क्या होता है हॉट फ्लैशेस? डॉ. दीपिका अग्रवाल से जानें महिला स्वास्थ्य से जुड़े ऐसी ही जरूरी सवालों के सही जवाब

Updated at: Sep 23, 2020
क्या होता है हॉट फ्लैशेस? डॉ. दीपिका अग्रवाल से जानें महिला स्वास्थ्य से जुड़े ऐसी ही जरूरी सवालों के सही जवाब

डॉ. दीपिका अग्रवाल ने महिलाओं से जुड़े उन सवालों के जबाव दिए, जो आज के समय में  हर महिला को जरूर जानना चाहिए।

Pallavi Kumari
महिला स्‍वास्थ्‍यWritten by: Pallavi KumariPublished at: Sep 23, 2020

महिलाओं के शरीर को समझना शुरुआत से ही थोड़ा जटिल रहा है। इसी तरह महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे भी अलग और जटिल हैं। हाल ही में 'ऑनली माई हेल्थ' ने महिलाओं से जुड़े कुछ मुद्दों पर डॉ. दीपिका अग्रवाल से बात की, जो कि एक प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। हमने उनके साथ महिला स्वास्थ से जुड़े कई आम और गंभीर मुद्दों जैसे पीसीओडी, हॉट फ्लैशेस, प्रेग्नेंसी औप मेनोपॉज आदि पर बातचीत की, जहां उन्होंने इन तमाम चीजों से जुड़े गंभीर सवालों के जबाव दिए, जिन पर अक्सर महिलाएं बात करने से कतराती हैं। तो आइए विस्तार से जानते है डॉ. दीपिका अग्रवाल ने इन तमाम महिला स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी सवालों पर क्या-क्या जवाब दिए।

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1.क्या होते हैं हॉट फ्लैशेस?

डॉ. दीपिका अग्रवाल बताती हैं कि हॉट फ्लैशेस उन महिलाओं में बहुत सामान्य है, जो कि प्री मेनोपॉज फेज से गुजर रही हैं। दरअसल ये मेनोपॉज आने से 4-5 साल पहले यानी कि पीरियड्स बंद हो जाने से पहले का फेज होता है, जहां महिलाएं अलग-अलग लक्षणों को महसूस करती हैं। जैसे कि इसमें अक्सर महिलाओं को बहुत तेज गर्मी लगती है। यहां तक कि सर्दियों में भी पसीना आता है और तेज गर्मी लग सकती है। पर इन सबसे परेशान होने वाली बात नहीं है क्योंकि ये नेचुरल, जो कि होर्मोनल असंतुलन के कारण होता है। दरअसल 50 की उम्र तक आते-आते महिलाओं में एस्ट्रोजन होर्मोन की कमी हो जाती है। वहीं बात अगर हॉट फ्लैशेस पर काबू पाने की करें, तो  डॉ. दीपिका अग्रवाल का मानना है कि सबसे पहले हमें नेचुरल चीजों की मदद लेनी चाहिए। इसके लिए 

  • -सोया प्रोडक्ट्स का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें
  • -खूब एक्सरसाइज करें। इससे हड्डियां भी मजबूत रहेंगी और होर्मोनल संतुलन भी ठीक रहेगा।
  • -विटामिन-ई लें

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2.पीसीओडी के कारण होर्मोनल असंतुलन 

पिंपल्स और एक्ने की परेशानी की बात करें, तो ये उतना ही नहीं जितना कि ये हमारे चेहरे पर दिखता है। दरअसल इसके पीछे कुछ गंभीर कारण होते हैं। डॉ. दीपिका की मानें, तो आज पीसीओडी या पीसीओएस (PCOS or PCOD)की परेशानी महिलाओं में बड़ी तेजी से बढ़ रही है। दरअसल ये होर्मोनल असंतुलन के कारण होता है, जिसे एक स्ट्रेसफुल और खराब लाइफस्टाइल ट्रिगर करती है। आज ये छोटी उम्र की लड़कियों को भी हो रहा है, जिसकी वजह से उन्हें एक्ने आदि की परेशानी हो सकती है। ऐसे में सबसे पहले तो त्वचा विशेषज्ञ की मदद लें और फिर किसी गाइनोकोलोजिस्ट को दिखा लें। वो कुछ ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड आदि करेंगे। इसमें ओवरिज और यूटरेस का चेकअप होता है, जिसमें ओवरिज को देखकर पता लगाया जाता है कि किसी को पीसीओडी है या नहीं? ऐसी महिलाओं को डायबिटीज, मोटापा, फेशियल हेयर्स, बांझपन आदि की परेशानी हो सकती है। ऐसी महिलाओं के लिए जरूरी है कि आपको 

  • -मोटापा कम करें, इसके लिए पहले तो डाइट कंट्रोल करें और हेल्दी चीजों को खाएं
  • - खूब एक्सरसाइज करें।
  • -लाइफस्टाइल को ठीक करें।
  • -जिन महिलाओं को पीसीओडी के कारण मां बनने की परेशानी हो रही है, उन्हें अपने डॉक्टरों से बात करनी चाहिए।
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3.कोरोनावायरस के इस टाइम में प्रेग्नेंसी प्लॉन करना कितना सुरक्षित है?

कोरोनावायरस के कारण जब लोग अपने घरों में समय बिता रहे हैं, ऐसे में बहुत से लोगों ने इस वक्त को प्रेग्नेंसी प्लॉन करने का सही समझ समझा है। डॉ. दीपिका अग्रवाल की मानें, तो ये आप पर है कि आपकी क्या प्लॉनिंग है पर अगर आप प्रेग्नेंसी प्लॉन कर भी रहे हैं, तो सावधानी जरूर बरतें। सोशल डिस्टेंसिंग जरूर बरतें, मास्क जरूर पहनें और खुद का ख्याल रखें। 

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4.क्या हैवी ब्लीडिंग सामान्य है या आपको चिंतित होना चाहिए?

डॉ. दीपिका कहती हैं कि हैवी ब्लीडिंग ऐसी चीज है जो कि आपको हो रही है, तो बिना सोचे समझे आपको अपने स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। भारी रक्तस्राव का सबसे आम कारण गर्भाशय में पॉलीप का विकास है जिसे एक अल्ट्रासाउंड से पहचाना जा सकता है। वहीं इसमें दवाई लेने से कोई नुकसान नहीं होता है और न ही आपकी फर्टिलिटी में कोई परेशानी आती है। साथ बात नेचुरल उपायों की करें, तो आप गर्म पानी से सेंक सकते हैं।

5.क्या मेनोपॉज को थोड़ा टाला जा सकता है?

मेनोपॉज के एजग्रुप आने के बाद जब 6 महीने तक हमें पीरियड्स नहीं आते, तो हमें समझ जाना चाहिए कि अब मेनोपॉज शुरू हो गया है। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये बहुत फंक्शनल है और हर किसी के शरीर के हिसाब से अलग-अलग तरह का होता है। वहीं बात जहां इसे टालने की आती है, तो डॉ. दीपिका अग्रवाल की मानें, तो नहीं, मेनोपॉज नेचुरल है इसे टाला नहीं जा सकता है। ये शरीर और उसके फंक्शन पर ही निर्भर करता हौ।

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तो डॉ. दीपिका अग्रवाल की बात मानते हुए अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। सबसे पहले तो अपना रूटीन सही करें, डाइट सही करें और खूब एक्सरसाइज करें। वहीं अगर आपको शरीर में हो रही कोई भी चीज परेशान करती है, तो कतराएं नहीं बल्कि खुल कर डॉक्टर के पास जाएं और उस बारे में बात करें।

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