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फास्फोरस की कमी से कमजोर होते हैं दांत और मसूड़े, इन आहारों से करें इसकी पूर्ति

स्वस्थ आहार By Rashmi Upadhyay , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 18, 2019
फास्फोरस की कमी से कमजोर होते हैं दांत और मसूड़े, इन आहारों से करें इसकी पूर्ति

फास्फोरस एक ऐसा तत्व है जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। शरीर में इसकी मात्रा बराबर रहे तो शरीर ठीक तरह से काम कर पाता है। इसकी कमी होने पर शरीर को कई तरह के नुकसान होने लगते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक व्यक्ति को अपने बेहतर स्वास्थ्य के ल

फास्फोरस एक ऐसा तत्व है जो हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी है। शरीर में इसकी मात्रा बराबर रहे तो शरीर ठीक तरह से काम कर पाता है। इसकी कमी होने पर शरीर को कई तरह के नुकसान होने लगते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक व्यक्ति को अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए रोज 700 मिलीग्राम फास्‍फोरस की आवश्यकता होती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इसे प्राप्त करने के स्त्रोत भी बहुत सारे हैं। शाकाहारी और मांसाहारी दोनों के पास फास्फोरस को प्राप्त करने के भरपूर स्त्रोत होते हैं। फास्‍फोरस ही वह तत्व है जिसकी बदौलत हमारी किडनी बेहतर रूप से काम करती है। सिर्फ सही नहीं हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए भी यह बहुत जरूरी तत्व है। जिन लोगों का वजन जल्दी बढ़ जाता है उनके लिए फास्फोरस मेटाबॉलिज्‍म को सामान्य रखता है। यह शरीर में जमा फैट को बर्न करने में मदद करता है। यह अधिक कैलोरी को बर्न करने मे भी सहायक होता है। जब शरीर में इसकी कमी होती है तो हड्डियां तो कमजोर होती है साथ ही अर्थराइटिस, दांतों का कमजोर होना और मसूड़ों में दिक्कत जैसी समस्याएं होने लगती है। फास्‍फोरस की कमी से आपको भूख में कमी और सामान्‍य संक्रमण भी हो सकते हैं। 

ताजा सब्जियों को ज्यादा न पकाएं

अगर आप भोजन को सही प्रकार से नहीं पकाते तो फास्‍फोरस से भरपूर खाद्य पदार्थ भी अपनी पौष्टिकता खो देते हैं। ताजा सब्जियों को अधिक तापमान पर पकाने से उसके पोषक तत्‍व नष्‍ट हो जाते हैं। अगर आप फलों से संपूर्ण पौष्टिकता हासिल करना चाहते हैं, तो आपको चाहिये कि आप उनका जूस पीने के बजाय उन्‍हें कच्‍चा ही खायें। मछली, मीट या अंडे आदि बनाते समय उनमें बहुत ज्‍यादा तेल या घी इस्‍तेमाल करने से भी मिनरल के पोषक तत्‍वों का हृास होता है।

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हड्डियों के लिए फास्फोरस

फास्‍फोरस शरीर के लिए दूसरा सबसे महत्‍वपूर्ण मिनरल है। यह साबित हुआ है कि फास्‍फोरस और आयरन कैल्शियम के साथ मिलकर आपकी हड्डियों की सेहत को मजबूती देने का काम करते हैं। अर्थराइटिस और कमजोर हड्डियों की समस्‍या को दूर करने के लिए आपको अपने भोजन में फास्‍फोरस का स्‍तर बढ़ाना चाहिये। फास्‍फोरस टूटी हड्डियों को जोड़ने और उन्‍हें सही प्रकार से काम करने की प्रक्रिया में मदद करता है। मसूड़ों और दांतों की बीमारी को दूर करने के लिए फास्‍फोरस का प्रयोग किया जाता है। यह दांतों के इनेमल और मसूड़ों को मजबूती प्रदान करता है। अर्थराइटिस के कारण होने वाले दर्द को दूर करने के लिए आपको अपने आहार में इस तत्‍व की मात्रा बढ़ाने के प्रयास करने चाहिये।

क्या है फास्फोरस के स्त्रोत

  • गेहूं से बने ब्रेड की एक स्लाइस में लगभग 57 मिलीग्राम फास्‍फोरस मौजूद होता है। यदि आपको फास्‍फोरस की मात्रा बढ़ानी है तो व्हीट ब्रेड को अपने आहार में शामिल करें, और हां, यह शायद आपके बजट के बाहर भी नहीं होगा।
  • सामान्यतः मांसाहार लोग चिकन के फायदों को जाने बिना ही इसका सेवन करते हैं। लेकिन आपको यह बताते चलें कि 75 ग्राम चिकन के जरिये आप 370 ग्राम फास्‍फोरस  हासिल कर सकते हैं। आप चाहें तो चिकन की तुलना व्हीट ब्रेड या मंच नट्स से कर सकते हैं। चिकन के जरिये आप अपने रोजाना फास्‍फोरस  की जरूरत को आसानी से पूरा सकते हैं।
  • यदि आप मछली पसंद करते हैं तो समुद्री मछलियों की कतई अनदेखी न करें। असल में 75 ग्राम मछली से प्रतिदिन की एक तिहाई फास्‍फोरस  की जरूरत को पूरा किया जा सकता है। दरअसल 75 ग्राम मछली के जरिये 238 ग्राम फास्‍फोरस  हासिल होता है।
  • लोग यही सोचते हैं कि चीज़ अस्वस्थ आहार है। अतः इसका सेवन करना कतई सही नहीं है। जबकि यह एक गलत धारणा है। सच्चाई यह है कि चाहें आप पिज्जा में लगा चीज खाएं या फिर अन्य खाद्य पदार्थ में। इसके सवेन से आपको अच्छी खासी मात्रा में फास्‍फोरस  मिलता है। 50 ग्राम चीज़ से लगभग 250 ग्राम फास्‍फोरस  मिलता है।
  • भूख लगने की स्थिति में लौकी के बीज बेहरतीन टाइम पास होते हैं। नियमित 100 ग्राम लौकी के बीज अवश्य खाएं। जानते हैं क्यों? दरअसल 100 ग्राम लौकी के बीज में 100 मिलीग्राम फास्‍फोरस  होता है। अतः यह न सिर्फ आपकी भूख मिटाता है बल्कि आपको स्वस्थ भी बनाता है।
  • जिन लोगों को लौकी के बीज खाने पसंद न हों वे बादाम को तरजीह दे सकते हैं। असल में बादाम फास्‍फोरस  का बेहतरीन स्रोत है। लेकिन यह ध्यान रखें कि एक कप के एक चैथाई बादाम से आप सिर्फ 200 मिलीग्राम फास्‍फोरस  ही हासिल कर सकते हैं।

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