• shareIcon

प्रोस्‍टेट कैंसर में वैकल्पिक चिकित्‍सा

कैंसर By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 29, 2012
प्रोस्‍टेट कैंसर में वैकल्पिक चिकित्‍सा

आइए जानें प्रोस्‍टेट कैंसर में वैकल्पिक चिकित्‍सा किस प्रकार की जाए।

prostate cancer me vekalpik chikitsaप्रोस्‍टेट कैंसर का पता अगर शुरुआत में चल जाए तो वै‍कल्पिक चिकित्‍सा से इस पर काबू पाया जा सकता है। प्रोस्टेट प्रजनन तंत्र की एक ग्रंथि है, जो कि पेशाब की नली के ऊपरी भाग के चारों तरफ होती है। इसका मुख्य काम एक ऐसे तरल पदार्थ का संचय करना है जो वीर्य की मात्रा का एक तिहाई होता है। एक स्वस्थ प्रोस्टेट अखरोट से थोड़ा ही बड़ा होता है। प्रोस्‍टेट कैंसर की ज्‍यादा संभावना 50 साल की उम्र पार करने के बाद पुरूषों में होती है। आइए जानें प्रोस्‍टेट कैंसर में वैकल्पिक चिकित्‍सा किस प्रकार की जाए।

[इसे भी पढ़ें- जानें प्रोस्टेट कैंसर के लक्षणों को]

वैकल्पिक चिकित्‍सा

 

1) सोया की अधिक मात्रा- उम्र बढ़ने के सा‍थ एस्‍ट्रोजेन-टेस्‍टोस्‍टेरोन का अनुपात का बढ़ना प्रोस्‍टेट ग्रंथि के आकार पर प्रतिकूल असर डालता है। दैनिक आहार में ज्‍यादा सोया एस्‍ट्रोजेन स्‍तर को कम करने में मदद करता है। साथ ही साथ यह 60 साल व इससे ऊपर के पुरूषों में बिगड़े हुए एस्‍ट्रोजेन व टेस्‍टोस्‍टेरोन माप को रिस्‍टोर करने में भी सहायता करता है। टोफू (सोयाबीन का दही), मिसो, तेम्पेह, भून हुआ सोया, और सोया का पाऊडर, सोया के अच्‍छे स्रोत है।

[इसे भी पढ़ें- प्रोस्‍टेट कैंसर में सर्जरी]

 

2) सेलेनियम- अच्छे और स्‍वस्‍थ प्रोस्टेट के लिए सेलेनियम जरूरी है। गेहूं के बीज, ट्यूना, मछली, अंडे, सूरजमुखी और तिल के बीज, काजू, ब्राजील नट्स, मशरूम, लहसुन, प्याज, और समुद्री घांस सेलेनियम युक्‍त खाद्य पदार्थ है।

 

3) जिंक की मात्रा- स्वस्थ प्रोस्टेट को कार्य के लिए रोज निश्चित मात्रा में जिंक की ज़रूरत होती है। इसलिए आपको यदि प्रोस्‍टेट कैंसर से बचना है तो अपने खाने में आपको जिंक की मात्रा को निश्चित रखें। कद्दू के बीज, सीप, सेम और नट्स में पर्याप्‍त मात्रा में जिंक होता है।

 

 

4) स्वस्थ खाना- अपने शरीर में आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट पाने के लिए खूब फल और सब्जियां खाएं। वसा, शर्करा से युक्‍त खाद्य पदार्थ से बचें क्‍योंकि मांस और डेयरी उत्पादों जैसे उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ टेस्टोस्टेरोन स्तर को बढ़ा सकते हैं जो प्रोस्टेट कोशिका के बढने को उत्तेजित कर सकते है।

 

5) आहार का सप्लीमेंट- प्रोस्‍टेट को स्‍वस्‍थ बनाने के लिए विटामिन्‍स की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना एक मल्टीविटामिन पूरक लें जो प्रोस्टेट स्वस्थ का समर्थन करने वाले हो जैसे व‍िटामिन ए, विटामिन ई।

 

6) परिसंचरण (सर्कुलेशन) में सुधार- व्‍यायाम भी प्रोस्‍टेट कैंसर के खतरे को कम करता है। प्रोस्टेट में मूत्र-जननान्गीय ऊतकों में रक्त प्रवाह सुधारने के लिए केगेल व्यायाम करें। केगेल व्यायाम अंडकोष की थैली और गुदा के आस पास की मांसपेशियों को खींचने और छोड़ने से होता है दिन में 5-6 बार इस तरह के 10 दोहराव से प्रोस्टेट ग्रंथि में रक्त प्रवाह अधिकतम होता है।

[इसे भी पढ़ें- ज्यादा चाय पीने वालों को है प्रोस्टेट कैंसर का खतरा]

7) स्वस्थ जीवनशैली- नियमित रूप से पर्याप्त आराम लें और व्यायाम करें। नियमित व्यायाम प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करता है, पाचन क्रिया, परिसंचरण, और शरीर से अपशिष्ट पदार्थ को हटाने में मदद करता है। व्यायाम मोटापे से बचाता है, और मोटापा कम होने से कैंसर समेत कई बीमारियों के जोखिम कम हो जाते है। साथ ही नियमित व्यायाम प्रोस्टेट ग्रंथि की वृद्धि के जोखिम को भी कम करता है।

 

8) शराब कम- स्वस्थ प्रोस्टेट को कार्य के लिए रोज अच्‍छी मात्रा में जिंक और विटामिन B6 की ज़रूरत होती है। लेकिन शराब, जिंक और विटामिन B6 दोनों को कम कर देती है। इसलिए शराब का सेवन कम करना चाहिए।

 

इन सब वैकल्पिक चिकित्‍सा को अपनाकर आप कर आप भी प्रोस्‍टेट कैंसर से बच सकते है। लेकिन यदि आपको पेशाब बार-बार आता है, पेशाब करने में दिक्कत होती है, या पेशाब बूंद-बूंद करके निकलता है तो, जल्‍द डॉक्टर से सम्पर्क करें। गम्भीर लक्षणों के दिखाई देने तक प्रतीक्षा करने से गम्भीर तथा कभी कभी जानलेवा जटिलताएं पैदा हो सकती हैं।

 

Read More Articles on Prostate-Cancer in Hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK