Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

आपको अच्छा नहीं, झूठा बनाता है दूसरों को खुश करना!

तन मन By Gayatree Verma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Nov 23, 2016
आपको अच्छा नहीं, झूठा बनाता है दूसरों को खुश करना!

झूठ को पहले विकल्प की तौर पर देखा जाता है क्योंकि ये लोगों के दिमाग में सबसे पहले आता है और इससे सामने वाले को भी खुशी होती है। इसलिए लोग गलत होते हुए भी झूठ बोलते हैं।

Quick Bites
  • हर किसी को हमेशा खुश करना आपका फर्ज नहीं।
  • आप हर किसी को हमेशा खुश नहीं रख सकते।
  • अपने मन की सुनो और खुद से झूठ मत बोलो।

आपकी जिंदगी में ऐसा कई बार हुआ होगा... आप जिसको नहीं पसंद करते हैं उससे भी आपको हंस कर बात करनी होती होगी। खासकर ऑफिस में और रिश्तेदारों के बीच ऐसा करना होता है।
फिल्म डियर जिंदगी में भी शाहरुख खान कहते हैं...
बचपन में जब रोना आता है तो बड़े कहते हैं आंसू पोछो...
जब गुस्सा आता है तो कहते हैं, जस्ट स्माइल... ताकि घर की शांति भंग ना हो...
नफरत करना चाहते थे तो इजाजत नहीं थी, और अब जब प्यार करना चाहते हैं तो पता चलता है कि ये सारा इमोशनल सिस्टम ही गड़बड़ा गया है।
रोना, गुस्सा, नफरत... कुछ भी खुलकर एक्सप्रेस नहीं करने दिया... अब प्यार कैसे एक्सप्रेस करेंगे?


सही ही बात है। बचपन से ही जब झूठा बनने की और झूठ बोलने की सीख दी जाती है तो बड़ा होकर इंसान कैसे अच्छा और सच्चा इंसान बन सकता है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्यों बोलता है इंसान झूठ? क्यों दी जाती है इंसान को झूठ बोलने की सीख?

 

पहला विकल्प

झूठ को पहले विकल्प के तौर पर देखा जाता है क्योंकि ये लोगों के दिमाग में सबसे पहले आता है और इससे सामने वाले को भी खुशी होती है।
जी हां, सामने वाले को खुशी।
एक तो सबको अपनी तारीफ सुननी पसंद आती है और हमें बचपन से, सिखाया ही ये जाता है कि वही बोलो जो सामने वाले को पसंद आए। इसलिए जब आपसे कोई पूछता है कि, वो कैसा लग रहा है... तो आप तुरंत बोलते हैं- बहुत अच्छा। इससे सामने वाला भी खुश और आप भी खुश।

लेकिन ये गलत है! इसे इस तरह से समझें

आप और आपका दोस्त खाना खाने जाते हैं। आपका दोस्त आपसे अपने भाई को भी लाने के लिए पूछता है। आप उसके भाई को नहीं पसंद करते हैं। लेकिन फिर भी आपके दोस्त को बुरा ना लगे इसलिए हां बोल देंगे। अब आप, आपका दोस्त और दोस्त का भाई साथ में खाना खा रहे हैं। इस स्थिति में ना आप अच्छे से व्यवहार कर रहे हैं और ना आपके दोस्त का भाई। ऐसे में आपका दोस्त भी ना आपको पूरी अटेंशन दे पाता है और ना आपके भाई को।
ऐसी स्थिति से तो अच्छा होता कि आप और आपका दोस्त ही खाना खा लेते।

 

नहीं रख सकते हर किसी को खुश

आप हमेशा हर किसी को खुश नहीं रख सकते। हर कोई हर किसी से अच्छा रिश्ता बनाकर नहीं रख सकता। और झूठ बोलना तो बिल्कुल भी किसी चीज को बनाकर रखने का कोई जरिया नहीं हो सकता। उल्टे इससे कई तरह की नई- नई समस्याएं ही खड़ी हो जाती हैं।
क्योंकि जब आपके अंदर की सच्चाई या दूसरों के बारे में आपकी राय किसी को पता चलेगी तो आपकी बनी बनाई अच्छी इमेज पूरी तरह खराब हो जाएगी।

 

हमेशा याद रखें

कूल रहो, स्माइल करो। कुछ लोगों के अनुसार ये किसी भी स्थिति को हैंडल करने का सबसे अच्छा तरीका है। लेकिन याद रखें इससे आपका मूड खराब हो जाएगा और धीरे-धीरे फेक स्माइल करते हुए आपके अंदर की मुस्कान गायब हो जाएगी। यहीं से तनाव जैसी समस्या शुरू होती है।

 

ये करें

कोई नहीं पसंद है तो आराम से धीरे से बोल दें कि हम दोनों की नहीं बन सकती तो, काम के अलावा कोई बात ना करें।
कहीं नहीं जाना है तो साफ मना कर दें।
नहीं हंसी आती है तो ना हंसें।
जब रोना आए तो रोएं। जब चिल्लाना हो तो चिल्लाएं।
अपने मन की सुनो और खुद से झूठ मत बोलो।

 

Read more articles on Healthy living in Hindi.

Written by
Gayatree Verma
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागNov 23, 2016

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK