• shareIcon

गर्भवती होने के लिए क्यों जरूरी है प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन? जानें इस हार्मोन की कमी के क्या हैं खतरे

महिला स्‍वास्थ्‍य By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 18, 2013
गर्भवती होने के लिए क्यों जरूरी है प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन? जानें इस हार्मोन की कमी के क्या हैं खतरे

महिलाओं को गर्भवती होने और शिशु के विकास के लिए प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इस हार्मोन की कमी के कारण महिलाओं को गर्भपात भी हो सकता है। जानें कितना महत्वपूर्ण है एक महिला के लिए प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन।

प्रोजेस्ट्रॉन को 'प्रेग्नेंसी हार्मोन' भी कहा जाता है। ये एक ऐसा हार्मोन है, जो महिलाओं के शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है। महिला को गर्भवती होने और गर्भावस्था के दौरान शिशु के विकास, दोनों ही स्थितियों में ये हार्मोन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर किसी महिला में प्रोजेस्ट्रॉन की कमी हो जाए, तो उसका प्रेग्नेंट होना मुश्किल होता है। इसके अलावा यदि प्रेग्नेंट होने के बाद प्रोजेस्ट्रॉन कम हो जाए, तो महिला को गर्भपात हो सकता है।

गर्भवती न होने पर भी महिलाओं/लड़कियों के लिए प्रोजेस्ट्रॉन हार्मोन जरूरी है क्योंकि ये हार्मोन पीरियड्स को भी नियंत्रित करता है। मासिक प्रक्रिया के दौरान महिला के शरीर में प्रोजेस्‍टेरॉन का स्‍तर बढ़ता है, खासकर ऑव्‍युलेशन की प्रक्रिया के दौरान। गर्भाशय में जिस जगह पर अंडे निषेचित होते हैं, वहां पर यह हार्मोन एक परत का निर्माण करता है। अंडाशय इस हार्मोन का उत्‍पादन गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही तक करता है, लगभग 9-10वें सप्‍ताह में प्‍लासेंटा अंडाशय पर अपना स्‍थान ले लेता है। यदि इस हार्मोन के स्‍तर में गिरावट आ जाये तो गर्भपात हो सकता है।

गर्भधारण से पहले प्रोजेस्ट्रॉन की भूमिका

प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन ही गर्भाशय को गर्भधारण करने के लिए तैयार करता है। यह क्रिया मासिक धर्म के बीच में होती है, जब पीरियड्स का टाइम हो जाता है, उससे लगभग दो सप्‍ताह बाद ओवूलेशन प्रक्रिया का समय होता है। ऑव्‍युलेशन प्रक्रिया के दौरान अंडाशय गर्भाशय की जरूरत के अनुसार प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन का उत्‍पादन शुरू करता है। प्रोजेस्‍टेरॉन गर्भाशय के अंदर (अंतर्गर्भाशयकला या इंडोमेट्रियम) की परत को मोटा करता है। यह निषेचित अंडे के लिए गर्भाशय में निश्चित वातावरण तैयार करता है, जो अंडे गर्भधारण करने में मदद करता है।

इसे भी पढ़ें:- गर्भपात की दवा लेने से पहले कौन सी सावधानियां हैं जरूरी? कितने दिनों के भीतर ले सकते हैं दवा?

गर्भावस्‍था के दौरान प्रोजेस्ट्रॉन की भूमिका

प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन न केवल गर्भधारण करने में मदद करता है बल्कि गर्भावस्‍था के दौरान भ्रूण के विकास में भी इसका योगदान होता है। गर्भधारण करने के बाद गर्भाशय में यह हार्मोन भ्रूण के विकास के लिए सहायक वातावरण तैयार करता है। गर्भधारण करने के 8 से 10 सप्‍ताह बाद गर्भाशय में इस हार्मोन की आवश्‍यकता बढ़ जाती है जिसके कारण गर्भाशय अधिक मात्रा में प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन का उत्‍पादन करता है।

इसे भी पढ़ें:- शाकाहारी महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान क्या खाना चाहिए? जानें 5 जरूरी टिप्स

प्रोजेस्‍टेरॉन हार्मोन कैसे बढ़ाएं

कुछ महिलाओं में स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं के कारण इस हार्मोन का उत्‍पादन नही हो पाता है। जिसके कारण उनको गर्भधारण करने में दिक्‍कत होती है। इस हार्मोन की कमी से बांझपन की समस्‍या भी होती है। जिन महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्‍कत हो रही है वो इस हार्मोन के स्‍तर का पता कराने के लिए जांच करा सकती हैं। इसके लिए बाजार में कई प्रकार के उत्‍पाद मौजूद हैं, जिनकी सहायता से आप प्रोजेस्‍टेरॉन का स्‍तर बढ़ा सकती हैं। इसके लिए आप अपने चिकित्‍सक से सलाह अवश्‍य लीजिए।

Read More Articles On Women's Health in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK