• shareIcon

गर्भवती 3 महीने बाद ना करें ये गलतियां, शिशु पर पड़ेगा असर

गर्भावस्‍था By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jun 28, 2018
गर्भवती 3 महीने बाद ना करें ये गलतियां, शिशु पर पड़ेगा असर

गर्भवती महिला को अपना ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। ये सिर्फ महिला की सुरक्षा के लिहाज से ही नहीं बोला जाता है। 

गर्भवती महिला को अपना ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है। ये सिर्फ महिला की सुरक्षा के लिहाज से ही नहीं बोला जाता है। बल्कि इसमें शिशु की सुरक्षा भी होती है। वैसे तो गर्भावस्था के पूरे 9 महीने ही महिला को अपना ध्यान रखने की जरूरत होती है। लेकिन 3 महीने बाद स्थिति पहले के मुकाबले थोड़ी अधिक गंभीर हो जाती है। जिसके चलते महिलाओं को अपने लाइफस्टाइल के साथ ही अपने खानपान भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है।

गर्भावस्था के दूसरे व तीसरे तिमाही में महिलाओं के शरीर में परिवर्तन आना शुरू हो जाता है। तीसरे महीने के बाद भ्रूण के विकसित होने के साथ ही महिलाओं का पेट बढ़ने लगता है, जिससे महिलाओं को कई तरह के सामान्य दर्द का सामना करना पड़ता है। गर्भावस्था के पहले 12 हफ्तों में महिलाओं के हार्मोन में होने वाले बदलाव, पोषण की जरूरत व निम्‍न रक्‍त चाप (लो ब्लड प्रेशर) की वजह से कई समस्याएं होती हैं। अपनी इन समस्याओं के बारे में अपने डॉक्टर से बात करके महिलाएं गर्भावस्था में आने वाली समस्याओं का सामना कर सकती हैं। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बता रहे हैं जिसे हर गर्भवती को फॉलो करना चहिए। 

इसे भी पढ़ें : प्रेगनेंसी के दौरान हर महीने बदलते हैं लक्षण, जानिये क्या हैं ये

पोषणयुक्त डाइट है जरूरी

हर महिला को गर्भावस्था के दौरान पोषणयुक्त डाइट लेनी चाहिए। इस समय पर महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा पौष्टिक आहार की जरूरत होती है। क्योंकि आप जो भी खाएंगी उसका असर शिशु के विकास पर भी होगा। गर्भावस्था के पहले 12 हफ्तों में महिलाओं को प्रोटीन, विटामिन व मिनरल ज्यादा से ज्यादा लेना चाहिए जिससे आपके शिशु का विकास ठीक से हो सके । इस दौरान आपको अनाज से बनी हुई चीजें, फल, हरी सब्जियां व लो फैट वाले दुग्ध उत्पाद अधिक मात्रा में लेने चाहिए। साथ ही अपने डॉक्‍टर से यह भी पूछना चाहिए कि गर्भावस्था में जरूरी आयरन, कैल्शियम, विटामिन डी व फोलेट की पर्याप्त मात्रा किस प्रकार ली जाए।

व्यायाम भी है जरूरी

गर्भावस्था के पहली तिमाही में व्यायाम करने से महिलाएं को तनाव व अनिद्रा राहत मिलती है। विशेषज्ञों के मुताबिक ज्यादातर महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी व्यायाम कर सकती हैं, लेकिन इस बारे में अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। अपनी मर्जी से कभी कोई व्यायाम करना शुरू ना करें। अगर आप गर्भावस्था में व्यायाम की शुरुआत करना चाहती हैं तो नियमित रुप से आधा घंटा टहलना, स्वीमिंग, पिलातेस व योग अभ्यास किया जा सकता है। व्यायाम के दौरान ब्लड प्रेशर व ब्लड शुगर में बदलाव के कारण पहली तिमाही में चक्कर आना व थकान की समस्या हो सकती है। अगर इस तरह की कोई भी समस्या हो तो व्यायाम करना बंद कर दें और लेट जाएं इससे आप थोड़ी देर में बेहतर महसूस करने लगेंगी।

इसे भी पढ़ें : गर्भवती शिशु की खुशी में ना करें पति को इग्नोर

ये बातें भी है जरूरी

  • गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान व नशे की चीजों से जितना हो दूर रहे।
  • चाय और कॉफी का अधिक सेवन ना करें।
  • अधिक मेकअप ना करें और बाहर जाते वक्त ज्यादा छोटे कपड़े पहनने से बचें।
  • खुले में मिलने वाले जूस को ना पीएं। जब भी जूस पीना हो घर पर बनवाएं या फिर बाहर हैं तो अपने सामने जूस बनवा कर ही पीएं।
  • नॉनवेजिटेरियन फूड्स, अंडा व मछली जैसी चीजों का सेवन सीमित मात्रा में ही करें और डॉक्टर की सलाह पर ही करें। क्योंकि इनमें बैक्टिरियां होते हैं, जिससे सीधे तौर पर शिशु प्रभावित होता है।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Articles On Pregnancy In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK