• shareIcon

थायरॉइड और मानसिक तनाव को दूर करता है पूर्वोत्तानासन का अभ्यास, जानें तरीका

योगा By अनुराग अनुभव , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Feb 04, 2019
थायरॉइड और मानसिक तनाव को दूर करता है पूर्वोत्तानासन का अभ्यास, जानें तरीका

योगासनों द्वारा शरीर की तमाम समस्याओं और बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। योगासन शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए फायदेमंद होता है इसलिए इसका नियमित अभ्यास आपके मन, मस्तिष्क और शरीर को स्वस्थ रहने में मदद करता है। ऐसा ही एक योगासन है पूर्वोत्तानासन।

योगासनों द्वारा शरीर की तमाम समस्याओं और बीमारियों को ठीक किया जा सकता है। योगासन शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए फायदेमंद होता है इसलिए इसका नियमित अभ्यास आपके मन, मस्तिष्क और शरीर को स्वस्थ रहने में मदद करता है। ऐसा ही एक योगासन है पूर्वोत्तानासन। पूर्वोत्तानासन तीन शब्दों से मिलकर बना है- पूर्व+उत्तान+ आसन, यानी पूर्व दिशा में खिंचने वाला आसन। इस आसन का अभ्यास इंटरनल ऑर्गन्स का मसाज करने, स्पाइन की लंबाई बढ़ाने और संतुलन बनाने के लिए किया जाता है। इसे पिरामिड पोज भी कहते हैं क्योंकि ये पिरामिड की तरह पोज बनाकर किया जाता है। आइए आपको बताते हैं कि आप किस तरह कर सकते हैं पूर्वोत्तानासन और क्या हैं इसके नियमित अभ्यास के फायदे।

कैसे करें पूर्वोत्तानासन

  • इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले सामने की तरफ पैरों को फैलाकर बैठ जाएं।
  • इस स्थिति में रीढ़ की हड्डी को जितना संभव हो सीधा करें और तनकर बैठें।
  • अब हाथों को अपने कूल्हों से कुछ पीछे रखें।
  • अब सांस अंदर खींचते हुए कूल्हों को ऊपर उठाएं।
  • आप जितना ज्यादा अपने शरीर को ऊपर उठा सकते हैं उतना ऊपर उठाएं।
  • कुछ सेंकंड के लिए इस स्थिति में रुकें और फिर वापस पहले वाली स्थिति में आ जाएं।
  • इस चक्र का अभ्यास शुरुआत में 5-10 बार करें और क्षमता बढ़ने पर चक्र बढ़ाते जाएं।

थायरॉइड में फायदेमंद है पूर्वोत्तानासन

थायरॉइड एक गंभीर समस्या है, जिसका शिकार ज्यादातर महिलाएं हो रही हैं। इस रोग के कारण गले में स्थित थायरॉइड ग्रंथि कई बार थायरॉक्सिन हार्मोन्स का स्राव बंद कर देती है और कई बार ज्यादा मात्रा में स्राव करने लगती है, जिससे कई तरह की शारीरिक परेशानियां शुरू हो जाती हैं। पूर्वोत्तानासन के अभ्यास द्वारा थायरॉइड ग्रंथि से होने वाली समस्या धीरे-धीरे कम हो जाती है और ये ग्रंथि संतुलित मात्रा में हार्मोन्स बनाने लगती है। थायरॉइड के मरीजों को इस आसन का अभ्यास नियमित करना चाहिए।

तनाव कम करता है पूर्वोत्तानासन

आजकल तनाव की समस्या हर व्यक्ति को है। हर क्षेत्र में बढ़ने कॉम्पटीशन और आगे बढ़ने के दबाव के कारण बच्चे से लेकर बूढ़ों तक, हर व्यक्ति थोड़ा या ज्यादा तनाव की स्थिति से गुजर रहा है। ऐसे में पूर्वोत्तानास के अभ्यास द्वारा मानसिक तनाव को कम किया जा सकता है। इस आसन के अभ्यास से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है और दिमाग मांसपेशियों की अकड़न कम हो जाती है, जिससे व्यक्ति को मानसिक शांति महसूस होती है। तनाव होने पर आसन के दौरान गहरी-गहरी सांसें लें।

इसे भी पढ़ें:- कब्ज, बदहजमी और कमरदर्द की समस्या में आराम पहुंचाता है मकरासन, जानें विधि

मोटापा घटाता है ये आसन

पूर्वोत्तासन का नियमति अभ्यास शरीर की चर्बी भी कम करता है।  यह शरीर के निचले भाग और बाजुओं को सुडौल बनाने के लिए अच्छा आसन है। दरअसल इस आसन में पेट पर दबाव पड़ता है और शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है, जिससे मोटापा धीरे-धीरे कम होने लगता है। इसके अलावा इस आसन की खास बात ये है कि इसका अभ्यास शरीर को लचीला बनाता है।

ब्लड प्रेशर और दर्द की समस्या

पूर्वोत्तानासन के अभ्यास से पीठ की समस्या, हाई ब्लड प्रेशर और सिरदर्द तक की समस्या में भी राहत मिलती है। चूंकि इस योगासन के माध्यम से शरीर में ब्लड फ्लो बढ़ जाता है इसलिए ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और दर्द से राहत मिलती है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Yoga In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK