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हेल्दी दिखने वाले ज्यादातर लोग हैं विटामिन की कमी के शिकार: रिसर्च

लेटेस्ट By Anurag Gupta , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 26, 2019
हेल्दी दिखने वाले ज्यादातर लोग हैं विटामिन की कमी के शिकार: रिसर्च

जरूरी नहीं कि आप बाहर से स्वस्थ नजर आते हैं, तो अंदर से भी स्वस्थ हों। हाल में हुए अध्ययन में पता चला है कि बाहर से स्वस्थ रहने वाले ज्यादातर भारतीय लोगों में जरूरी विटामिन्स की कमी है। जानें किस तरह आप विटामिन्स की कमी पूरी करेंगे।

 

हो सकता है आप शरीर से स्वस्थ नजर आते हों और आपको कोई रोग या समस्या न हो, मगर फिर भी आपके शरीर में जरूरी विटामिन्स की कमी हो सकती है। हाल में हुए एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि शहरों में रहने वाले ज्यादातर लोग दिखने में भले स्वस्थ नजर आते हों, मगर उनमें विटामिन्स की कमी पाई जाती है। ये स्टडी 30 से 70 साल के 270 लोगों पर कई गई है। इंडिया साइंस वायर में छपे इस अध्ययन के अनुसार भारत में ऐसे लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है, जो विटामिन की कमी होने के बावजूद बाहर से स्वस्थ नजर आते हैं।

इस अध्ययन में कुल मिलाकर 147 पुरुष और 123 महिलाओं को शामिल किया गया। इन सभी लोगों के खून की जांच की गई और निष्कर्ष निकाला गया। इस अध्ययन में ज्यादातर लोगों में विटामिन बी-12 की कमी पाई गई। इसका एक मुख्य कारण यह है कि विटामिन बी-12 बहुत कम शाकाहारी आहारों में पाया जाता है। इस विटामिन के समृद्ध स्रोत मछलियां, अंडे और समुद्री जीव होते हैं। भारत में बहुत सारे लोग शाकाहारी हैं, जिसके कारण उन्हें ये विटामिन पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाता है।

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क्या कहता है अध्ययन?

इस अध्ययन के मुताबिक 46% से ज्यादा लोगों में विटामिन बी-12, 32% से ज्यादा लोगों में फॉलेट यानी विटामिन बी-9 और 29% से ज्यादा लोगों में विटामिन डी की कमी पाई गई। शहरों में विटामिन डी की कमी का एक प्रमुख कारण यह है कि यहां लोग धूप में जाना बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं, जबकि विटामिन डी का सबसे अच्छा स्रोत सुबह की ताजी धूप होती है।

भारत में सबसे ज्यादा महिलाएं एनीमिया का शिकार

शरीर में आयरन की कमी के कारण पर्याप्त हीमोग्लोबिन नहीं बन पाते हैं। हीमोग्लोबिन की कमी एनीमिया रोग का कारण बनती है। आंकड़ों की मानें तो भारत में 65% से ज्यादा महिलाएं शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया का शिकार हैं। इसकी एक बड़ी वजन पीरियड्स और प्रेग्नेंसी के दौरान बह जाने वाला खून है। कई ग्रामीण और पिछड़े इलाकों की महिलाएं पीरियड्स के दौरान पर्याप्त साफ-सफाई नहीं रखती हैं, जिससे उनमें अनावश्यक रूप से खून का नुकसान होता है।

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आधे से ज्यादा लोगों में होमोसिस्टीन की मात्रा बढ़ी मिली

शरीर में होमोसिस्टीन का बढ़ना कई तरह से खतरनाक हो सकता है। इसके कारण हार्ट स्ट्रोक, ऑस्टियोपोरोसिस, हड्डियों का फ्रैक्चर और डिमेंशिया जैसे रोगों का खतरा बढ़ जाता है। इस अध्ययन में शामिल 52% लोगों में होमोसिस्टीन की मात्रा बढ़ी हुई पाई गई।

कैसे करें विटामिन्स की कमी पूरी?

बाहर से स्वस्थ नजर आने वाले ज्यादातर लोगों के भीतर कई तरह की बीमारियां घर करती रहती हैं। रेगुलर जांच के द्वारा इन बीमारियों और शारीरिक समस्याओं को सही समय पर कंट्रोल किया जा सकता है और खतरे को कम किया जा सकता है। इसके अलावा खानपान में संतुलन बरतने से भी आप अपने शरीर में विटामिन्स की कमी पूरी कर सकते हैं। अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा मोटे अनाज, ताजे फल, हरी-रंगीन सब्जियां और नट्स आदि शामिल करें। इसके अलावा दूध और दूध से बने उत्पादों को अपने आहार में जगह दें।

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Written by
Anurag Gupta
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 26, 2019

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