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एटकिन्स डायट प्लान के फायदे व नुकसान

स्वस्थ आहार By Bharat Malhotra , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 22, 2013
एटकिन्स डायट प्लान के फायदे व नुकसान

किसी आहार योजना को अपनाने से पहले उसके फायदे और नुकसान के बारे में जानना जरूरी है। आइए जानते हैं उच्‍च प्रोटीन युक्‍त डायट प्‍लान ए‍टकिन्‍स के बारे में कुछ ऐसे ही तथ्‍य।

किसी आहार योजना को अपनाने से पहले उसके फायदे और नुकसान के बारे में जानना जरूरी है। आइए जानते हैं उच्‍च प्रोटीन युक्‍त डायट प्‍लान ए‍टकिन्‍स के बारे में कुछ ऐसे ही तथ्‍य।

Pros & Cons of Atkins Diet Planहर आहार योजना की अपनी कमियां और खूबियां होती हैं। और उस आहार योजना को अपनाने से पहले आपको उन सब बातों के बारे में पूरी व सटीक जानकारी होनी चाहिए। आपको यह मालूम होना चाहिए कि वह आहार योजना आपके लिए मुफीद है या नहीं। आपको उससे क्‍या फायदा होने वाला है अथवा आपके शरीर पर किस प्रकार बुरा असर डाल सकती है। यह नियम ए‍टकिन्‍स आहार योजना पर भी लागू होता है। अगर आप यह आहार योजना अपनाने का विचार कर रहे हैं तो आपको कुछ बातें जरूर पता होनी चाहिए।

 

एटकिन्‍स आहार से जुड़े नफे और नुकसान


वजन कम करने के लिए एटकिंस डाइट प्‍लान बहुत कारगर है। इसे डा. एटकिंस ने ईजाद‍ किया था, जिसका लाभ कई भारतीय मशहूर हस्तियों ने भी उठाया।  यह लो-कार्बोहाइड्रेट और उच्च प्रोटीन वाली डाइट है। इसके अनुसार खाद्य पदार्थो को उपचार के लिए बताई गई दवा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है-जिसमें खाद्य पदार्थों का सही तालमेल दवाओं की तरह गुणकारी होता है।

फायदे

  • इस आहार योजना में प्रोटीन काफी अधिक मात्रा में होता है, इससे आपको लंबे समय तक भूख नहीं लगती। आपके पेट में प्रोटीन वसा और कार्बोहाइड्रेट के मुकाबले अधिक समय तक रहता है, इसलिए व्‍यक्ति अधिक लंबे समय तक संतुष्‍ट रहता है।
  • अधिक समय तक भूख न लगने का अर्थ है कि व्‍यक्ति काफी देर तक कुछ नहीं खाएगा। इसका नतीजा वजन घटने के रूप में सामने आएगा। भूख को अगर न भी कोई कारण माना जाए तो मनोवैज्ञानिक दृष्टि से भी उच्‍च प्रोटीन युक्‍त आहार वजन कम करने में काफी मददगार होता है।  
  • कई लोग इस आहार योजना को बहुत पसंद करते हैं। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह इसमें सुझाया गया पौष्टिक आहार होता है। एटकिन्‍स आहार योजना में भूना हुआ मांस और बर्गर नियमित रूप से खाना होता है।
  • इसमें 'बुरा' कार्बोहाइड्रेट नहीं खाया जाता। यानी अगर आप यह आहार अपनाते हैं तो आपको केक और सफेद ब्रेड से तौबा करनी चाहिए।
  • अगर आप इस आहार योजना को अपनाते हैं तो आपको 'सही' आहार के पर्याप्‍त विकल्‍प मिल जाते हैं।
  • हालांकि इस आहार योजना में काफी मात्रा में वसा का इस्‍तेमाल किया जाता है, लेकिन बावजूद इसके इसे इस्‍तेमाल करने वालों के कोलेस्‍ट्रॉल स्‍तर में भी कमी आती है।

 

नुकसान

  • इस आहार योजना में कार्बोहाइड्रेट काफी कम मात्रा में होता है, इसलिए इससे शरीर को पर्याप्‍त ऊर्जा नहीं मिल पाती। तो शरीर मजबूरन केटोसिस यानी अम्‍लरक्‍तता की परिस्थिति में आ जाता है। इससे किडनी पर अतिरिक्‍त दबाव पड़ने लगता है। साथ ही इस आहार योजना के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर अभी तक व्‍यापक शोध नहीं किया गया है।
  • लंबे समय तक इसी आहार योजना पर टिके रहने से दिल की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता है।
  • आप फलों, सब्जियों और साबुत अनाज से मिलने वाले कई जरूरी पोषक तत्‍वों को मिस कर देते हैं। इससे विटामिन अनियमितता हो सकती है।
  • एटकिन्‍स जैसे कम कार्बोहाइड्रेट वाले आहार शरीर में कैल्शियम की कमी का कारण बन सकते हैं।
  • इस आहार योजना का असर आपकी पाचन क्रिया पर भी पड़ता है। इससे कब्‍ज, मुंह से दुर्गंध और कभी-कभी निर्जलीकरण की समस्‍या भी हो सकती है।
  • किसी-किसी मामले में ऑस्टियोपोरोसिस, हाइपरटेंशन, जिगर और गुर्दे की समस्या भी हो सकती है। और यह समस्‍या बढ़कर हृदय रोग का कारण भी बन सकती है।
  • आपको अपने द्वारा लिए गए हर ग्राम कार्बोहाइड्रेट का हिसाब रखना पड़ता है, जो कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। खासतौर पर बाहर खाना खाते समय।
  • हालांकि वजन घटने की यह खुशी लंबे समय तक नहीं रहती, क्‍योंकि आपका वजन सही स्‍थान से नहीं घट रहा होता और जैसे ही आप इस आहार योजना से हटते हैं आपका वजन दोबारा बढ़ने लगता है।

तो याद रखिए हर किसी के लिए एक आहार योजना नहीं होती। तो किसी भी आहार योजना को अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

 

 

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Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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