Social Media And Eating Disorder: सोशल मीडिया पर फोटो पोस्‍ट करने का जुनून बन सकता है ईटिंग डिसऑर्डर का कारण

Updated at: Jun 03, 2020
Social Media And Eating Disorder: सोशल मीडिया पर फोटो पोस्‍ट करने का जुनून बन सकता है ईटिंग डिसऑर्डर का कारण

अगर आपको रोजाना तस्वीरों को एडिट करने और पोस्ट करने की आदत है, तो इससे आप ईटिंग डिसऑर्डर के साथ-साथ डिप्रेशन के शिकार हो सकते हैं। 

Sheetal Bisht
लेटेस्टWritten by: Sheetal BishtPublished at: Jun 03, 2020

आजकल हर कोई सोशल मीडिया पर एक्टिव रहता है। क्या आप भी रेगुलर अपडेट या पोस्ट करने और सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करने के लिए जुनूनी हैं? अगर हां, तो यह आपके लिए एक अच्‍छी आदत नहीं है। अगर आप या कोई व्‍यक्ति सोशल मीडिया के लिए क्रेजी है और हर मूवमेंट को कैप्‍चर कर सोशल मीडिया पर पोस्‍ट करता है यानि रोजाना कम से कम एक तस्वीर पोस्ट किए बिना सो नहीं सकता है, तो उन्हें बताएं कि वे बड़ी परेशानी में हैं। यह जुनून आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सोशल मीडिया पर रेगुलर पोस्‍टिंग या जुनून के मनोवैज्ञानिक प्रभावों को ध्यान में रखते हुए पाया गया है कि यह व्‍यक्ति को ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार बना सकता है। इतना ही नहीं इससे व्‍यक्ति धीरे-धीरे डिप्रेशन की ओर भी बढ़ सकता है। आइए सोशल मीडिया और आपकी सेहत के बीच क्‍या संबंध हैं, इस लेख में आगे जानें। 

Obsession on Social Media

हम वास्तविक दुनिया और हमारे आस-पास के लोगों की तुलना में सोशल मीडिया इंटरैक्शन में अधिक भागीदारी के साथ एक आभासी जीवन जी रहे हैं। ज्यादातर युवा, भले ही वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ बैठे हों, फिर भी वे अपने स्मार्टफ़ोन और सोशल मीडिया के इस्‍तेमाल में ही चिपके रहते हैं। युवा पीढ़ी अपने साथ हो रहे हर एक मूवमेंट और लाइफ इंवेंट को सोशल मीडिया पर लोगों के साथ शेयर करना और दस्तावेज के रूप में रखना पसंद करती है, चाहे वह अच्छा हो या बुरा। लेकिन, दूसरी ओर, वे बिना फोटो फिल्टर लगाए या एडिटिंग के फोटो को पोस्ट करना पसंद नहीं करते हैं। कुछ लोग इस बारे में काफी गंभीर हैं, वहीं कुछ लोग मजे के लिए ऐसा करते हैं। हालाँकि, यह मज़ा गलत हो सकता है क्योंकि यह आपको ईटिंग डिसऑर्डर का शिकार बना सकता है। 

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सोशल मीडिया पोस्‍टिंग और ईटिंग डिसऑर्डर 

अमेरिका में फ्लोरिडा स्टेट यूनिवर्सिटी ने एक शोध किया, जो 'इंटरनेशनल जर्नल ईटिंग डिसऑर्डर' पत्रिका में प्रकाशित हुआ। इस अध्ययन के अनुसार, फोटो एडिट करके उन्‍हें अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर पोस्‍ट करने करने का जुनून ईटिंग डिसऑर्डर को ट्रिगर कर सकता है। फोटो में फिल्टर जोड़ने की आदत का ईटिंग डिसऑर्डर के विकास के साथ सीधा संबंध है।

Social Media May Give You A Eating Disorder

कई लोग अपनी फोटो को यह सोचकर एडिट करते हैं कि वास्तविक फोटो पोस्ट करने के योग्य नहीं है। शोध दल ने पाया कि ऐसे लोगों में वजन और फैट की समस्‍याएं देखी गई।  हैरानी की बात है, उनमें से ज्यादातर कॉलेज के छात्र हैं, जो अपने फोटो को अधिक अच्‍छा और पसंद किए जाने की उम्मीद में फोटो एडिट करते हैं। यह आदत चिंता को जन्म देती है जब वे मनचाहे लाइक और कमेंट प्राप्त नहीं करते हैं, वे तनावग्रस्त और चिंतित हो जाते हैं। यह चिंता तब खाने के मुद्दों का कारण बनती है क्योंकि यह क्रेविंग को कम करता है और वे सभी फोटो की परवाह करते हैं, भोजन नहीं। 

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अध्ययन के सह-लेखक पामेला के केल ने कहा, “जैसा कि अधिक लोग जुड़े रहने के लिए सोशल मीडिया की ओर रुख करते हैं, दूसरों को भी वैसा ही देखना महत्वपूर्ण है, जैसा कि आप हैं। हमने देखा है कि एडिट की गई फोटो की तुलना में, इंस्टाग्राम पर अनएडिट फोटो के लिए लाइक या कमेंट की संख्या में कोई कमी नहीं है। यह जानकर कि आप कैसे दिखते हैं, इसे बदलने के लिए हानिकारक दबाव को कम कर सकते हैं।

डिप्रेशन का भी बन सकता है कारण 

Social Media and Depression

यह जुनून रुकता नहीं है, बल्कि यह किसी व्यक्ति को डिप्रेशन की स्थिति में धकेल सकता है। हद तो यह है कि वह समय के साथ मानसिक अस्थिरता विकसित करता है। माता-पिता को अपने बच्चों के काम पर ध्यान देने की आवश्यकता है और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि उनकी सोशल मीडिया उपस्थिति के बारे में जांच करें। बाद में, आप उन्हें इस स्थिति से निपटने में मदद करने के लिए एक काउंसलर के पास भी ले जा सकते हैं।

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