कृत्रिम वर्षा से प्रदूषण नियंत्रण करेगी दिल्ली सरकार!

Updated at: Nov 07, 2016
कृत्रिम वर्षा से प्रदूषण नियंत्रण करेगी दिल्ली सरकार!

एक हफ्ते बाद भी नहीं हटने वाले दिल्ली के प्रदुषण को हटाने के लिए अब केजरीवाल सरकार कृत्रिम वर्षा के उपाय पर विचार कर रही है।

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Nov 07, 2016

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को गैस चैंबर बनने से रोकने के लिए केजरीवल सरकार कृत्रिम वर्षा कराने की सोच रही है। दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को देखते हुए केजरीवाल सरकार ने रविवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलवाई और इस समस्या पर विचार-विमर्श किया। प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए सरकार ने कई उपायों की घोषणा की। जिनमें अगले कुछ दिनों तक निर्माण कार्य पर रोक, कूड़ा जलाने पर पाबंदी, जेनरेटर जलाने पर पाबंदी और सड़कों पर पानी का छिड़काव व अन्य कदम उठाए जाने का जिक्र किया। यह अन्य कदम है कृत्रिम बारिश।

 

सरकार करवा सकती है कृत्रिम बारिश

बैठक के पश्चात केजरीवाल ने प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम बारिश की संभावना पर भी विचार करना शुरू कर दिया है। दरअसल बारिश से हवा में तैरते प्रदूषण के कण को धरातल पर बैठाने में मदद मिलेगी जिसके बाद ही ये धुंध छट पाएगी। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इसके लिए उनकी सरकार केंद्र से बात करेगी। कृत्रिम बारिश को क्लाउड सीडिंग भी कहा जाता है।

कैसे होती है कृत्रिम बारिश?

कृत्रिम बारिश करवाने के लिए छोटे-छोटे आकार के रॉकेटनुमा यंत्र में केमिकल भर कर आकाश में दागे जाते हैं। इन रॉकेटनुमा यंत्र में केमिकल के तौर पर सिल्‍वर आयोडाइड का इस्‍तेमाल किया जाता है। यह केमिकल आकाश में उपस्थित बादलों से रासायनिक क्रिया कर बारिश करवाता है। इस प्रयोग से सामान्य तौर पर 20 किलोमीटर के दायरे में बारिश होती है। वैज्ञानिक सिद्धांत के मुताबिक, केमिकल से भरा रॉकेट आकाश में दागे जाने के 45 मिनट बाद कृत्रिम बारिश होती है।


महाराष्ट्र में हो चुकी है कृत्रिम बारिश

कृत्रिम वर्षा का उपाय महाराष्ट्र सरकार 2003 में अपना चुकी है जो काफी सफल रहा था। महाराष्ट्र में 2003 में सरकार ने 5 करोड़ 40 लाख रुपये खर्च करके 22 तालुकाओं में कृत्रिम बारिश का प्रयोग किया था।

 

Read more Health news in Hindi.

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK