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    गर्भावस्‍था के 28वें हफ्ते में शरीर में होते हैं कई बदलाव

    गर्भावस्‍था By Aditi Singh , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 09, 2016
    गर्भावस्‍था के 28वें हफ्ते में शरीर में होते हैं कई बदलाव

    गर्भावस्‍था के 28वें हफ्ते से आपको अपना पहले से ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत होती है। इस हफ्ते के बारे में ज्‍यादा जानकारी के लिए इस लेख को पढ़ें।

    गर्भावस्था के अट्ठाइसवें हफ्ते से आपका वजन ज्‍यादा बढ़ने लगता है और यह गर्भावस्था के अंतिम चरण तक जारी रहेगा। अब आपको नियमित तौर पर डॉक्‍टर के पास जांच के लिए जाना होगा। यदि आपकी प्रेग्‍नेंसी में कोई समस्या है, तो आपको जल्दी-जल्दी डॉक्टर के पास जाना होगा और अधिक सोनोग्राम करने होंगे।बच्चे के स्वास्थ्य और सुरक्षित जन्म के लिए यह सब किया जाता है। गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं का आरएच एंटीबॉडी के लिए परीक्षण सकारात्मक आता है। अगर आपके मामले में ऐसा है, तो डॉक्टर आपको अट्ठाइसवें हफ्ते में और 36वें सप्‍ताह में डी विरोधी इंजेक्शन देंगे। आप प्रसव पूर्व जानकारी देने वाली कक्षाओं में प्रवेश ले सकती हैं। इनमें आपको प्रसव के बारे में और अस्पताल से घर जाने के बाद आपको क्या करना होगा इस के बारे बताया जाएगा।

    • आपने बच्चे की देखभाल के लिए जरूरी सामान और बच्चे के नाम की सूची तैयार करना शुरू कर दी होगी। पहली बार गर्भवती हुई महिलाओं को दूसरी तिमाही का लाभ लेना चाहिए। यह समय वास्तव में बच्चे के लिए जरूरी चीजों की खरीदारी और संग्रहण का है। जब आप तीसरी तिमाही में प्रवेश करती हैं, तो आपको और अधिक आसानी से रहने की सलाह दी जाएगी और पहले तिमाही जैसी थकान आपको फिर से महसूस होगी।
    • इस समय बच्चे की लंबाई करीब 16 इंच और वजन दो से ढाई पाउंड हो जाएगा। बच्चे की त्वचा इस स्तर पर झुर्रियों वाली होती है। बच्‍चा लैनुगो (नरम छोटे बाल) से आच्छादित है। अट्ठाइसवें हफ्ते में आंखें खोल सकता है और भौहों व पलकों का अच्‍छे से गठन हो जाएगा। बच्‍चे की एंजाइम प्रणाली और एन्डोक्रिनोलोजिकल प्रक्रिया अब विकसित हो गई है। अब बच्‍चा पहले के मुकाबले ज्‍यादा घूमने शुरू कर देगा और आपको जल्दी ही उसकी लात मारने की हलचम महसूस होगी।
    • अंगों के गठन के बाद अब बच्चे के अंग विकसित हो रहे हैं। यदि बच्चा इस स्तर पर पैदा होता है, तो उसे ज्‍यादा देखभाल की जरूरत होती है। अब बच्चे के फेफड़ें भी परिपक्व होने जा रहे हैं, जब आप डॉक्टरी जांच के लिए जाती हैं, तो आपको बच्चे के श्‍वसन की गतिविधी नजर आएगी। गर्भावस्था के अंतिम दो महीने बच्चे के शरीर प्रणालियों व अंगों के लिए अहम हैं। इस समय बच्चा जन्म के लिए तैयार हो रहा है, उसके अंग विकसित हो रहे हैं, यह एक स्वस्थ प्रसव सुनिश्चित करने में मदद करेंगे।
    • अब मितली और उल्टी की समस्‍या बहुत कम हो गई होगी। दूसरी तिमाही शारीरिक व मानसिक रूप में अच्छा समय है। गर्भावस्था की प्रगति होने के साथ गर्भाश्‍य के दबाव से पहले की तुलना में दिल में अधिक जलन पैदा हो सकती है। गर्भाश्‍य का ऊपरी भाग, नाभी से लगभग डेढ़ से दो इंच की दुरी पर है। कब्ज का अनुभव हो सकता है, यह इसलिए होता है क्योंकि बच्चा निचले बृहदान्त्र पर दबाव डाल रहा है।
    • गर्भावस्था के अट्ठाइसवें हफ्ते में प्रगति होगी, आपका और अधिक वजन बढ़ेगा। वजन बढने से आपको ज्‍यादा थकान महसूस होगी। इस समय भी आपके स्तनों के आकार में वृद्धि होना जारी है। अब गर्भवती महिला के वजन में औसतन 17 से 24 पाउंड तक की बढ़ोतरी होगी। जिन लक्षणों को आपने पहली तिमाही के दौरान महसूस किया था, अंतिम तिमाही में फिर से महसूस होंगे।
    • अंतिम तिमाही में आपको डॉक्‍टर के पास दो सप्‍ताह में एक बार जाना चाहिए। जिन महिलाओं को ज्‍यादा परेशानी है, उनको डॉक्‍टर हर हफ्ते जांच के लिए बुला सकता है। तीसरी तिमाही में कई बार बच्‍चा जन्‍म लेने की स्थिति में नहीं होता। ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है, अभी समय बाकी है बच्चा पलटेगा और सिर सही दिशा में आएगा। आपको सिर दर्द, पीठदर्द, खुजली और दिल में जलन शुरू हो सकती है।
    • एक बार फिर से आपको मितली आने की समस्‍या हो सकती है। आप संतुलित आहार का सेवन जारी रखे। यह गर्भावस्था का बहुत महत्वपूर्ण समय है, बच्चे के पैदा होने से पहले आपको अधिक पोषण की जरूरत होती है। आपके वजन में 17 से 24 पाउंड तक की बढ़ोतरी होनी चाहिए। यदि आपका वजन ज्‍यादा है, तो डॉक्‍टर इस बारे में आपको पहले ही संकेत दे देंगे। यदि वे कुछ नहीं कहते, तो चिंता ना करे।

    यदि आप वजन के बारे में चिंतित हैं, तो डॉक्टर से बात करे। डॉक्‍टर आपको स्वस्थय के लाभकारी आहार के बारे में बताएंगे। आपको भोजन के बाद टहलने और हफ्ते कुछ दिन तैराकी की सलाह दी जाती है। व्यायाम से आपको बेहतर महसूस होगा। यदि आगे की डॉक्टरी जांच या प्रसव की योजना के बारे में कोई सवाल है, तो डॉक्टर से इस बारे में बात करने का यह सही समय है।

     

     


    Image Source-Getty

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