम करें। रिसर्च से पता चला है कि इसके सेवन से फूड क्रेविंग होने लगती है।
  • लो फैट फूड आइटम में फैट की मात्रा 3 ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
  • अगर किसी प्रोडक्ट पर सोडियम फ्री लिखा है तो ध्यान दें कि उसमें सोडियम की मात्रा 5 ग्राम से ज्यादा न हो।
  • पैक्ड ग्रेन प्रोडक्ट्स को खरीदने से पहले चेक करें कि पैकेट के लेबल पर होल ग्रेन या होल व्हीट ही लिखा हो।
  • ऐसे कई प्रोडक्ट्स होते हैं, जिन्हें फाइबर से भरपूर या शुगर फ्री के नाम से बेचा जाता है लेकिन जब इन चीज़ों के फूड लेवल को चेक करेंगे, सच्चाई का पता चल जाएगा। किसी भी फूड आइटम का सर्विंग साइज़ क्या है और उससे कितनी कैलरी मिल रही है, इस बारे में पूरी जानकारी रखनी चाहिए।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Healthy Diet In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK