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पच्‍चीसवां हफ्ता यानी गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही

Updated at: Nov 07, 2013
गर्भावस्‍था
Written by: अन्‍य Published at: May 26, 2011
पच्‍चीसवां हफ्ता यानी गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही

गर्भावस्‍था के 25वें हफ्ते में महिला के शरीर में कई तरह के शारीरिक परिवर्तन होते हैं, साथ ही यह तीसरी तिमाही की शुरूआत भी है। 25वें हफ्ते के बारे में जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

गर्भावस्था का पच्‍चीसवां हफ्ता चल रहा है। यानी आप गर्भावस्था की तीसरी तिमाही में प्रवेश कर गई हैं। इस समय आपका शरीर कई तरह के शारीरिक परिवर्तनों के दौर से गुजरता है।

twenty fifth week of pregnancy
गर्भावस्‍था के हफ्तों में, 25वें से 28वें हफ्ते के बीच में तीसरी तिमाही की शुरूआत मानी जाती है। इस समय कई शारीरिक परिवर्तन होते हैं। अभी गर्भ में पल रहा शिशु पैदा होने के लिए बहुत छोटा लग सकता है, लेकिन अभी काफी समय बाकी है। बच्‍चे के बढ़ते हुए वजन की रफ्तार में कुछ कमी आएगी, लेकिन यह चिंताजनक नहीं है। जल्द ही, एक बार फिर बच्‍चे का वजन तेजी से बढ़ने लगेगा। आप मां बन चुकी महिलाओं से बात करके शिशु की हलचल महसूस करके यह अटकल भी लगा सकती हैं कि होने वाला शिशु लड़का होगा या लड़की।

सोनोग्राम पर, आप बच्चे की बनावट, रंग और आंखों को देख सकती हैं। जन्म के बाद इन सभी में परिवर्तन हो सकता है। अब आपके शरीर को दूसरी तिमाही कि तुलना में अधिक दर्द और थकान महसूस होनी शुरू हो सकती है। शरीर यदि आराम मांगता है, तो इसे आपको आराम देना चाहिए। आपके शरीर पर पड़ने वाला तनाव बच्‍चे पर भी पड़ता है। कुछ दिन बाद आप अपने पैरों को देख पाने में असमर्थता महसूस करेंगी और आपको जूते के फीते बांधने में भी परेशानी होगी।

यदि आप पहली बार गर्भवती हुई हैं तो आपको यह पता होना चाहिए कि इस सप्‍ताह के बाद समय पूर्व प्रसव जोखिमभरा होता है। यह अक्षम गर्भाश्‍य ग्रीवा या गर्भाश्‍य में संक्रमण के कारण हो सकता है। यदि गर्भाश्‍य ग्रीवा फटती है तो आपको शेष गर्भावस्था के लिए अस्पताल में ही रहना पड़ सकता है। बच्चे के इस हफ्ते में पैदा होने पर उसके जीवित रहने की संभावना बहुत कम होती है। जन्म के समय कम वजन के कारण बच्‍चा संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होता है। यही कारण है कि गर्भावस्था के इस चरण में तनाव ना लेना और खुद की देखभाल करना जरूरी है।

बच्चे का विकास

बच्चे वजन बढ़ना धीमा हुआ है। बच्चा अभी भी बढ़ रहा है लेकिन पहले कि तरह देखने लायक रुप में नहीं है। इस समय आपको चिंता नहीं करनी चाहिए। बच्‍चे का विकास फिर से कुछ दिनों बाद अपनी पुरानी गति में शुरू हो जाएगा। बच्चे की हड्डियों में कठोरता आनी शुरु हो गई है और सोनोग्राम की मदद से आप बच्चे को अंगूठा चूसते हुए देख सकती हैं। सफेद कोटिंग बच्चे की रक्षा करती है। यह एमनिओटिक तरल पदार्थ के अम्ल से बच्चे की रक्षा करती है और बच्चे को शरीर की गर्मी बनाए रखने के लिए मदद करेगी।

बच्चे की जिव्हा कि स्वादग्रंथियां विकसित हो रही हैं और वे नमकीन व मीठे स्वाद का अंतर बता सकती हैं। गर्भाश्‍य में बच्चे के लिए कम जगह बची है, इसलिए आपको बच्चे कि अधिक हलचल महसूस होगी। शिशु के हाथ और पैरों के नाखून का पूरी तरह से गठन हुआ है। बच्चे का सिर और शरीर अपने अनुपात में आ गए हैं।

शरीर में होने वाले परिवर्तन

पच्चीसवें हफ्ते में आपको पेट पर लाल या भूरे रंग के निशान दिखाई दे सकते हैं, ये खिंचाव के निशान हैं। आप सक्रिय रह कर अधिक निशान होने से बचा सकती हैं। खिंचाव के निशानों को कोकोआ मक्खन या मॉश्‍चराजर का उपयोग करके कम किया जा सकता है। इस समय आप तंग कपड़े पहनने से दूर रहे। खिंचाव के निशान बच्‍चे के जन्‍म लेने के बाद हल्‍के पड़ जाएंगे।

आपको आंखों में सूखापन या प्रकाश के लिए संवेदनशीलता का अनुभव हो सकता है। आप कृत्रिम आंसू या नमकीन घोल का उपयोग कर सकती हैं। अपने आहार को समायोजित करने की कोशिश करें, अधिक विटामिन और खनिज का समावेश करे। विटामिन की कमी सूखी आंखों के कारणों में से एक है। इसके अलावा, बच्चे के जन्म के बाद आपके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार होगा।

गर्भावस्था के इस स्तर पर, आपको अत्यधिक गर्मी और पसीने का अनुभव हो सकता है। साफ और ढीले कपड़े आपको पहनने चाहिए। हाइड्रेटेड रहे और पानी का ज्‍यादा सेवन करें। कैफीन युक्‍त पेय से दूर रहे, वे आपको और अधिक प्यासा कर देंगे।

क्या उम्मीद की जाती है

पच्चीसवें हफ्ते में आपका फ्रो एनीमिया की जांच के लिए एक और रक्‍त परीक्षण होगा। यदि आपके डॉक्‍टर को पहले से ही इसके बारे में संदिग्धता है, तो वह आपकी आयरन खुराक निर्धारित करते हैं। यह रक्‍त परीक्षण सिर्फ एक सावधानी के तौर पर होता है। आपकी त्वचा में पहली तिमाही की तरह खुजली फिर से शुरू हो सकती है। त्वचा में खिंचाव होने के कारण निशान होते हैं।

इन स्थितियों से बचने के लिए आप डॉक्‍टर को आप अपनी समस्याओं के बारे में बताएं। ये सभी समस्‍याएं आपके लिए आम हो सकती हैं, लेकिन डॉक्‍टर के लिए ये समस्‍याएं और कुछ भी साबित कर सकती हैं। आप गर्भावस्था के तीसरी तिमाही में हैं, इसलिए आपको अपनी जीवन शैली को बनाए रखना अहम है। अब सुस्त रहने का समय नहीं है, अब कदम उठाकर बाकी तीन महीनों से तेजी से गुजरने का समय है। अपने शरीर कि सुनना एक स्वस्थ गर्भावस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

यदि आप थकी हुई हैं तो शरीर को आराम देने की जरूरत है। चक्कर आने का कारण ज्‍यादा काम करना हो सकता है। यह हमेशा याद रखे कि आपके स्‍वास्‍थ्‍य से ही बच्‍चे का स्‍वास्‍थ्‍य जुड़ा हुआ है। गर्भावस्था के दौरान अच्छी मुद्रा बनाए रखने की कोशिश करना महत्वपूर्ण हो सकता है। इस की मदद से आगे चलकर रीढ़ की समस्या से बचने में मदद मिलेगी।

सुझाव

डॉक्‍टर द्वारा दिए जाने वाले परामर्श पर गौर करे और उनके सभी सुझावों का पालन करें। अब बच्चे की देखभाल के लिए की जाने वाली सभी तैयारियों को पूरा करने का समय है। यदि आप पहली बार मां बनने वाली है तो आपको ज्‍यादा शॉपिंग करनी होगी। ऐसे में आप समय निकालकर जो भी खरीददारी कर सके, अच्‍छा होगा।

 

 

 

 

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