शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ और फिट रहने में मदद करती है जिंदगी के प्रति सकारात्‍मक सोच और खुश रहना: शोध

Updated at: Jul 27, 2020
शारीरिक रूप से स्‍वस्‍थ और फिट रहने में मदद करती है जिंदगी के प्रति सकारात्‍मक सोच और खुश रहना: शोध

यदि आप जीवन में खुशी खोजते हुए, जिंदगी के प्रति सकारात्‍मक सोच रखते हैं, तो आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्‍वस्‍थ और फिट रहने में मदद मिलती है।

Sheetal Bisht
लेटेस्टWritten by: Sheetal BishtPublished at: Jul 27, 2020

सकारात्‍मक सोच और खुश रहने से आपकी आधी समस्‍याओं का हल हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है कि जब तक आप सकारात्मक हैं, तब तक आप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में काम करेंगे और समस्‍याओं को हल करने की कोशिश करेंगे। वहीं नकारात्‍मक सोच या निराशा आपकी समस्‍याओं और स्‍वास्‍थ्‍य जोखिमों, दोनों को बढ़ा सकती है। आपका जिंदगी के प्रति नजरिया सही और सकारात्‍मक होना, आपको शांति देगा और आपको शाररिक रूप से भी स्‍वस्‍थ रखेगा। जी हां, हाल में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने शारीरिक कल्याण और सकारात्मक दृष्टिकोण के बीच संबंध स्थापित किया है। आइए यहां जानिए क्‍या कहता है ये नया शोध। 

Being Happy

सकारात्‍मक दृष्टिकोण और स्‍वास्‍थ्‍य के बीच संबंध

जर्नल साइकोलॉजिकल साइंस ने हाल ही में एक अध्ययन प्रकाशित किया है, जो इस बात पर केंद्रित है कि जीवन में एक खुश और सकारात्मक दृष्टिकोण आपके शारीरिक स्वास्थ्य पर कैसे सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अध्‍ययन में पाया गया है कि आपका जीवन के प्रति सकारात्मक रवैया आपकी समस्याओं को हल कर सकता है। यह न केवल आपको आंतरिक शांति देगा बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखेगा।

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Postive Outlook

शोधकर्ता कोस्टाडिन कुशलेव, जो मनोविज्ञान विभाग, जॉर्ज टाउन विश्वविद्यालय, वाशिंगटन, डीसी में एक प्रोफेसर हैं, ने कहा: "हमारा शोध बेतरतीब ढंग से नियंत्रित परीक्षणों में से एक है, जो यह बताने के लिए है कि सकारात्‍मक दृघ्टिकोण से मनोवैज्ञानिक कल्याण को बढ़ाने के साथ-साथ आमतौर पर स्वस्थ वयस्कों को भी उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभ हो सकता है।'' 

25 से 75 वर्ष के आयुवर्ग के साथ हुआ अध्‍ययन 

इस शोध में शोधकर्ताओं 25 से 75 वर्ष की आयु के लगभग 155 वयस्कों को शामिल किया। यह शोध लगभग तीन महीने तक किया गया, जहां टीम ने प्रतिभागियों को उनकी ताकत, मूल्यों और लक्ष्य को पहचानने में मदद की। 12-सप्ताह के कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, प्रतिभागियों को मूल्यांकन किया गया। जिसमें शोध टीम ने प्रतिभागियों के साथ उनके स्वास्थ्य और कल्याण का विश्लेषण करने कर उनको फॉलोअप किया। 

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Stay Happy Stay Fit

कोस्टाडिन कुशलेव ने कहा, "ये परिणाम ऐसे हस्तक्षेपों की संभावनाओं पर बात करते हैं, जो वातावरण में अधिक लोगों तक पहुंचते हैं जैसे कि कॉलेज कैंपसों में खुशी को बढ़ाने और छात्रों के बीच बेहतर मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।" यह अध्‍ययन सीधे तौर पर बताता है कि खुश रहना आपको स्वस्थ रहने में मदद कर सकता है। इसलिए खुश रहें, सकारात्मक रहें और स्वस्थ रहें।

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