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गले के कैंसर से बचाव के तरीके

कैंसर By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 09, 2013
गले के कैंसर से बचाव के तरीके

अगर गले के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लिया जाए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाए तो इस बीमारी से बचा जा सकता है। अपनाएं कुछ खास और गले के कैंसर से दूर रहें।

यह जरूरी नहीं कि अगर आप सिगरेट या तबाकू का किसी भी रूप में सेवन नहीं करते हैं, तो गले का कैंसर नहीं होगा। महानगरों में तेजी से पाव पसारती यह बीमारी न सिर्फ सिगरेट पीने और तबाकू लेने वालों को अपना शिकार बना रही है, बल्कि उनकी सगत में आने वाले व आसपास रहने वाले लोग भी इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। 20 से 25 वर्ष के युवा भी इस बीमारी की चपेट में आकर उम्र से पहले ही अपनी जान गंवा रहे हैं। हालांकि 40 से 50 की आयु वाले लोग इस बीमारी की सर्वाधिक मार झेल रहे हैं।

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गले के कैंसर से बचाव

अगर गले के कैंसर के शुरुआती लक्षणों को गंभीरता से लिया जाए और तुरंत डॉक्टर से संपर्क किया जाए तो इस बीमीरी से बचा जा सकता है। लेकिन अगर इसके प्रति लापरवाही बरती जाए तो फिर चिकित्सक भी लाचार हो जाते हैं। ऐसे में बेहतर है कि शरीर में दिखने वाले मामूली लक्षणों के प्रकट होने पर तत्काल विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लिया जाए। गले के कैंसर से बचने के लिए आवश्यक है खान-पान की आदतों में सुधार लाना। हानिकारक नशे का सेवन छोड़कर इस रोग से बचा जा सकता है।  


तंबाकू और शराब से दूरी

तंबाकू का सेवन छोड़ देना चाहिए। पान-मसाला, कच्ची सुपारी आदि का उपयोग भी बंद कर देना चाहिए। तंबाकू युक्त मंजन भी इसका कारण हो सकता है, इसलिए ऐसे मंजन का प्रयोग ना करें। कैंसर से बचने के लिए शराब से दूर रहना चाहिए।


मोटापे पर नियंत्रण करें

ज्यादा तले, भुने, मिर्च-मसाले युक्त आहार प्रतिदिन नहीं खाना चाहिए। अधिक चर्बीयुक्त खाद्य पदार्थों से भी परहेज करें। इसके अतिरिक्त मोटापे पर नियंत्रण भी कैंसर से बचाव के लिए लाभकारी है क्योंकि यह पाया गया है कि मोटे लोगों को कैंसर होने की संभावना अधिक होती है।

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फाइबर युक्‍त आहार

भोजन में विटामिन ‘सी’ और ‘बी’ से भरपूर पदार्थों जैसे- गाजर, आंवला, अमरूद, नींबू, हरी सब्जियां सलाद इत्यादि को पर्याप्त मात्रा में शामिल कर इस रोग से बचा जा सकता है। प्रयोगों द्वारा यह सिद्ध हो चुका है कि विटामिन ‘सी’ और ‘बी’ तथा भोजन में रेशों की मात्रा शरीर को कई तरह के कैंसर से बचाती है। रेशायुक्त खाद्य लेने से आंतों के कैंसर से सुरक्षा मिलती है।
    

40 साल की उम्र के पश्चात या दो वर्षों के अंतराल में कैंसर के लिए शरीर की जांच करवाना भी कैंसर की रोक-थाम में सहायक होता है। केवल गले के कैंसर से ही नहीं, अपितु कई तरह के अन्य कैंसरों से भी इन उपायों द्वारा बचा जा सकता है।


Image Source : Getty
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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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