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पोर्नोग्राफी से कमजोर होती है याद्दाश्‍त

सभी By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 18, 2012
पोर्नोग्राफी से कमजोर होती है याद्दाश्‍त

पोर्नोग्राफी इंटरनेट पर सबसे ज्‍यादा देखी जाने वाली चीजों में है।

ponography se kamjor hoti hai yaddast

पोर्नोग्राफी इंटरनेट पर सबसे ज्‍यादा देखी जाने वाली चीजों में है। दुनिया भर में करोड़ों लोग इसे देखते हैं। लेकिन, इस पोर्नोग्राफी के कई नकारात्‍मक प्रभाव भी हैं। अश्‍लील फिल्‍म देखने वाले कई प्रकार की मानसिक और सामाजिक विकृतियों का शिकार हो जाते हैं। हाल ही में हुए एक शोध में यह बात सामने आई है। इस शोध को करने वाली जर्मन शोधकर्ताओं की टीम का तो यहां तक कहना है ‍कि पोर्नोग्राफ्री की लत याद्दाश्‍त को भी गहरा नुकसान पहुंचाती है। यूनिवर्सिटी ऑफ डिइसबर्ग इस्‍सेन के शोधकर्ताओं के मुताबिक अल्‍पकालिक स्‍मरणशक्ति पर नकारात्‍मक असर पड़ने से दिनचर्या प्रभावित होती है। और जब दिनचर्या बिगड़ जाती है तो जाहिर तौर पर व्‍यक्ति के स्‍वास्‍थ्‍य पर भी उल्‍टा असर पड़ता है।

 

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शोधकर्ताओं ने दिमाग के सूचनाओं को एकत्रित करने ओर निर्णय करने के लिए जिम्‍मेदार हिस्‍से का अध्‍ययन किया। शोध में शामिल पुरुषों को स्‍वेच्‍छा से कुछ तस्‍वीरें देखने के लिए दी गईं। इनमें से कुछ तस्‍वीरें अश्‍लील थीं जबकि बाकी सामान्‍य।

 

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सामान्‍य तस्‍वीरों में लोगों को काम करते हुए, हंसते या खेलते हुए दिखाया गया था। इसके बाद वैज्ञानिकों ने पहले ही देखी गयी तस्‍वीरों को दोबारा दिखाया और पाया कि अश्‍लील तस्‍वीरें देखने वाले महज 67 फीसदी लोग ही इनकी सही पहचान कर सके। जबकि साफ सुथरी तस्‍वीरें देखने वालों में से 87 फीसदी तक लोगों की पहचानने की क्षमता सही थी।

 

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