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प्रीडायबिटीज कम खतरनाक नहीं

लेटेस्ट By एजेंसी , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 21, 2013
प्रीडायबिटीज कम खतरनाक नहीं

प्रीडायबिटीज से भी किडनी फ‍ेलियर, अंधापन और रक्‍त-प्रवाह संबंधी गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं।

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प्रीडायबिटीज के कोई लक्षण नहीं होते, लेकिन यह कम खतरनाक नहीं।


अमेरिका के नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ हेल्‍थ एंड सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार, करीब आठ करोड़ अमेरिकी प्रिडायबिटीज के शिकार हैं। इनमें बीस वर्ष से ऊपर का हर चौथा अमेरिकी और 65 वर्ष की आयु से ऊपर हर दूसरा अमेरिकी नागरिक शामिल है। प्रिडायबिटीज उस चिकित्‍सीय अवस्‍था को कहते हैं जिसमें व्‍यक्ति के रक्‍त में ग्‍लूकोज की मात्रा सामान्‍य से अधिक होती है, लेकिन वह इतनी नहीं होती कि उसे डायबिटीज की श्रेणी में रखकर उसकी च‍िकित्‍सा की जा सके।


अमेरिका के ग्रीनविच की डॉक्‍टर नैंसी रेयान का कहना है कि प्रीडायबिटीज से ग्रस्‍त मरीजों को हृदयाघात, तंत्रिका विकृति और स्‍ट्रोक होने की आशंका काफी अधिक होती है। डॉक्‍टर रेयान, एडवांस डायबिटीज मैनेजमेंट रेयान ने कहा, अगर इसे नजरअंदाज कर दिया जाए, तो प्रिडायबिटीज से ग्रस्‍त आधे लोगों को आगे चलकर डायबिटीज होने की आशंका रहती है। इससे किडनी फ‍ेलियर, अंधापन और रक्‍त-प्रवाह संबंधी गंभीर समस्‍याएं हो सकती हैं।


इसके पीछे दो कारण हो सकते हैं। इसके पीछे अनुवांशिक कारण भी हो सकते हैं, साथ ही यह इस पर भी निर्भर करता है कि शरीर की चर्बी कहां जमा होती है। जिन लोगों के पेट पर, कुल्‍हों अथवा जांघों की अपेक्षा अधिक चर्बी होती है, उन्‍हें इस प्रकार की बीमारियां होने की आशंका अधिक होती है। अधिक चर्बी कई तरह के रोगों को न्‍योता देती है। इससे इनसुलिन बनने की गति पर रफ्तार लगती है, जिससे डायबिटीज, रक्‍त में ग्‍लूकोज की अधिक मात्रा, उच्‍च रक्‍तचाप और बुरे कोलेस्‍ट्रोल की मात्रा भी बढ़ सकती है। साथ ही अच्‍छा कोलेस्‍ट्रोल भी शरीर से कम हो सकता है।


अक्‍सर नियमित जांच के दौरान ही प्रीडायबिटीज का पता चल जाता है। और पता चलते ही इसे दूर करने के प्रयास शुरू किए जाने चाहिए।


डॉक्‍टर रेयान का कहना है कि प्रीडायबिटीज को वेक-अप कॉल की तरह लेना चाहिए। इस पर‍ि‍स्थिति को आहार और व्‍यायाम के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। और इससे निजात पाने के बाद आपके जीवन में सकारात्‍मक बदलाव आएगा।' डॉक्‍टर रेयान का कहना है कि पौष्टिक आहार, वजन को नियंत्रित रखना और पैदल चलना, आदि को अपनी दिनचर्या का हिस्‍सा बनाकर आप इसके संभावित दुष्‍प्रभावों से बच सकते हैं। डॉक्‍टर रेयान एक डायरी बनाने की भी सलाह देती हैं। उनका कहना है कि इस डायरी में अपना खानपान और कसरत आदि सभी बातें लिखनी चाहिए। इसके साथ ही सप्‍ताह में कम से कम 150 मिनट व्‍यायाम जरूर करना चाहिए।


रेयान का कहना ह‍ै कि अगर आप प्रीडायबिटीज स्थिति में हैं, तो अपने शरीर के वजन का पांच से सात फीसदी, अथवा अधिकतर लोगों में दस पाउंड तक, वजन कम करके आप टाइप टू डायबिटीज का खतरा 58 फीसदी तक घटा सकते हैं।

 

 

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