रेड मीट की जगह प्लांट प्रोटीन और डेयरी आपकी आयु को बढ़ा सकती है, अध्ययन में हुआ खुलासा

Updated at: Mar 11, 2020
रेड मीट की जगह प्लांट प्रोटीन और डेयरी आपकी आयु को बढ़ा सकती है, अध्ययन में हुआ खुलासा

एक शोध के मुताबिक, रेड मीट की जगह प्लांट प्रोटीन और डेयरी आपकी आयु को बढ़ा सकती है और आपको बीमारियों से दूर रख सकती है। 

 

Vishal Singh
स्वस्थ आहारWritten by: Vishal SinghPublished at: Mar 11, 2020

अपने आपको स्वस्थ रखने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका एक ही है डाइट। जिन लोगों की डाइट बेहतर हो वो लंबे समय तक स्वस्थ रह सकता है साथ उसमें कई बीमारियों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ जाती है। लोग अपने आपको स्वस्थ रखने के लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन करना पसंद करते हैं। प्रोटीन हमारे स्वास्थ्य को हमेशा ठीक रखने का काम करता है। 

शरीर में प्रोटीन की पूर्ति करने के लिए सबसे ज्यादा लोग मीट का सहारा लेते हैं। लोगों का मानना है कि मीट का सेवन करने से उन्हें ज्यादा मात्रा में प्रोटीन की पूर्ति हो सकती है। लेकिन एक अध्ययन के अनुसार मीट की जगह अगर आप प्लांट प्रोटीन और डेयरी प्रोटीन का सहारा लेते हैं तो इससे आप ज्यादा लंबे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं। 

red meat

शोधकर्ताओं के मुताबिक, 29 प्रतिशत प्रतिभागियों को कोरोनरी हृदय रोग से मरने की संभावना उन लोगों की तुलना में काफी कम थी जो लोग प्लांट प्रोटीन की कम से कम मात्रा का सेवन करते थे। रेड मीट का कम सेवन करना और ज्यादा मात्रा में प्लांट प्रोटीन या डेयरी प्रोटीन का सेवन करने से आप लंबे समय तक स्वस्थ और बीमारियों से दूर रह सकते हैं। 

अमेरिका में हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं के अनुसार, अध्ययन में कुल 37 हजार अमेरिकी शामिल थे जिनमें से सभी की उम्र लगभग 50 के आसपास थी। सभी लोगों में से जो लोग सबसे ज्यादा मात्रा में प्रोटीन का सेवन करते थे, उनकी मृत्यु 27 प्रतिशत कम थी। 

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शोधकर्ताओं की टीम ने पाया कि पशु प्रोटीन से दैनिक कैलोरी के 5 प्रतिशत की जगह पौधों की कैलोरी के बराबर कैलोरी को किसी भी कारण से 50 प्रतिशत कम मृत्यु का खतरा है, इसमें कोरोनरी हृदय रोग भी शामिल है।

रोजाना की कैलोरी में से 2 प्रतिशत प्रोसेस्ड मीट प्रोटीन की जगह प्लांट प्रोटीन के बराबर कैलोरी के साथ मृत्यु के 32 प्रतिशत कम खतरा है। 

हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के पोस्ट-डॉक्टरल जीलेई शान ने बताया कि सिर्फ यही काफी नहीं है रेड मीट का त्याग करना, इसके साथ ही ये इस पर भी निर्भर करता है कि आप रेड मीट की जगह क्या खा रहे हैं। 

plant protein

शान ने कहा कि हेल्दी प्लांट प्रोटीन जैसे नट्स, फलियां और साबुत अनाज जैसे प्रोटीन से ज्यादा होते हैं, इसके साथ ही इसमें और भी कई फायदेमंद न्यूट्रीएंट्स को शामिल किया जाता है जैसे- फैट, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन्स और मिनिरल्स। ये सभी न्यूट्रीएंट्स क्रोनिक डिजीज के कम खतरे से जुड़ा हुआ होता है जैसे- डायबिटीज(Diabetes), कार्डियोवस्कुलर डिजीज(Cardiovascular disease) और कुछ कैंसर(Cancers)। 

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शोध कर रही टीम के शोधकर्ताओं के मुताबिक, एक दिन रेड और प्रोसेस्ड रेड मीट की जगह आप नट्स, फलियां और साबुत अनाज या डेयरी का विकल्प था जो करीब 47 प्रतिशत कम पुरुषों में ह्दय रोग से जुड़ा हुआ था। आप रोजाना किसी एक तरह का रेड मीट की जगह उसी मात्रा के नट्स को रखा, किसी भी शख्स की कैलोरी में बढ़ोतरी नहीं हुई जिनका 17 प्रतिशत हार्ट अटैक से मौत के कम खतरे से जुड़ा हुआ था। 

वहीं, दूसरी ओर शोधकर्ताओं का कहना था कि रेड मीट की जगह साबुत अनाज को विकल्प रखें जिसका नतीजा हार्ट अटैक से पुरुषों की मौत का खतरा करीब 48 प्रतिशत कम था। 

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