डेंगू और मलेरिया के खतरनाक मच्छरों का मौसम है बारिश, घर के पानी वाले जगहों के आस पास लगाएं ये कीटनाशक पौधे

Updated at: Jul 02, 2020
डेंगू और मलेरिया के खतरनाक मच्छरों का मौसम है बारिश, घर के पानी वाले जगहों के आस पास लगाएं ये कीटनाशक पौधे

पौधे सिर्फ ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि कीट-पतंगों से भी बचाते हैं। वहीं कुछ खास किस्म के पलांट्स कीटभक्षी भी होते हैं, जो मच्छरों को खा जाते हैं।

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आयुर्वेदWritten by: Pallavi KumariPublished at: Jul 02, 2020

मॉनसून आ गया है और इसके साथ आती हैं बारिश वाली बीमारियां। यह मच्छरों और जल जनित रोगों का मौसम है। इस मौसम में मच्छर पनपते हैं और अपने साथ डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी बीमारियां लेकर आते हैं। आप मक्खियों, मकड़ियों और ऐसे कई सारे प्रसार को भी नोटिस कर सकते हैं। इन कीड़ों द्वारा काटे जाने वाली बीमारियां बड़ी तेजी से फैलती हैं। बेशक, आप हमेशा कीटनाशकों का उपयोग करके घर को और अपने आप को बचाए रख सकते हैं, पर ये सावधानियां आपको पूरे बारिश के महीनों के अंत तक ध्यान में रखना होगा। इस समस्या से बचे रहने का एक और तरीका है कीट निरोधक पौधों को लगना। हां, ऐसे कई पौधे हैं जो कीटों को दूर रख सकते हैं और कुछ तो इसे खा भी जाते हैं। सबसे अच्छी बात यह है कि ये पौधे आपके घर को उज्ज्वल करेंगे और इससे घर में अच्छे वाइब्स भी आएंगे।

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घर के मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए कीटनाशक पौधे

मैरीगोल्ड्स

ये खूबसूरत सुनहरे फूल एक ऐसी खुशबू देते हैं जो मच्छरों के लिए प्रतिकारक है। इसकी खुशबू से मच्छर भाग जाते हैं और आप आसानी से अपने सामने और पिछले दरवाजे के पास इन पौधों को लगा सकते हैं। इन पौधों की सबसे अच्छी बात यह है कि आप इन्हें गमलों में भी उगा सकते हैं। साथ ही जहां आप अपना कूलर रखते हैं उसके आसपास दो गमलों में इसे लगा कर रख सकते हैं। इससे मच्छर दूर रहेंगे।

यूट्रीकुलेरिया

इसे ब्लैडरवर्ट भी कहा जाता है। यह ज्यादातर साफ पानी में पाया जाता है। इसकी कुछ प्रजाति पहाड़ी सतह वाली जगह में भी मिलती हैं। बारिश के दौरान इसी ग्रोथ अधिक होती है। इसकी पत्तियां गोल गुब्बारेनुमा होती हैं। जैसे ही कोई कीट-पतंगा इसके नजदीक आता है इस मौजूद रेशे उसे जकड़ लेते हैं। पत्तियों में निकलने वाला एंजाइम कीटो को खत्म करने में मदद करता है। आप इसे अपने घर के पानी वाले जगहों पर लगा सकते हैं।

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गुलदाउदी

ये फूल किसी भी स्थान को रोशन कर सकते हैं और इसे जीवंत बना सकते हैं। यह मच्छरों को दूर रखने के लिए सबसे अच्छे पौधों में से एक है। चींटियों, बीटल्स, कॉकरोच, सिल्वरफिश, बिस्तर वाले कीड़े, मकड़ी के कण और टिक्क जैसे बहुत सारे खतरनाक कीड़े-मकोड़े आपके घर में इस मौसम अंडा दे सकते हैं। ऐसे में इन कीट से बचने के लिए गुलदाउदी के पौधे, बग रिपेलेंट्स के रूप में कारगार हो सकते हैं।

सिट्रोनेला ग्रास

सिट्रोनेला ग्रास मच्छरों को दूर रखने के कारगार तरीकों में से एक है। यह सबसे अच्छा प्राकृतिक मच्छर प्रतिकारक में से एक है। इसका ताजा महक जादू की तरह काम करती है। इन्हें गमले में उगाना और इसे ऐसी जगह पर रखना अच्छा रहेगा, जहां आप अपना ज्यादातर समय बिताते हैं। नींबू जैसी सुगंध वाली सिट्रोनेला घास अन्य कीट पतंगों को भी दूर रखेगी।

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पुदीना

यह एक तीखी गंध वाला एक और पौधा है जो मच्छरों, मक्खियों और यहां तक कि चींटियों सहित कई बगों के लिए प्रतिकारक है। इस पौधे में एक आवश्यक तेल होता है जो बग के काटने से राहत दे सकता है। इसलिए इसकी गंध से ही मच्छर दूर भागते हैं। इसे एक फूल के बर्तन में लगाना सबसे अच्छा है।

पिचर प्लांट

इसे नेपिन्थिस के नाम से भी जाना जाता है। यह कीटभक्षी पौधा असम की खसिया और गारो पहाड़ियों पर पाया जाता है। इसकी पत्तियों के सिरे पर एक सुराही जैसा आकार होता है। यही इसका फंदा है जिसमें यह कीट-पतंगों को फंसाता है। यह सुराही डेढ़ से आठ इंच तक लंबी होती है। इसके मुंह और किनारे की ओर शहद की थैलियां होती हैं। कीट पतंगे सुराही के रंग से आकर्षित होकर शहद के लालच में अपनी जान गंवा बैठते हैं। चिकनी दीवार के कारण ये रेंगकर बाहर भी निकल नहीं पाते। इसके तल में रस रहता है जो इन्‍हें जल्‍दी ही पचा जाता है और पचे हुए भाग को इसकी दीवारें सोख लेती हैं। इसे घटपर्णी के नाम से भी जाना जाता है।

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तुलसी

तुलसी की तीखी खुशबू मच्छरों के लार्वा के लिए विषाक्त है। वास्तव में, अगर आप इसे किसी भी कठोर जल निकाय के पास लगाते हैं, तो यह मच्छरों को प्रजनन करने से रोकेगा। यह मक्खियों और अन्य कीड़ों को भी दूर रख सकता है। इसके अलावा, यह पौधा संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ के साथ आता है। खांसी को ठीक करने के लिए आप शहद के साथ कुछ पत्तियों को चबा सकते हैं, जो इस मौसम में बहुत आम है।

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