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रजोनिवृति के दौरान होने वाली समस्‍यायें और उनके हल

सभी By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 23, 2013
रजोनिवृति के दौरान होने वाली समस्‍यायें और उनके हल

रजोनिवृति के बाद महिलाओं को कई समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है, इसमें जीवन में निराशा, अवसाद चिड़चिड़ापन, हाई बीपी, तनाव आदि प्रमुख हैं।

रजोनिवृति हर महिला को अलग-अलग तरह से प्रभावित करता हैं। इस समय महिलाओं को अनेक प्रकार की समस्‍याओं से गुजरना पड़ता हैं। इस बारे में यह भी कहा जाता है कि रजोनिवृति महिला के जीवन में एक ऐसा टर्निंग प्वाइंट होता है जहां से उसके जीवन को निराशा, अवसाद जैसी कई बीमारियां घेर लेती हैं। रजोनिवृति की शिकार महिलाओं में हृदय संबंधी रोगों की भी संभावना रहती है।

rajonivriti samasyae aur halरजोनिवृति यानी मेनोपॉज महिला की ज़िन्दगी का अहम हिस्सा होता हैं। रजोनिवृति उस स्थिति को कहते हैं, जब आपके पीरियड्स बंद हो जाते हैं और ओवरीज़ एग रिलीज़ करना बन्द कर देती हैं। ज़्यादातर महिलाओं में 45 साल के बाद ही रजोनिवृति होना शुरू हो जाता हैं। लेकिन बहुत सी महिलाओं को रजोनिवृति देर से होता हैं। आइए जानें रजोनिवृति से कौन-कौन सी समस्‍याएं होती है और उनका हल क्‍या है।

 

 

रजोनिवृति में होने वाली समस्याएं

रजोनिवृति के दौरान महिलाओं के लक्षण, अनुभव और बीमारियां अलग-अलग होती हैं। कुछ महिलाओं में कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देते, जबकि कुछ को शारीरिक और मानसिक विविध प्रकार की बीमारियां हो सकती हैं।

  • चिड़चिड़ापन, हाई बी पी, तनाव ग्रस्त, डिप्रेशन।
  • योनि से अनियमित रक्तस्राव यानी महावारी का जल्दी आना या देर तक न आना।
  • योनि में रूखापन।
  • मूत्र निष्कासन के समय जलन।
  • अनिंद्रा की शिकायत।
  • वज़न बढ़ना।
  • लगातर मूड बदलना, थकावट महसूस होना।
  • याददाश्त कमजोर होना। 
  • जोड़ो में दर्द रहना या हड्डियों का कमजोर होना।
  • रजोनिवृति के बाद महिलाओं में हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।


रजोनिवृत्ति समस्‍याओं के हल

रजोनिवृत्ति से होने वाली समस्‍याओं को नियंत्रित करने के लिए अनेक प्रकार के दवा उपचार भी उपयोग में लाए जा सकते हैं। जैसे हार्मोन थेरेपी जिसमें पिल्स, पैचेस, इम्पलांट और वजाइना क्रीम शामिल हैं। यह दवा उपचार आप अपने डाक्‍टर के परामर्श से ले सकते है। या आप अपने जीवन में आनेवाले रजोनिवृत्ति की समस्‍या को कम करने के लिए कुछ कदम भी उठा सकती हैं। आइए जाने ऐसे ही कुछ कदमों के बारे में।  

तनाव मुक्‍त रहे - रजोनिवृत्ति के दौरान अवांछित तनाव को कम करें। आप तनावमुक्ति के लिए योग, ब्रीथिंग एक्सरसाइज और ध्यान जैसी तकनीक का उपयोग भी कर सकती है।

संतुलित आहार - संतुलित आहार का सेवन करें। अपने खाने में आप सैच्यूरेटेड फैट की मात्रा कम और फल व सब्ज़ियों की भरपूर मात्रा लें। सोया प्रॉडक्ट्स जैसे, सोयाबिन, टोफू, सोयामिल्क और रोस्टेड सोया नट लेना इसमे फायदेमंद होता हैं।

व्‍यायाम या एक्सरसाइज़ - नियमित तौर पर व्यायाम करें। व्यायाम से न केवल आपका संपूर्ण स्वास्थ्य स्वस्थ रहता है बल्कि आपको नींद भी अच्‍छी आएगी। इसके अलावा आप एक्सरसाइज़ भी कर सकते है एक्‍सरसाइज जिसमें एरोबिक्स, वेट ट्रेनिंग और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ शामिल हैं, इससे भी मेनोपॉज़ की समस्‍याएं कम होती है।

सकारात्मक रवैया -
जीवन के प्रति एक सकारात्मक रवैया अपनाएं। ज़िन्दगी में आनेवाले इस बदलाव के समय यदि महिलाओं को काउन्सिलिंग दी जाए तो उन्‍हे इससे मदद मिलती हैं।

 

 

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