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पीरियड्स में होते हैं रैशेज, तो कभी ना करें ये 2 गलतियां

महिला स्‍वास्थ्‍य By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 25, 2018
पीरियड्स में होते हैं रैशेज, तो कभी ना करें ये 2 गलतियां

अधिकतर महिलाओं को पीरियड्स में रैशेज की समस्या होती है।

हर महिला को पीरियड्स सामान्यतः 28 से 32 दिनों के अंदर होते हैं। हालांकि अधिकतर पीरियड्स का समय तीन से पांच दिन रहता है परन्तु दो से सात दिन तक की अवधि को सामान्य माना जाता है। स्वस्थ महिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन जैसे तीन हार्मोन्स मौजूद होते हैं। लेकिन कभी-कभी इन हार्मोन्स में पीरियड्स में गड़बड़ हो जाती है जिसके कारण मासिक धर्म में कई प्रकार की समस्‍या देखने को मिलती है। आइए ऐसी ही कुछ प्रमुख समस्‍याओं के बारे में जानें। अधिकतर महिलाओं को पीरियड्स में रैशेज की समस्या होती है। आज हम आपको इसे बचने के लिए कुछ उपाय बता रहे हैं। जिनसे आप रैशेज की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

हर 4 घंटे में बदलें पैड

इस बात की गांठ बांध लें कि पीरियड्स के दौरान आपको हर 4 घंटे में पैड बदलना है। किसी भी कीमत पर पैड या कपड़ा बदलने में बिलकुल भी कोताही न बरतें। पहले, दूसरे व तीसरे दिन हर 6 घंटे में पैड को जरूर बदलें। इससे किसी भी प्रकार का संक्रमण नहीं होगा और रैशेज भी नहीं पड़ेगें। चौथे व पांचवे दिन 8 से 9 घंटे पर पैड बदलें। 

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अच्‍छी गुणवत्‍ता के पैड

कुछ लोग सस्ते और पैसे बचाने के लालच में घटिया पैड उठा लाते हैं। जिनसे रैशेज होना लाजमी है। पीरियड्स के दिनों में महिलाओं को हमेशा अच्‍छे सैनेटरी पैड का प्रयोग करना चाहिए, सैनीटरी पैड ऐसा हो जो ब्‍लीडिंग को पूरी तरह से सोख ले और लम्‍बे समय तक चले, इससे आसपास खून नहीं फैलेगा और रैशेज की संभावना भी कम हो जायेगी।

सफाई है जरूरी

हालांकि साफ-सफाई हर वक्त जरूरी है, लेकिन पीरियड्स में इस चीज का ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। सफाई पर ध्‍यान न देने के कारण ही रैशेज की संभावना बढ़ जाती है। सही तरीके से सफाई न होना भी रैशेज का प्रमुख कारण भी है। इसलिए महिला को इन दिनों में सफाई पर विशेष ध्‍यान देना चाहिए। सफाई रखने से किसी भी तरह के बैक्‍टीरिया नहीं होते हैं। 

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लगाएं पाउडर

उन दिनों में रैशेज की समस्या से बचने के लिए पाउडर भी बहुत अच्छा विकल्प है। पीरियड्स के दिनों में जब भी आप सैनेटरी पैड को बदलें तो जननांगों की सफाई के बाद पाउडर लगा लें। इससे जननांग सूख जायेंगे और रैशेज की संभावना भी कम हो जायेगी। अगर आपको अक्‍सर रैशेज की शिकायत होती है तो एंटीसेप्टिक पाउडर का प्रयोग करें।

एंटीसेप्टिक क्रीम

एंटीसेप्टिक क्रीम के इस्तेमाल से भी रैशेज की समस्‍या को दूर किया जा सकता है। आजकल बाजार में कई प्रकार की एंटीसेप्टिक क्रीम और लोशन आते हैं। इनको लगाने से पीरियड्स के दौरान रैशेज, जलन और लाल चकतों से बचाव किया जा सकता है। जब भी पैड बदलें तो इन क्रीम का प्रयोग करें। लेकिन इन क्रीम का प्रयोग करने से पहले चिकित्‍सक से सलाह जरूर लें।

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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