• shareIcon

    प्रजनन क्षमता पर थायराइड का असर

    थायराइड By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 15, 2012
    प्रजनन क्षमता पर थायराइड का असर

    थायराइड ग्रंथि का प्रजनन में अहम किरदार होता है। हार्मोनल असंतुलन थायराइड की समस्याओं के लिए एक ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकते हैं।

    अगर आप इस बात से चिंतित है कि थायरायड का आपकी प्रजनन क्षमता पर प्रभाव पड़ रहा है तो कंसिव करने से पहले थायराइड की समस्याओं को सुलझाना आपके लिए अत्‍यंत महत्वपूर्ण हो जाता है। थायराइड ग्रंथि का प्रजनन में अहम किरदार होता है।

    हार्मोनल असंतुलन थायराइड की समस्याओं के लिए एक ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकते हैं। यह जानने से पहले कि थायराइड के कौन-कौन से ऐसे कारण्‍ा है जो आपकी प्रजनन क्षमता को प्रभावित करते है, हम सब से पहले थाइराइड के कार्यों के बारें में पता कर लेते है जो बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानें-

    Pregnant lady

    थायराइड गले में तितली के आकार की ग्रंथि है। आप में से कुछ लोगो को शायद यह पता भी नही होगा कि ऐसी कोई ग्रंथि भी होती है। लेकिन ऐसा है और अगर यह ठीक से काम नहीं करती तो आप गर्भ धारण करने के लिए और एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए सक्षम नहीं हो सकती है।
     
    आपका थायरायड क्‍योंकि शरीर के कई हार्मोन को विनियमित करने के लिए जिम्मेदार है, इसलिए थाइराइड का अन्य शारीरिक कार्यों पर भी सीधा प्रभाव पड़ता है। कुछ अधिक प्रभावित हार्मोनल कंडीशन जैसे मासिक धर्म चक्र में परिवर्तन, एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन के अस्थिर स्तर, रजोनिवृत्ति की शुरुआत, ब्रेस्‍ट फीड करने की क्षमता आदि शामिल हैं। हालांकि, थायराइड सबसे अधिक महिला की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं, विशेष रूप से जब वह गर्भवती होने की कोशिश में है या उसकी गर्भावस्था की पूर्ण अवधि चल रही है।

     

    प्रजनन क्षमता पर थायराइड का असर

    आइए जानें थायराइड प्रजनन क्षमता को कैसे प्रभावित करता हैं। थायराइड आम तौर पर दो प्रकार (अन्‍डर एक्टिव थायराइड) हाइपोथायरायडिज्म और (ओवर एक्टिव थायराइड) हाइपरथायरायडिज्‍म का होता हैं। इन दोनो थायराइड में ही प्रजनन समस्याएं आती है।

    हाइपोथायरायडिज्म

    महिलाओं जिनको हाइपोथायरायडिज्म होता है उनको प्रजनन के सम्‍बन्‍ध में थोड़ी अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह बहुत आवश्यक है कि जो महिलाएं गर्भवती बनने पर विचार कर रही है उनको सबसे पहले इस बीमारी के लिए उचित चिकित्सा उपचार लेना चाहिए। तीव्र हाइपोथायरायडिज्म के उपचार के अभाव में बच्‍चे के विकास में अनके प्रकार की समस्‍याएं आती है, जैसे- बच्‍चा में कम बुद्धि, बौनापन, बच्‍चों के अंगो का ठीक प्रकार से न बनाना आदि। स्‍टील बर्थ और गर्भपात की घटनाएं भी हाइपोथायरायडिज्म के इलाज के अभाव में महिलाओं के सा‍थ में बढ़ रही हैं।

    thyroid

    हाइपरथायरायडिज्‍म

    जिन महिलाओं को हाइपरथायरायडिज्‍म होता है, उनको आमतौर पर प्रजनन सम्‍बन्‍धी कठिनाइयों का सामना कम करना पड़ता है। पर अक्सर उनका गर्भावस्‍था का समय अधिक कठिन होता है। हाइपोथायरायडिज्म की तरह हाइपरथायरायडिज्‍म में भी महिलाओं में गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा, अगर उनके थायरायड की हालत कम मॉडरेट है (जो एक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट द्वारा निर्धारित), तो वहां पर मां या बच्चे में से किसी को भी स्वास्थ्य जोखिम का थोड़ा ज्‍यादा खतरा रहता है। गंभीर हाइपरथायरायडिज्‍म होने पर महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप और संक्रमण होने की संभावना अधिक रहती है और साथ ही साथ बच्‍चों को भी कई परेशानियों से गुजराना पड़ता है।

    ऐसा माना जाता है कि गर्भावस्था की पहली छमाही के दौरान भ्रूण का विकास केवल थायराइड हार्मोन के लिए मां पर निर्भर करता है, इसलिए यह जरूरी है कि जिन महिला को थायराइड की बीमारी हो उनको उचित उपचार करवाना चाहिए। साथ ही साथ जिन महिलाओं को लगता है उनको थायरायड की समस्या हो सकती है उनको भी तुरंत अपने डॉक्टर से इस विषय की चिंताओं के बारें में बात करके उचित जांच की पेशकश करनी चाहिए।

     


    Read More Article on Thyroid in hindi.

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK