• shareIcon

प्रदूषण से दिल्ली का बुरा हाल, लोगों का जीना हुआ मुहाल

लेटेस्ट By ओन्लीमाईहैल्थ लेखक , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 07, 2016
प्रदूषण से दिल्ली का बुरा हाल, लोगों का जीना हुआ मुहाल

दिल्ली पर छाए प्रदूषण की धुंध से यहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को सांस से संबंधित बीमारियों से लेकर सिरदर्द और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

एक बड़े मीडिया संस्थान में कार्यरत राकेश परमार पिछले 15 वर्षों से दिल्ली में रहते हैं लेकिन पिछले एक हफ्ते के दौरान उन्हें सांस लेने में जितनी दिक्कत हो रही है उतनी पहले कभी नहीं हुई। वह उत्तराखंड के रहने वाले हैं और दिल्ली के प्रदूषण की मार के दुख को फेसबुक पर बयां करते हए उन्होंने लिखा है, 'दिल्ली में दम घुटता रहा है, लेकिन सांस लेने में पहली बार इतनी ज्यादा तकलीफ महसूस कर रहा हूँ। 17000 फीट जैसी। वहाँ तो हवा का कम दबाव था, यहाँ यह क्या है? सड़क पर पसरी यह धुंध कमरे तक घुस रही है। सांसों में घुल रही है।'

राकेश प्रदूषण की वजह से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं झेलने वाले अकेले व्यक्ति नहीं हैं, बल्कि करोड़ों की आबादी वाली देश की राजधानी दिल्ली के लगभग हर निवासी का लगभग यही हाल है। कोई घातक प्रदूषण की वजह से आंखों में जलन की समस्या से जूझ रहा है तो किसी को भयानक सिरदर्द की समस्या ने जकड़ रखा है। दमा और एलर्जी के मरीजों का और भी बुरा हाल है। बच्चों की सेहत पर तो इस प्रदूषण का दुष्प्रभाव इतना है कि दिल्ली सरकार ने अगले तीन दिन तक यहां के सभी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है।

Pollution


प्रदूषण ने किया लोगों का जीना मुहाल

दिवाली के बाद से ही दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है और दिल्ली में प्रदूषण का स्तर पिछले 17 वर्षों में सबसे अधिकतम स्तर पर पहुंच गया है। इसका असर सामान्य जनजीवन पर साफ देखा जा सकता है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए हुई आपात बैठक में दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसकी तुलना 'गैस चैंबर' से कर दी।

 

केजरीवाल ने लोगों से अपील की वे जितना संभव हो घर में ही रहें ताकि प्रदूषण के दुष्प्रभावों में आने से बच सकें। प्रदूषण के कारण नवंबर के महीने में जनवरी जैसी धुंध छा गई है लेकिन ये कोहरा नहीं बल्कि स्मोग है, जोकि धुएं और वातावरण में मौजूद कोहरे के कारण होता है। यानी ये धुंध जहरीली गैसों का आवरण है जिसने दिल्ली को अपनी गिरफ्त में ले रखा है।

 

स्मॉग की चादर में लिपटी दिल्ली, लोगों में बढ़ी बीमारियां

इस खतरनाक स्मॉग की चादर में लिपटी दिल्ली में रहने वाले लोगों की जिंदगी पर इसका बुरा असर पड़ा है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले एक हफ्ते के दौरान उनके पास अस्थमा, एलर्जी, सांस की तकलीफ, आंखों में जलन जैसी समस्याओं से पीड़िती मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है।

 

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को कम से कम बाहर निकलने दें, जिसे भी बाहर निकलना हो आंखों पर चश्मा लगाकर और मास्क पहनकर बाहर निकले, इसके अलावा बाहर से आने के बाद अपने दोनों हाथो को साबुन से धुलें और आंखों पर पानी के छींटें जरूर मारें।

सरकार प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कृत्रिम बारिश जैसे उपायों पर विचार कर रही है लेकिन इस समस्या से कब तक निजात मिलेगी, कह पाना मुश्किल है। फिलहाल तो प्रदूषण ने दिल्लीवालों का जीना मुहाल कर रखा है। 

 

Read more Health news in Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK