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रेडिएशन थैरेपी क्या है

कैंसर By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jul 17, 2012
रेडिएशन थैरेपी क्या है

रेडिएशन थैरेपी के जरिए कैंसर की कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। रेडिएशन थैरेपी बाह्य रूप से एक्‍स रे बीम्स के रूप में, गामा किरणों या सब एटॉमिक पार्टिकल्‍स के रूप में दी जाती है।

Quick Bites
  • रेडिएशन थैरेपी कैंसर के इलाज के लिए महत्वपूर्ण होती है।
  • इसकी मदद से कैंसर कोशिकाएं को नष्ट किया जाता है।
  • बाहरी और आंतरिक, दो प्रकार की होती है रेडिएशन थैरेपी। 
  • भारत में इस तकनीक को और उन्नत करने की जरूरत है।

रेडिएशन थैरेपी से कैंसर का इलाज किया जाता है। इस थैरेपी की मदद से शरीर में कैंसर के सेल्स व ट्यूमर को खत्म किया जाता है। कैंसर रोग के उपचार में रेडिएशन थैरेपी का महत्वपूर्ण योगदान होता है। इस लेख में रेडिएशन थैरेपी के बारे में विस्तार से जानें।

radiation therapy kya hai

 

कैंसर सबसे भयानक रोगों में से एक है और इसके उन्नत उपचार माध्यमों में रेडिएशन थैरेपी का बहुत अहम योगदान है। रेडिएशन थैरेपी बाह्य रूप से एक्‍स रे बीम्स के रूप में, गामा किरणों या सब एटॉमिक पार्टिकल्‍स के रूप में दी जाती है। बाह्य रूप से रेडिएशन देने की प्रक्रिया में 5 से 15 मिनट लगते हैं और इसमें दर्द नहीं होता।

 

  • रेडिएशन थैरेपी का इलाज कैंसर कोशिकाएं को नष्ट कर कैंसर का इलाज करने के लिए किया जाता है। इसके जरिए कैंसर कोशिकाएं को बढ़ने और फैलने से रोककर कैंसर पर नियंत्रण किया जाता है। रेडिएशन थैरेपी को कैंसर के लक्षण जैसे दर्द कम करने के लिए।

 

रेडिएशन थैरेपी दो प्रकार की होती है एक बाहरी रेडिएशन थैरेपी दूसरी आंतरिक रेडिएशन थैरेपी।

 

बाहरी रेडिएशन थैरेपी

इसमें एक मशीन द्वारा कैंसर की कोशिकाओं पर उच्च-ऊर्जा वाली किरणें संचारित की जाती हैं। कैंसर के इलाज के लिए यह सबसे सामान्य तरीका है। त्वचा पर स्याही से निशान लगाकर उसी निशान पर बार बार इलाज दिया जाता है। यह इलाज आमतौर से हफ्ते में पांच दिन किया जाता है। यह 6 या 7 हफ्तों तक चलती है। पहली बार में इसमें कुछ घंटे लग सकते हैं, लेकिन उसके बाद इलाज में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं।

 

 

आंतरिक रेडिएशन थैरेपी

आंतरिक रेडिएशन थैरेपी को ब्रैकीथैरेपी या इम्पलांट थैरेपी भी कहते हैं। इसमें रेडिएशन का स्रोत शरीर के भीतर या कैंसर कोशिकाओं के पास डाला जाता है। यह इम्पलांट नामक छोटे होल्डर में सील किया जाता है। इम्पलांट पतले तार, प्लास्टिक ट्यूब, कैप्सूल या बीज हो सकते हैं। इम्पलांट कुछ घंटों, कुछ दिनों के लिए डाला जाता है या इसे उस जगह छोड़ दिया जाता है। आपका डॉक्टर निश्चित करेगा कि इम्पलांट अपनी जगह कितने समय रहेगा।


साइड इफेक्ट

रेडिएशन थैरेपी में कैंसर कोशिकाओं और सामान्य कोशिकाओं दोनों पर प्रभाव पड़ता है। सामान्य कोशिकाओं पर साइड इफेक्ट होने पर थकान महसूस करना, मितली आना, उल्टी और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ये साइड इफेक्ट इलाज के बाद खत्म हो जाते हैं। अगर इलाज के बाद भी ये ठीक नहीं हुए तो  आप डॉक्टर से संपंर्क करें।

 

कैंसर विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर के उपचार में अमेरिका ने रेडिएशन थैरेपी के मामले में काफी तरक्की की है। भारत में रेडिएशन थैरेपी में कोबाल्ट का उपयोग किया जाता है, जबकि अमेरिका में कई सालों पहले ही इसका इस्तेमाल बंद हो चुका है। अमेरिका में यह थैरेपी कराने वाले 80 प्रतिशत लोगों को इससे लाभ हुआ है। इसलिए भारत में भी इस तकनीक को और उन्नत करने की जरूरत है।

 

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Written by
Anubha Tripathi
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागJul 17, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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