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पढ़ने का शौक भी बनाता है शरीर को स्‍वस्‍थ

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 02, 2014
पढ़ने का शौक भी बनाता है शरीर को स्‍वस्‍थ

किताबों को पढ़ने का शौक न केवल व्‍यक्ति के व्‍यक्तित्‍व को निखारने में मदद करता है बल्कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है।

Quick Bites
  • पढ़ने की आदत डालने से तार्किक क्षमता बढ़ती है।
  • रात को सोने से पहले पढ़ने से आती है अच्‍छी नींद।
  • अल्‍जाइमर से बचाव के लिए डालिये पढ़ने की आदत।
  • याददाश्‍त बढ़ाने और तनाव दूर करने में है मददगार।

पढ़ने का शौक न केवल आदमी के व्‍यक्तित्‍व को निखारने में उसकी मदद करता है बल्कि यह स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से भी बहुत फायदेमंद है। नियमित रूप से पठन-पाठन करने वाले लोग कई बीमारियों से बचाव करते हैं।

पढ़ना दिमाग के लिए अच्‍छा तो है है साथ ही यह तनाव कम करने में भी मददगार है। घंटो कंप्‍यूटर और टीवी देखने से अच्‍छा है किताबें पढ़ने की आदत डालिए। रात को सोने से पहले किताब पढ़ने से नींद अच्‍छी आती है। यह अल्‍जाइमर जैसी भूलने की बीमारी से बचाव करता है। तो खुद को स्‍वस्‍थ रखने की आदतों में से एक पढ़ने की आदत आज से डाल लीजिए। इस लेख में जानिए पढ़ना स्‍वास्‍थ्‍य के लिहाज से कितना फायदेमंद होता है।

Reading Is One Of The Healthiest Things

क्‍या कहता है शोध

पढ़ने के स्‍वास्‍थ्‍य फायदों को लेकर पिछले दिनों कए शोध भी हुआ जिसका निष्‍कर्ष यह था कि पढ़ना भी बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य का प्रमुख राज है। स्कॉटलैंड में हुए शोध से पता चला है कि नाचने, पढ़ने और नाटक देखने वाले लोगों का स्वास्थ्य अधिक बेहतर होता है। इस शोध के अनुसार, जो लोग पिछले एक साल में पुस्तकालय या संग्रहालय में गए थे उनका स्वास्थ्य ऐसा न करने वालों से 20 प्रतिशत ज्यादा बेहतर रहा। इसके अलाव इस शोध में यह भी बताया गया कि जो लोग शौकिया तौर पर किताबें पढ़ते थे उनका स्वास्थ्य ऐसा न करने वालों से 33 प्रतिशत ज्यादा बेहतर रहा।


बढ़ती है याददाश्‍त

पढ़ाई करने से आदमी की याददाश्‍त बढ़ती है। टीवी देखने और कंप्‍यूटर पर काम करने की तुलना में पढ़ाई करने वालों का दिमाग ज्‍यादा तेज होता है। इसके अलावा किताब पढ़ने की आदत व्‍यक्ति के सोचने और समझने की क्षमता को बढ़ाती है।


दिमाग रहता है जवां

किताब पढ़ने की आदत से आदमी का दिमाग हमेशा जवां रहता है। रश विश्‍वविद्यालय द्वारा कराये गये शोध के अनुसार, जो लोग रचनात्‍मक कार्यों जैसे पढ़ाई में अधिक वक्‍त बिताते हैं उनका दिमाग ऐसा न करने वालों की तुलना में 32 प्रतिशत अधिक जवां रहता है।


आई क्‍यू का स्‍तर

जो लोग किताबें अधिक पढ़ते हैं उनका आई-क्‍यू लेवेल भी अधिक होता है। किताबें व्‍यक्ति को रचनाशील बनाती है जिसके कारण उनकी सोचने और समझने की क्षमता बढ़ जाती है। यदि बच्‍चों को बचपन में ही पढ़ने की आदत डलवायी जाये तो उनका आई-क्‍यू लेवेल बेहतर रहता है।

Reading Is Healthiest Thing

अल्‍जाइमर से बचाव

अल्‍जाइमर एक प्रकार की दिमागी बीमारी है जो उम्रदराज लोगों में होती है, इसके कारण व्‍यक्ति की याददाश्‍त कमजोर हो जाती है। एक शोध की मानें तो जो लोग दिमागी गतिविधियों जैसे - पढ़ाई, चेस खेलना, पजल खेलने में व्‍यस्‍त रहते हैं उनमें अल्‍जाइमर के विकसित होने की संभावना कम होती है। इसलिए अल्‍जाइमर से बचाव के लिए किताबें पढ़ते रहिये।


तनाव दूर करता है

किताबें व्‍यक्ति का तनाव दूर करने का बेहतर जरिया हैं। ब्रिटिश में हुए एक शोध के अनुसार अच्‍छी किताबें व्‍यक्ति के तनाव के हार्मोन यानी कार्टिसोल के स्‍तर को कम करती हैं।


दिन को खुशनुमा बनाने के लिए

यदि आप अपने दिन को खुशनुमा बनाना चाहते हैं तो पढ़ने की आदत इसमें आपकी मदद कर सकती है। यदि आपके पास आज कोई काम नहीं है तो दिन को बेहतर बनाने के लिए एक अच्‍छी किताब पढि़ये।


अच्‍छी नींद के लिए

रात में देर तक टीवी देखने और कंप्‍यूटर पर काम करने से आपकी नींद उड़ सकती है, लेकिन रात में सोने से पहले किताब पढ़ने से आपको अच्‍छी नींद का तोहफा मिल सकता है। इसलिए रात को सोने से पहले किताब के पन्‍ने पलटना न भूलें।


इसके अलावा किताबें व्‍यक्ति के लक्ष्‍यों को निर्धारित करने में मदद करती हैं, आपके ज्ञान के स्‍तर को बढ़ाती है और आदमी की तार्किक क्षमता को भी बढ़ाती हैं। तो आज से ही ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ने की आदत डालिए।

 

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Written by
Nachiketa Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 02, 2014

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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