Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स लेने से पहले इनके फायदे और नुकसान के बारे में जानना है जरूरी

एक्सरसाइज और फिटनेस By Rahul Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Sep 26, 2013
बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स लेने से पहले इनके फायदे और नुकसान के बारे में जानना है जरूरी

अक्सर लोग बॉडी बनाने के लिए सप्लीमेंट्स की मदद लेते हैं लेकिन बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स के फायदे और नुकसान दोनों ही हैं।

Quick Bites
  • बॉडी बिल्डिंग के लिए सप्लीमेंट्स के साथ ट्रेनिंग भी होती है जरूरी।
  • सप्लीमेंट निर्माता कर सकते हैं लुभावने पर मिथक वादे।
  • "वे प्रोटीन सप्लीमेंट्स" हैं बॉडी बिल्डिंग के लिए सबसे कारगर।
  • बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स में पाया जाने वाला क्रेटीन है नुकसानदेह।

सप्लीमेंट्स और प्रोटीन पाउडर भले ही आपकी मांसपेशियों के निर्माण में प्रभावी हों, लेकिन इसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इस  लेख में जानें बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स के फायदे और नुकसान।
Pros & Cons of Bodybuilding Supplementsबॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स आपको तेजी से आकर्षक बॉडी बनाने में मदद तो करते हैं, लेकिन इसके कुछ साइड इफैक्ट भी हैं जिनके बारे में पहले ही जान लेना बेहद जरूरी है। इस प्रकार के सप्लीमेंट्स की मूल की खुराक, प्रोटीन पाउडर में कई कमियां भी हो सकती हैं। अधिकतर प्रोटीन पाउडरों के एक स्कूप में लगभग 20 ग्राम प्रोटीन होता है। जबकी इतना ही प्रोटीन 85 ग्राम चिकिन कलेजी खाने पर भी मिल जाता है। तो यह कोई चमत्कार नहीं है। सिर्फ अपने आहार प्रोटीन पाउडर डाल लेने का मतलब यह नहीं कि आप तेजी से मजबूत और बडे़ मसल्स बना लेगें। आपको इसके साथ सही बॉडी बिल्डिंग ट्रेनिंग की भी जरूरत होती है।

बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स के अपने फायदे और नुकसान हैं। सप्लीमेंट्स की ऐसी ही कुछ लाभ और हानियों के बारे में हम आपको बता रहे हैं।

मांसपेशियों की ताकत में वृद्धि

सप्लीमेंट निर्माता बॉडी बिल्डिंग के बारे में कई नाटकीय दावे करते हैं।हालांकि कुछ रिसर्च बताती हैं कि मांसपेशियों के लिए बनाए गए ये सप्लीमेंट्स वास्तव में अपकी मांसपेशियों की शक्ति में वृद्धि कर सकते हैं। "जर्नल ऑफ स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिग रिसर्च" के नवम्बर 2003 के अंक में छपे एक शोध के अनुसार कुछ सप्लीमेंट सही प्रशिक्षण के साथ काफी हद तक अपनी शक्ति में सुधार कर सकते हैं।

मांसपेशियों में वृद्धि

रिजिस्टेन्स ट्रेनिग, मांसपेशियों की वृद्धि में मदद कर सकती है। लेकिन जब तक आप आपके शरीर को उचित पोषक तत्व नहीं देते हैं, आपको अच्छे परिणाम नहीं दिखेंगे। 'न्यूट्रीशियन एंड मेटावोलिजम" के जून 2010 के अंक में छपी एक शोध के अनुसार "वे प्रोटीन सप्लीमेंट्स" (डेयरी उत्पादों से बनाया गया प्रोटीन) अन्य प्रोटीन स्रोतों की तुलना में वर्कआउट बढ़ाने और मांसपेशियों के आकार में वृद्धि करने के लिए ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

बेहतर रक्त प्रवाह के लिए

प्री-वर्कआउट सप्लीमेंट काफी लोकप्रिय सप्लीमेंट है। आमतौर पर इन उत्पादों को आर्जिनिन होते है जो जो नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ाने में मदद करता है। नाइट्रिक ऑक्साइड अपकी मांसपेशियों को रक्त प्रवाह में सुधार करने में मदद करता है। जो पोषक तत्वों के वितरण में सुधार तथा वर्कआउट के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर सकता है।

गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं

कुछ मांसपेशियों का बढ़ाने वाले उत्पादों का प्रयोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं का कारण बन सकता। कई सारे बॉडी बिल्डिंग सप्लीमेंट्स में पाया जाने वाला क्रेटीन, पेट की खराबी और दस्त होने का कारण बन सकता है। साथ ही यदि आप लैक्टोज के प्रति सहज नहीं हैं तो आपको सूजन हो सकती।

किडनी को हानि  

क्रेटीन सबसे लोकप्रिय मांसपेशियों के सप्लीमेंट में से एक है। मांसपेशियों की वृद्धि में क्रेटीन का अधिक प्रभाव होता है तथा इसकी कीमत भी अपेक्षाकृत कम है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि क्रेटीन के प्रयोगों से कुछ दुष्प्रभाव हो सकते हैं। "जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसन एंड फिजिकल फिटनेस" के मार्च 2001 अंक में आई शोध यह दावा करती है कि क्रेटीन, लंबे समय तक चलने वाली किडनी संबंधित बीमारियों, यहां तक की किडनी फेल्‍योर का कारणी बन सकता है। इसलिए कोई भी सप्लीमेंट्स लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

अनिद्रा

कई मांसपेशियां बढ़ाने वालो उत्पादों में क्रेटीन और कैफीन होते हैं जो आपके वर्कआउट को अधिक तीव्र कर देते हैं। हालांकि कैफीन युक्त उत्पादों का नियमित रूप से प्रयोग परेशानी पैदा कर सकता है। इनके कारण थकान और अनिद्रा की समस्या हो सकती है।

 

 

Read More Articles on Sports & Fitness in Hindi

Written by
Rahul Sharma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागSep 26, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK