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प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान

कैंसर By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 17, 2012
प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान

प्रोस्‍टेट कैंसर मौत का कारण बनता है। आइए हम आपको प्रोस्‍टेट कैंसर के निदान के बारे में बताते हैं।

prostate cancer ka nidaanप्रोस्‍टेट कैंसर बहुत खतरनाक बीमारी है। कैंसर के 5 मरीजों में से लगभग 3 की मौत प्रोस्‍टेट कैंसर के कारण ही होती है। अगर प्रोस्‍टेट कैंसर का पता शुरुआती चरणों में ही चल जाए तो इसके उपचार में आसानी होती है।
बढ़ती उम्र, आनुवांशिक और हार्मोन से संबंधित कारणों के कारण प्रोस्‍टेट कैंसर होता है। लेकिन प्रोस्‍टेट कैंसर के लक्षण सामान्‍य बीमारी या फिर मधुमेह के करीब नजर आते हैं। इसी वजह से आदमी को इसका पता देर से लगता है। जिसके कारण प्रोस्‍टेट कैंसर मौत का कारण बनता है। आइए हम आपको प्रोस्‍टेट कैंसर के निदान के बारे में बताते हैं।

 

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प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान –

पीएसए जांच –पीएसए रक्त जाच के द्वारा प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाया जा सकता है। अगर खून में पीएसए (प्रोस्‍टेट स्‍पेसेफिक एंटीजेन) का स्तर अधिक है तो प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका बढ़ जाती है। प्रोस्‍टेट कैंसर के शुरूआती दौर में यह जांच बहुत उपयोगी साबित होती है। पीएसए खून के जांच से प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान हो जाता है। अगर किसी व्यक्ति की प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ी हुई है या वह कठोर हो चुकी है, तो इस स्थिति में चिकित्सक बॉयोप्सी की सलाह देते हैं। बॉयोप्सी में प्रोस्टेट ग्रंथि से टिश्यू निकालकर इसकी जांच करने के लिए प्रयोगशाला भेज जाता है।

 

डिजिटल रेक्‍टल एग्‍जामिनेशन – डीआरई में शारी‍रिक परीक्षण किया जाता है। चिकित्‍सक डीआरई द्वारा प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान करने के लिए व्‍यक्ति के जननांग में चिकनाईयुक्‍त ग्‍लव्‍स पहनकर अपनी उंगली से परीक्षण करते हैं। उसके बाद चिकित्‍सक यह देखते हैं कि प्रोस्‍टेट ग्रंथि समान है या इसमें कुछ असमानता है।

 

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ट्रांसरेक्‍टल अल्‍ट्रासाउंड – इसके जरिए चिकित्‍सक मलाशय में ध्‍वनि तरंगो को भेजते हैं। कंप्‍यूटर के मॉनीटर पर इस ध्‍वनि तरंगो की लहरों से प्रोस्‍टेट ग्रंथि की स्थिति का पता चलता है। ट्रांसरेक्‍टल अल्‍ट्रासाउंड के जरिए प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान होता है।

 

क्रिस्‍टोस्‍कोपी – क्रिस्‍टोस्‍कोपी के जरिए डॉक्‍टर मूत्रमार्ग और मूत्राशय को देखने के लिए एक पतली ट्यूब का प्रयोग करते हैं। इस ट्यूब से ही प्रोस्‍टेट ग्‍लैंड की स्थिति के बारे में पता चलता है।

 

अगर प्रोस्‍टेट कैंसर का निदान समय पर हो जाए तो कैंसर जैसी बीमारी को समाप्‍त करने में ज्‍यादा मुश्किल नहीं होती है। अगर आपको प्रोस्‍टेट कैंसर होने की आशंका है तो चिकित्‍सक से संपर्क अवश्‍य कीजिए।

 

 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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